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मानव जीवन बहुमूल्य... इसे बनाएं सार्थक: सृष्टिभूषण माता
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर में आयोजित धर्मसभा में आर्यिका सृष्टिभूषण माता ने कहा कि संस्कार व्यक्ति के श्रेष्ठ व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आधुनिक सभ्यता के प्रभाव में संस्कारों का स्वरूप बदला है, किंतु संस्कार अपने आदर्शों और श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों एवं विश्वास के कारण आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने प्राचीन भारतीय संस्कृति में थे। उन्होंने संस्कारों को चरित्र निर्माण का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि मानव जीवन बहुमूल्य है, इसे सार्थक बनाने का प्रयत्न करना चाहिए।
धर्मसभा का शुभारंभ आचार्य सुमतिसागर महाराज, आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज, आचार्य वर्धमान सागर महाराज, विद्याभूषण सन्मतिसागर महाराज एवं सराकोद्धारक आचार्य ज्ञानसागर महाराज के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर श्रेष्ठजनों ने किया। मंगलाचरण कर ज्योति जैन ने आर्यिका का वंदन किया। समाजश्रेष्ठी आर्यिका श्री के गृहस्थ जीवन के परिजन सुरेंद्र जैन इंदौर, राजेश जैन पंचोलिया इंदौर, निधि जैन, मुकेश जैन दिल्ली आदि को दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडै़या, महामंत्री आकाश जैन, सनत जैन, मनोज जैन आदि ने सम्मानित किया।
धर्मसभा में आर्यिका विश्वयश माता ने संस्कार शिविरों के माध्यम से जीवन का निर्माण करने की प्रेरणा दी। आर्यिका श्री को बानपुर समाज के अध्यक्ष महेंद्र नायक, अरुण जैन, प्रमोद जैन, शीलचंद अनौरा आदि ने श्रीफल अर्पित किया। कार्यक्रम का संचालन सांगानेर विद्वान सतीश शास्त्री व राजेश राही ने करते हुए 10 दिवसीय श्रमण संस्कृति संस्कार शिविरों की भूमिका बता मंगल कलश की स्थापना कराई।
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गाजे-बाजे के साथ आर्यिका ससंघ की हुई अगवानी
आर्यिका सृष्टिभूषण माता एवं आर्यिका विश्वयश माता ससंघ का ग्राम विरारी स्वर्णिम विद्या धाम से मंगल विहार ललितपुर के लिए हुआ। आर्यिका संघ के विरारी से रजवारा पनारी होते हुए ललितपुर आने पर श्रावकों ने दर्शन कर पुण्यार्जन किया। कैलगुवा तिराहे पर भव्य शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ निकली, जिसमें महिलाए मंगल कलश लिए हुए चल रही थीं। इस दौरान दिगंबर जैन महिला मंडल, प्रतिभास्थली मंडल, विद्यापूजा मंडल, साधू वैयावृत्ति मंडल, महिला मंडल बड़ा मंदिर डोढाघाट, नंदा सुनंदा महिला मंडल सहित नगर के महिला मंडल सक्रिय रहे। आर्यिका संघ का पदार्पण दिगंबर जैन एम्ब्रोशिया मंदिर में हुआ, जहां आर्यिकाश्री के मुखारविंद से शांतिधारा का श्रावकों ने पुण्यार्जन किया। इसके उपरांत आर्यिका श्री के सानिध्य में वाहुवलिनगर में प्रभु अभिषेक शांतिधारा हुई। इस दौरान आर्यिका श्री को श्रावकों ने श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। सायंकाल आर्यिका संघ के सानिध्य में प्रभु भक्ति में श्रावक सम्मलित हुए और भक्ति का आनंद लिया। शोभायात्रा प्रभावना पूर्वक सावरकर चौक से जैन अटामंदिर पहुंची।
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ललितपुर। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर में आयोजित धर्मसभा में आर्यिका सृष्टिभूषण माता ने कहा कि संस्कार व्यक्ति के श्रेष्ठ व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आधुनिक सभ्यता के प्रभाव में संस्कारों का स्वरूप बदला है, किंतु संस्कार अपने आदर्शों और श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों एवं विश्वास के कारण आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने प्राचीन भारतीय संस्कृति में थे। उन्होंने संस्कारों को चरित्र निर्माण का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि मानव जीवन बहुमूल्य है, इसे सार्थक बनाने का प्रयत्न करना चाहिए।
धर्मसभा का शुभारंभ आचार्य सुमतिसागर महाराज, आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज, आचार्य वर्धमान सागर महाराज, विद्याभूषण सन्मतिसागर महाराज एवं सराकोद्धारक आचार्य ज्ञानसागर महाराज के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर श्रेष्ठजनों ने किया। मंगलाचरण कर ज्योति जैन ने आर्यिका का वंदन किया। समाजश्रेष्ठी आर्यिका श्री के गृहस्थ जीवन के परिजन सुरेंद्र जैन इंदौर, राजेश जैन पंचोलिया इंदौर, निधि जैन, मुकेश जैन दिल्ली आदि को दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडै़या, महामंत्री आकाश जैन, सनत जैन, मनोज जैन आदि ने सम्मानित किया।
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धर्मसभा में आर्यिका विश्वयश माता ने संस्कार शिविरों के माध्यम से जीवन का निर्माण करने की प्रेरणा दी। आर्यिका श्री को बानपुर समाज के अध्यक्ष महेंद्र नायक, अरुण जैन, प्रमोद जैन, शीलचंद अनौरा आदि ने श्रीफल अर्पित किया। कार्यक्रम का संचालन सांगानेर विद्वान सतीश शास्त्री व राजेश राही ने करते हुए 10 दिवसीय श्रमण संस्कृति संस्कार शिविरों की भूमिका बता मंगल कलश की स्थापना कराई।
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गाजे-बाजे के साथ आर्यिका ससंघ की हुई अगवानी
आर्यिका सृष्टिभूषण माता एवं आर्यिका विश्वयश माता ससंघ का ग्राम विरारी स्वर्णिम विद्या धाम से मंगल विहार ललितपुर के लिए हुआ। आर्यिका संघ के विरारी से रजवारा पनारी होते हुए ललितपुर आने पर श्रावकों ने दर्शन कर पुण्यार्जन किया। कैलगुवा तिराहे पर भव्य शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ निकली, जिसमें महिलाए मंगल कलश लिए हुए चल रही थीं। इस दौरान दिगंबर जैन महिला मंडल, प्रतिभास्थली मंडल, विद्यापूजा मंडल, साधू वैयावृत्ति मंडल, महिला मंडल बड़ा मंदिर डोढाघाट, नंदा सुनंदा महिला मंडल सहित नगर के महिला मंडल सक्रिय रहे। आर्यिका संघ का पदार्पण दिगंबर जैन एम्ब्रोशिया मंदिर में हुआ, जहां आर्यिकाश्री के मुखारविंद से शांतिधारा का श्रावकों ने पुण्यार्जन किया। इसके उपरांत आर्यिका श्री के सानिध्य में वाहुवलिनगर में प्रभु अभिषेक शांतिधारा हुई। इस दौरान आर्यिका श्री को श्रावकों ने श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। सायंकाल आर्यिका संघ के सानिध्य में प्रभु भक्ति में श्रावक सम्मलित हुए और भक्ति का आनंद लिया। शोभायात्रा प्रभावना पूर्वक सावरकर चौक से जैन अटामंदिर पहुंची।