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Lalitpur News: सिंचाई विभाग तैयार कर रहा भू-प्रतिकर कार्ययोजना
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उटारी बांध। फाइल फोटो।
ललितपुर। उटारी बांध परियोजना में डूब क्षेत्र में प्रभावित अवशेष भूमि और संपत्तियों के लिए सिंचाई विभाग करीब 33.34 करोड़ रुपये की भू-प्रतिकर कार्ययोजना तैयार करने में जुटा हुआ है। कार्ययोजना और धनराशि के स्वीकृत होने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। उटारी बांध परियोजना के पूर्ण होने और बांध में पानी का भंडारण होने के बाद इसके भराव क्षेत्र में कुछ गांवों के किसानों की जमीन परिसंपत्तियां डूबकर प्रभावित होने लगी थी।
जनपद के बानपुर-महरौनी क्षेत्र से निकली उटारी नदी पर वर्ष 2008 में 15.90 एमसीएम पानी भंडारण क्षमता के उटारी बांध परियोजना का काम शुरू हुआ था। इसके निर्माण के लिए 690.52 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने बांध का निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। बांध को पूरा करने के लिए एक निर्धारित समय तय किया गया था। लेकिन निर्धारित अवधि में यह परियोजना पूर्ण नहीं हो पाई थी। जिस कारण से इसकी लागत भी बढ़ गई थी। यह बांध परियोजना वर्ष 2022 में पूर्ण हुई और इसके संचालन की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग के राजघाट निर्माण खंड को सौंप दी गई थी। बांध का पूर्ण जलस्तर 326.80 मीटर और न्यूनतम जलस्तर 322.80 मीटर रखा गया। परियोजना के पूरी होने के बाद मानसून मौसम में बांध को पूर्ण क्षमता से भरा जाने लगा और किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने लगा। बांध के पूर्ण क्षमता से भरने पर परियोजना में डूब क्षेत्र में कुछ भूमि और संपत्तियां प्रभावित होने लगी थी। इसको लेकर सिंचाई विभाग करीब 33.34 करोड़ रुपये की भू-प्रतिकर कार्ययोजना तैयार कर रहा है। कार्ययोजना को स्वीकृति और धनराशि जारी होने के बाद किसानों को मुआवजा देने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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फैक्ट फाइल
- 326.80 मीटर पूर्ण जलस्तर
- 322.80 मीटर न्यूनतम जलस्तर
- 15.90 एमसीएम पानी भंडारण क्षमता
- 10.86 एमसीएम उपयोगी जल
- 22.500 किलोमीटर मुख्य नहर प्रणाली
- 2200 हेक्टेयर भूमि सिंचित
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उटारी बांध परियोजना के अवशेष भू-प्रतिकर के लिए लेखा शीर्षक में करीब 33.34 करोड़ रुपये परियोजना तैयार की जा रही है। इसको स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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जितेंद्र सिंह कनौजिया, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई कार्यमंडल ललितपुर।
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जनपद के बानपुर-महरौनी क्षेत्र से निकली उटारी नदी पर वर्ष 2008 में 15.90 एमसीएम पानी भंडारण क्षमता के उटारी बांध परियोजना का काम शुरू हुआ था। इसके निर्माण के लिए 690.52 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने बांध का निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। बांध को पूरा करने के लिए एक निर्धारित समय तय किया गया था। लेकिन निर्धारित अवधि में यह परियोजना पूर्ण नहीं हो पाई थी। जिस कारण से इसकी लागत भी बढ़ गई थी। यह बांध परियोजना वर्ष 2022 में पूर्ण हुई और इसके संचालन की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग के राजघाट निर्माण खंड को सौंप दी गई थी। बांध का पूर्ण जलस्तर 326.80 मीटर और न्यूनतम जलस्तर 322.80 मीटर रखा गया। परियोजना के पूरी होने के बाद मानसून मौसम में बांध को पूर्ण क्षमता से भरा जाने लगा और किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने लगा। बांध के पूर्ण क्षमता से भरने पर परियोजना में डूब क्षेत्र में कुछ भूमि और संपत्तियां प्रभावित होने लगी थी। इसको लेकर सिंचाई विभाग करीब 33.34 करोड़ रुपये की भू-प्रतिकर कार्ययोजना तैयार कर रहा है। कार्ययोजना को स्वीकृति और धनराशि जारी होने के बाद किसानों को मुआवजा देने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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फैक्ट फाइल
- 326.80 मीटर पूर्ण जलस्तर
- 322.80 मीटर न्यूनतम जलस्तर
- 15.90 एमसीएम पानी भंडारण क्षमता
- 10.86 एमसीएम उपयोगी जल
- 22.500 किलोमीटर मुख्य नहर प्रणाली
- 2200 हेक्टेयर भूमि सिंचित
उटारी बांध परियोजना के अवशेष भू-प्रतिकर के लिए लेखा शीर्षक में करीब 33.34 करोड़ रुपये परियोजना तैयार की जा रही है। इसको स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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जितेंद्र सिंह कनौजिया, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई कार्यमंडल ललितपुर।