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Lalitpur News: फागिंग के लिए भी 13 दिन करना पड़ रहा इंतजार
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मच्छरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शाम होते ही गलियों से लेकर सड़कों पर मच्छर भिनभिनाते नजर आ रहे हैं। नगर पालिका का दावा है कि मशीन के माध्यम से वार्डों में फागिंग कराई जा रही है, लेकिन गलियों में मच्छरों की तादाद बढ़ने से लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है।
विभाग के पास 26 वार्ड के सापेक्ष केवल एक फॉगिंग मशीन उपलब्ध है। जिम्मेदारों का कहना है कि एक दिन में दो वार्ड में फॉगिंग हो रही है, ऐसे में प्रत्येक वार्ड का 13 दिन बाद नंबर आ रहा है। नालियों में भी दवा का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। यह स्थित तब है जब इन दिनों संचारी रोग नियंत्रण माह चल रहा है और इसमें कई टीमें काम कर रही हैं।
बीमारियों की रोकथाम के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। शहर में नगर निकाय व ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती राज विभाग को जलभराव की रोकथाम व सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन, शहर में संसाधनों के अभाव में अभियान दम तोड़ रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार एक दिन में दो वार्डों में फॉगिंग कराई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फॉगिंग मशीनें सड़कों तक ही सीमित हैं। गलियां भी फाॅगिंग से अछूती हैं। ऐसे में लोगों का बीमारियों से बचाव नहीं हो पा रहा है।
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मलेरिया विभाग ने सौंपी लार्वीसाइड दवा
मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को नोडल बनाया गया है, लेकिन नालियों व जलभराव के क्षेत्रों में लार्वीसाइड के छिड़काव की जिम्मेदारी नगर पालिका को दी गई है। फाॅगिंग भी नगर पालिका कर रही है। इसके लिए मलेरिया विभाग ने लार्वीसाइड समेत दवाएं उपलब्ध करा दी हैं।
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खाली प्लाटों के पानी की नहीं हो सकी निकासी
संचारी रोग नियंत्रण माह में भी खाली प्लाटों व मैदान में जमा पानी की निकासी नहीं हो पाई है। मोहल्ला कर्माबाई नगर, रावतयाना, तालाबपुरा, चांदमारी आदि मोहल्लों में जलभराव की स्थिति जस की तस बनी है। ऐसे में मच्छरों के प्रकोप से लोगों को समस्या हो रही है।
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मच्छरों का प्रकोप कम करने के लिए फॉगिंग कराई जा रही है। एक दिन में दो वॉर्ड में फॉगिंग हो रही है। जमे जल की निकासी कराई जा रही है।
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राघवेंद्र शर्मा, प्रभारी अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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ललितपुर। मच्छरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शाम होते ही गलियों से लेकर सड़कों पर मच्छर भिनभिनाते नजर आ रहे हैं। नगर पालिका का दावा है कि मशीन के माध्यम से वार्डों में फागिंग कराई जा रही है, लेकिन गलियों में मच्छरों की तादाद बढ़ने से लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है।
विभाग के पास 26 वार्ड के सापेक्ष केवल एक फॉगिंग मशीन उपलब्ध है। जिम्मेदारों का कहना है कि एक दिन में दो वार्ड में फॉगिंग हो रही है, ऐसे में प्रत्येक वार्ड का 13 दिन बाद नंबर आ रहा है। नालियों में भी दवा का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। यह स्थित तब है जब इन दिनों संचारी रोग नियंत्रण माह चल रहा है और इसमें कई टीमें काम कर रही हैं।
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बीमारियों की रोकथाम के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। शहर में नगर निकाय व ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती राज विभाग को जलभराव की रोकथाम व सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन, शहर में संसाधनों के अभाव में अभियान दम तोड़ रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार एक दिन में दो वार्डों में फॉगिंग कराई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फॉगिंग मशीनें सड़कों तक ही सीमित हैं। गलियां भी फाॅगिंग से अछूती हैं। ऐसे में लोगों का बीमारियों से बचाव नहीं हो पा रहा है।
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मलेरिया विभाग ने सौंपी लार्वीसाइड दवा
मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को नोडल बनाया गया है, लेकिन नालियों व जलभराव के क्षेत्रों में लार्वीसाइड के छिड़काव की जिम्मेदारी नगर पालिका को दी गई है। फाॅगिंग भी नगर पालिका कर रही है। इसके लिए मलेरिया विभाग ने लार्वीसाइड समेत दवाएं उपलब्ध करा दी हैं।
खाली प्लाटों के पानी की नहीं हो सकी निकासी
संचारी रोग नियंत्रण माह में भी खाली प्लाटों व मैदान में जमा पानी की निकासी नहीं हो पाई है। मोहल्ला कर्माबाई नगर, रावतयाना, तालाबपुरा, चांदमारी आदि मोहल्लों में जलभराव की स्थिति जस की तस बनी है। ऐसे में मच्छरों के प्रकोप से लोगों को समस्या हो रही है।
मच्छरों का प्रकोप कम करने के लिए फॉगिंग कराई जा रही है। एक दिन में दो वॉर्ड में फॉगिंग हो रही है। जमे जल की निकासी कराई जा रही है।
राघवेंद्र शर्मा, प्रभारी अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद