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ग्रीन लैंड में चार हजार आवासों से हटी रोक
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Aawas Yojana.JPG
- फोटो : Aawas Yojana.JPG
ललितपुर। हरित पट्टिका में आवास बनाने पर डेढ़ साल से लगी रोक हटा दी गई है। इससे करीब चार हजार परिवारों के पक्के मकान में रहने का सपना जल्द ही पूरा हो सकेगा। अब हरित पट्टिका में बिना किसी बाधा के निर्माण कार्य किए जा सकेंगे।
तीन लाख रुपये से नीचे की वार्षिक आय वाले परिवारों को आशियाना मुहैया कराने में सरकार मदद कर रही है। डूडा के माध्यम से चयनित व्यक्ति के खाते में ढाई लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की जाती है। इस धनराशि से दो पक्के कमरे, एक किचन और एक बाथरूम का निर्माण कराया जाता है। करीब डेढ़ साल पहले तत्कालीन एसडीएम गजल भारद्वाज ने हरित पट्टिका (ग्रीन लैंड) की भूमि में प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण पर रोक लगा दी थी। इससे करीब चार हजार परिवारों के लिए आवास का संकट उत्पन्न हो गया था। कई लाभार्थियों के आवास अधूरे बने रह गए थे। इस मामले में डीएम ने शासन से मार्गदर्शन मांगा। बीते दिनों शासन ने हरित पट्टिका में बनाए जा रहे आवासों के निर्माण पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। इससे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित किए जा रहे मकानों के पूर्ण होने का रास्ता साफ हो गया है।
तीन किस्तों में दी जाती राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थी को तीन किस्तों में धनराशि हस्तांतरित की जाती है। इसमें पहली किस्त 50 हजार रुपये फाउंडेशन तैयार करने पर, दूसरी किस्त 1.50 लाख रुपये छत डालने पर व तीसरी किस्त 50 हजार आवास के पूर्ण करने को दी जाती है।
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चुनावी वर्ष में निर्धनों के पक्ष में आया निर्णय
वर्ष 2022 में प्रदेश के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए सरकार में बैठे लोग अभी से तैयारी में जुट गए हैं। लोगों का मानना है कि हरित पट्टिका के मामले में शासन ने जो निर्णय लिया है, वह गरीबों को फायदा पहुंचाने का एक कदम है।
तत्कालीन एसडीएम सदर ने ग्रीन लैंड में निर्माण पर रोक लगा दी थी, इस पर शासन से मार्गदर्शन मांगा गया था। अब शासन ने ग्रीन लैंड में निर्माण के लिए हरी झंडी दे दी है।
राजीव कुमार शुक्ला, परियोजना अधिकारी, डूडा
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तीन लाख रुपये से नीचे की वार्षिक आय वाले परिवारों को आशियाना मुहैया कराने में सरकार मदद कर रही है। डूडा के माध्यम से चयनित व्यक्ति के खाते में ढाई लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की जाती है। इस धनराशि से दो पक्के कमरे, एक किचन और एक बाथरूम का निर्माण कराया जाता है। करीब डेढ़ साल पहले तत्कालीन एसडीएम गजल भारद्वाज ने हरित पट्टिका (ग्रीन लैंड) की भूमि में प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण पर रोक लगा दी थी। इससे करीब चार हजार परिवारों के लिए आवास का संकट उत्पन्न हो गया था। कई लाभार्थियों के आवास अधूरे बने रह गए थे। इस मामले में डीएम ने शासन से मार्गदर्शन मांगा। बीते दिनों शासन ने हरित पट्टिका में बनाए जा रहे आवासों के निर्माण पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। इससे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित किए जा रहे मकानों के पूर्ण होने का रास्ता साफ हो गया है।
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तीन किस्तों में दी जाती राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थी को तीन किस्तों में धनराशि हस्तांतरित की जाती है। इसमें पहली किस्त 50 हजार रुपये फाउंडेशन तैयार करने पर, दूसरी किस्त 1.50 लाख रुपये छत डालने पर व तीसरी किस्त 50 हजार आवास के पूर्ण करने को दी जाती है।
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चुनावी वर्ष में निर्धनों के पक्ष में आया निर्णय
वर्ष 2022 में प्रदेश के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए सरकार में बैठे लोग अभी से तैयारी में जुट गए हैं। लोगों का मानना है कि हरित पट्टिका के मामले में शासन ने जो निर्णय लिया है, वह गरीबों को फायदा पहुंचाने का एक कदम है।
तत्कालीन एसडीएम सदर ने ग्रीन लैंड में निर्माण पर रोक लगा दी थी, इस पर शासन से मार्गदर्शन मांगा गया था। अब शासन ने ग्रीन लैंड में निर्माण के लिए हरी झंडी दे दी है।
राजीव कुमार शुक्ला, परियोजना अधिकारी, डूडा