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चना घोटाला: किसानों को बीज मिला न सब्सिडी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शत-प्रतिशत अनुदान पर किसानों को दिए गए बीज वितरण की प्रक्रिया को अधिकारी भले ही सही बता रहे हों, लेकिन जांच में हकीकत कुछ और ही सामने आई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार किसानों को बीज न देकर गांव में एक व्यक्ति (ठेकेदार) को वितरण कर दिया गया। ठेकेदारों ने बीज बेच दिया और किसानों के खाते में आई राशि भी हड़प ली। अब विभागीय कर्मचारी से लेकर अफसर तक फंसते नजर आ रहे हैं।
फसलों की अच्छी प्रजाति को बढ़ावा देने के लिए उन्नत किस्म के बीज वितरण किए गए थे, इसे कृषि विभाग द्वारा क्लस्टर बनाकर वितरित किया जाना था। कुछ किसान संगठनों ने बीज वितरण में बंदरबांट के आरोप लगाए थे। साथ ही जांच कराने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई, जो लगभग अंतिम चरण में पहुंच गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट भी बनकर तैयार हो गई है। जांच में पाया गया कि विभागीय कर्मचारियों ने किसानों को बीज का वितरण नहीं किया। बीज गांव के एक ही व्यक्ति को देकर ठेकेदार बना दिया। इन ठेकेदारों ने बीज का वितरण अन्य किसानों में नहीं किया। स्वयं ही बीज हड़प कर गए। इसके बाद डीबीटी के जरिये जब किसानों के खाते में राशि आई तो उसको भी वापस ले लिया। मामले की रिपोर्ट जल्द ही डीएम को भेजी जाएगी। अब लोग कार्रवाई की आस लगाए हैं।
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वीडियो पहले ही हो चुके वायरल
बीज वितरण कांड में जांच करने के लिए गई टीम ने जब किसानों से संपर्क किया तो बताया गया कि बीज अधिक देरी से मिला। कुछ ने कहा बीज मिला ही नहीं। केवल पैसा आया था, जो गांव के ही जनप्रतिनिधि ने वापस ले लिया। कुछ ही रुपये खाते में छोड़े हैं। कइयों ने बताया कि दंपती को 80-80 किलो बीज वितरण किए गए हैं। इनके खेतों में फसल नहीं पाई गई थी।
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कृषि विभाग द्वारा किए गए बीज वितरण की जांच जिलाधिकारी के निर्देशन में चल रही थी, जो लगभग पूर्ण हो गई है। जल्द ही जिलाधिकारी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।-श्रीराम यादव, अपर उप जिलाधिकारी
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ललितपुर। शत-प्रतिशत अनुदान पर किसानों को दिए गए बीज वितरण की प्रक्रिया को अधिकारी भले ही सही बता रहे हों, लेकिन जांच में हकीकत कुछ और ही सामने आई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार किसानों को बीज न देकर गांव में एक व्यक्ति (ठेकेदार) को वितरण कर दिया गया। ठेकेदारों ने बीज बेच दिया और किसानों के खाते में आई राशि भी हड़प ली। अब विभागीय कर्मचारी से लेकर अफसर तक फंसते नजर आ रहे हैं।
फसलों की अच्छी प्रजाति को बढ़ावा देने के लिए उन्नत किस्म के बीज वितरण किए गए थे, इसे कृषि विभाग द्वारा क्लस्टर बनाकर वितरित किया जाना था। कुछ किसान संगठनों ने बीज वितरण में बंदरबांट के आरोप लगाए थे। साथ ही जांच कराने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई, जो लगभग अंतिम चरण में पहुंच गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट भी बनकर तैयार हो गई है। जांच में पाया गया कि विभागीय कर्मचारियों ने किसानों को बीज का वितरण नहीं किया। बीज गांव के एक ही व्यक्ति को देकर ठेकेदार बना दिया। इन ठेकेदारों ने बीज का वितरण अन्य किसानों में नहीं किया। स्वयं ही बीज हड़प कर गए। इसके बाद डीबीटी के जरिये जब किसानों के खाते में राशि आई तो उसको भी वापस ले लिया। मामले की रिपोर्ट जल्द ही डीएम को भेजी जाएगी। अब लोग कार्रवाई की आस लगाए हैं।
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बीज वितरण कांड में जांच करने के लिए गई टीम ने जब किसानों से संपर्क किया तो बताया गया कि बीज अधिक देरी से मिला। कुछ ने कहा बीज मिला ही नहीं। केवल पैसा आया था, जो गांव के ही जनप्रतिनिधि ने वापस ले लिया। कुछ ही रुपये खाते में छोड़े हैं। कइयों ने बताया कि दंपती को 80-80 किलो बीज वितरण किए गए हैं। इनके खेतों में फसल नहीं पाई गई थी।
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कृषि विभाग द्वारा किए गए बीज वितरण की जांच जिलाधिकारी के निर्देशन में चल रही थी, जो लगभग पूर्ण हो गई है। जल्द ही जिलाधिकारी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।-श्रीराम यादव, अपर उप जिलाधिकारी