फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Grain from Bundelkhand is reaching plates in Bangladesh.

Lalitpur News: बांग्लादेश की थाली तक पहुंच रहा बुंदेलखंड का अनाज

Wed, 28 Oct 2026 12:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2026 12:33 AM IST
विज्ञापन
Grain from Bundelkhand is reaching plates in Bangladesh.
नीरज वर्मा
विज्ञापन

झांसी। बांग्लादेश के साथ व्यापारिक गतिविधियां सामान्य होने के बाद इस साल अप्रैल से झांसी रेल मंडल के जरिये खाद्यान्न का निर्यात फिर शुरू हो गया है। बुंदेलखंड से गेहूं, चावल और दालों के साथ सरसों व सोयाबीन की खली (डीओसी) भी बांग्लादेश भेजी जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल से 30 सितंबर तक मंडल से बांग्लादेश के लिए करीब 1.43 लाख टन माल भेजा गया। इस दौरान खाद्यान्न के पांच और डीओसी के 50 रैक रवाना किए गए।
रेलवे के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश के साथ व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने से रेल मार्ग से माल भेजने का सिलसिला बढ़ा है। खाद्यान्न की खेप में गेहूं, चावल और दालें शामिल हैं। बता दें कि खाद्यान्न के प्रत्येक रैक से रेलवे को करीब 70 लाख रुपये की आमदनी होती है।
विज्ञापन


पशुओं को ताकत दे रही बुंदेलखंड की खली
बांग्लादेश को गेहूं-चावल के साथ सरसों और सोयाबीन की खली (डीओसी) भी भेजी जा रही है। तेल निकालने के बाद बचने वाली इस खली का इस्तेमाल मुख्य रूप से पशु आहार तैयार करने में होता है। प्रोटीन से भरपूर होने के कारण यह पशुओं के पोषण में उपयोगी है। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में सांक स्टेशन से डीओसी के 50 रैक बांग्लादेश भेजे गए हैं। तीन साल पहले भी यहां से माल का रैक बांग्लादेश रवाना किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

झांसी और सांक से रवाना हो रहीं मालगाड़ियां
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बांग्लादेश के लिए खाद्यान्न की खेप झांसी से, जबकि डीओसी की ढुलाई मंडल के सांक स्टेशन से की जा रही है। यहां से मालगाड़ियां सीमा पर स्थित रोहनपुर और दर्शना स्टेशनों तक पहुंचती हैं। इसके बाद माल बांग्लादेश भेजा जाता है। एक रैक में करीब 2,600 टन माल लादने की क्षमता है। अप्रैल से सितंबर तक कुल 55 रैक भेजे गए।

दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने से झांसी रेल मंडल से मालगाड़ियों के जरिये निर्यात में वृद्धि हुई है। मंडल से माल सीमा पर स्थित स्टेशनों तक पहुंचाया जाता है, जहां से बांग्लादेश में उसकी आपूर्ति होती है। - नीरज भटनागर, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, रेलवे


बाॅक्स में लगाएं
लौह अयस्क और डोलोमाइट की ढुलाई से 37 करोड़ की आमदनी
झांसी रेल मंडल में लौह अयस्क और डोलोमाइट की ढुलाई भी शुरू हुई है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, बरुआसागर से लौह अयस्क की ढुलाई के जरिये अब तक 15 करोड़ रुपये की आय हुई है। वहीं, छतरपुर से डोलोमाइट के परिवहन से रेलवे को 22 करोड़ रुपये मिले हैं। इस तरह दोनों खनिजों की ढुलाई से मंडल को कुल 37 करोड़ रुपये की आय हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed