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आदर्श रेलवे स्टेशन: पूछताछ कार्यालय में हाथ से लिखी जाती ट्रेन की लेट लतीफी
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ट्रेनों की सूचना पट
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। अगर आप ललितपुर स्टेशन पर आ रहे हैं, तो यहां आपको ट्रेन की लेटलतीफी जानने के लिए पूछताछ कार्यालय पर जाना पड़ेगा। आदर्श रेलवे स्टेशन का तमगा होने के बाद भी यहां लगा ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड शोपीस बनकर रह गया है। इसके साथ ही प्लेटफार्म पर कोच डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगे हैं।
कहने को तो ललितपुर रेलवे स्टेशन काफी वर्षों पहले आदर्श रेलवे स्टेशन की श्रेणी में आ चुका है, लेकिन आज भी रेलवे स्टेेशन पर कई यात्री सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा सकी हैं। यहां कई कमियों के चलते यात्रियों को ट्रेन की लेट लतीफी की सही स्थिति जानने के लिए पूछताछ कार्यालय में बोर्ड पर हाथ से लिखी जाने वाली स्थिति पर ही निर्भर रहना पड़ता है। वहीं मुख्य प्रवेश द्वार से प्रवेश करने पर पूछताछ कार्यालय के बगल में एप्रोच हॉल में करीब तीन वर्ष पहले लगाया गया ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड शोपीस बना हुआ है। इस पर अंग्रेजी में सिर्फ नॉर्थ सेंट्रल रेलवे लिखा आ रहा है। वहीं प्लेटफार्म संख्या एक पर किसी भी ट्रेन आने पर उस ट्रेन के कोच की स्थिति जानने के लिए आज तक कोच डिस्प्ले भी नहीं लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को ट्रेन का कोच खोजने में काफी दिक्कत होती है। खासतौर पर बुजुर्ग यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को ट्रेन के कोच तक पहुंचने के लिए भारी भरकम सामान लेकर दौड़ लगानी पड़ती है, जिससे कई बार यात्री प्लेटफार्म पर गिर भी जाते हैं।
एटीवीएम मशीन पड़ी बंद
रेलवे स्टेशन पर पूछताछ कार्यालय के बगल में रखी यात्रियों को जनरल टिकट की सुविधा वाली एटीवीएम मशीन कई दिनों से बंद पड़ी है। वहीं एटीवीएम मशीनों पर कोरोना काल के समय से टिकट वितरण के लिए कर्मचारी भी तैनात नहीं हैं, जिससे यात्रियों को जनरल टिकट खरीदने के लिए टिकट विंडो पर ही जाना पड़ता है, जबकि वहां लंबी लाइन लगने से यात्रियों को ट्रेन पकड़ने में परेशानी भी होती है।
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कैप्सन-नृसिंह दास मिश्रा।
रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर एक पर कोच की सही स्थिति की जानकारी नहीं मिल पाती है। यदि प्लेटफार्म पर कोच डिस्प्ले लग जाए तो परेशान नहीं होना पड़ेगा और उसी स्थान पर पहुंच जाएंगे, जहां कोच आता है।
-नृसिंह दास मिश्रा, नागरिक।
रेलवे स्टेशन के किसी भी प्लेटफार्म पर ट्रेन की लेट लतीफी की सही जानकारी के लिए डिस्प्ले बोर्ड नहीं लगे हैं। प्लेटफार्म संख्या दो व तीन पर पहुंचने के बाद कई बार ट्रेन लेट हो जाती है, तो उसकी सही जानकारी के लिए प्लेटफार्म एक पर फिर से आने के बाद पूछताछ कार्यालय से ही सही जानकारी मिल पाती है। इसके बाद फिर दो व तीन नंबर प्लेटफार्म पर वापस जाना होता है। ऐसे में कई बार परेशान होना पड़ता है। -पुष्पा देवी।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर कोच डिस्प्ले लगाने की प्रक्रिया चल रही है। एटीवीएम मशीनों का संचालन जल्द ही शुरू होगा, इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रेन पोजीशन डिस्प्ले के संचालन भी फिर से शुरू कराया जाएगा।
-मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे झांसी।
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कहने को तो ललितपुर रेलवे स्टेशन काफी वर्षों पहले आदर्श रेलवे स्टेशन की श्रेणी में आ चुका है, लेकिन आज भी रेलवे स्टेेशन पर कई यात्री सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा सकी हैं। यहां कई कमियों के चलते यात्रियों को ट्रेन की लेट लतीफी की सही स्थिति जानने के लिए पूछताछ कार्यालय में बोर्ड पर हाथ से लिखी जाने वाली स्थिति पर ही निर्भर रहना पड़ता है। वहीं मुख्य प्रवेश द्वार से प्रवेश करने पर पूछताछ कार्यालय के बगल में एप्रोच हॉल में करीब तीन वर्ष पहले लगाया गया ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड शोपीस बना हुआ है। इस पर अंग्रेजी में सिर्फ नॉर्थ सेंट्रल रेलवे लिखा आ रहा है। वहीं प्लेटफार्म संख्या एक पर किसी भी ट्रेन आने पर उस ट्रेन के कोच की स्थिति जानने के लिए आज तक कोच डिस्प्ले भी नहीं लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को ट्रेन का कोच खोजने में काफी दिक्कत होती है। खासतौर पर बुजुर्ग यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को ट्रेन के कोच तक पहुंचने के लिए भारी भरकम सामान लेकर दौड़ लगानी पड़ती है, जिससे कई बार यात्री प्लेटफार्म पर गिर भी जाते हैं।
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एटीवीएम मशीन पड़ी बंद
रेलवे स्टेशन पर पूछताछ कार्यालय के बगल में रखी यात्रियों को जनरल टिकट की सुविधा वाली एटीवीएम मशीन कई दिनों से बंद पड़ी है। वहीं एटीवीएम मशीनों पर कोरोना काल के समय से टिकट वितरण के लिए कर्मचारी भी तैनात नहीं हैं, जिससे यात्रियों को जनरल टिकट खरीदने के लिए टिकट विंडो पर ही जाना पड़ता है, जबकि वहां लंबी लाइन लगने से यात्रियों को ट्रेन पकड़ने में परेशानी भी होती है।
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कैप्सन-नृसिंह दास मिश्रा।
रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर एक पर कोच की सही स्थिति की जानकारी नहीं मिल पाती है। यदि प्लेटफार्म पर कोच डिस्प्ले लग जाए तो परेशान नहीं होना पड़ेगा और उसी स्थान पर पहुंच जाएंगे, जहां कोच आता है।
-नृसिंह दास मिश्रा, नागरिक।
रेलवे स्टेशन के किसी भी प्लेटफार्म पर ट्रेन की लेट लतीफी की सही जानकारी के लिए डिस्प्ले बोर्ड नहीं लगे हैं। प्लेटफार्म संख्या दो व तीन पर पहुंचने के बाद कई बार ट्रेन लेट हो जाती है, तो उसकी सही जानकारी के लिए प्लेटफार्म एक पर फिर से आने के बाद पूछताछ कार्यालय से ही सही जानकारी मिल पाती है। इसके बाद फिर दो व तीन नंबर प्लेटफार्म पर वापस जाना होता है। ऐसे में कई बार परेशान होना पड़ता है। -पुष्पा देवी।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर कोच डिस्प्ले लगाने की प्रक्रिया चल रही है। एटीवीएम मशीनों का संचालन जल्द ही शुरू होगा, इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रेन पोजीशन डिस्प्ले के संचालन भी फिर से शुरू कराया जाएगा।
-मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे झांसी।