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खाद से किसानों की मौतों से पूरे देश में संदेश पहुंचा: राकेश टिकैत
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टोल प्लाजा पर किसानों से बात करते भाकियू नेता राकेश टिकैत
- फोटो : LALITPUR
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खाद के लिए लाइन में लगे किसानों की मौत के लिए प्रशासन जिम्मेदार : टिकैत
ललितपुर। जनपद में खाद की वजह से किसानों की मौत का मामला सियासी और किसानों की समस्याओं का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। बीते दिनों खाद की वजह से जिले में पांच किसानों की मौत के मामले में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ललितपुर पहुंचे और मृतक किसानों ग्राम नयागांव निवासी मृतक किसान भोगीपाल, पाली के मोहल्ला पंडयाना निवासी मृतक किसान बल्लू पाल एवं ग्राम बनयाना में मृतक किसान महेश बुनकर के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देते हुए सरकार से मदद का दिलाने का भरोसा दिया और इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर एक संदेश भी बताया। साथ ही उन्होंने खाद के लिए लाइनों में लगकर किसानों की मौत के मामले में प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता सोमवार को दोपहर ललितपुर पहुंचे, जिस पर भारतीय किसान यूनियन के जनपद के पदाधिकारियों ने टोल प्लाजा पहुंचकर स्वागत किया। इसके बाद वह यहां से सीधे जाखलौन क्षेत्र के ग्राम नयागांव स्थित मृतक किसान भोगीपाल के घर पहुंचे, जहां उसके परिजनों से मौत की वजह जानी और जिस पर परिजनों ने बताया कि तीन दिन से भोगीपाल लाइन में लगा रहा और लाइन में लगने के दौरान ही वह चक्कर खाकर गिरकर बेसुध हो गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृृत घोषित कर दिया।
उन्होंने मृतक किसान के घर के भीतर जाकर उसकी बेटी सविता एवं अन्य परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि वह शासन व प्रशासन से मिलकर चालीस लाख रुपये आर्थिक मदद दिलाने के संबंध में बात करेंगे। जिस पर किसान की बेटी सविता ने रोते हुए कहा कि पैसों से क्या होता है, उसके पिता तो लौटकर नहीं आएंगे। फिर उसने कहा कि डीएम साहब ने भी दस लाख की घोषणा की थी और दो लाख ही दिलाए। जिस पर टिकैत ने कहा कि वह परिवार का दुख समझते हैं, लेकिन जितनी मदद हो जाए, वह पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने अन्य किसानों के प्रति भी संवेदनाएं व्यक्त कीं। साथ ही उन्होंने मृतक किसान की बेटी सविता से कहा कि किसानों की खाद की वजह से यह जो मौतें हुई हैं, इससे पूरे देश में एक संदेश गया है। इससे सरकार को किसानों के प्रति सोचने को मजबूर होना पड़ेगा। उधर, भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता जब ग्राम नयागांव में मृतक भोगीपाल के परिवार से मिलने पहुंचे तो वहां उन्होंने घर से निकलकर अन्य ग्रामीण किसानों को भी वार्ता के लिए बुलाया और खुद चबूतरे पर बैठकर किसानों के साथ चौपाल लगाई और समस्याएं जानी तो किसानों ने बताया कि दिन में मात्र दो बोरी खाद ही मिल पा रही है।
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रास्ते में उतरकर खाद की दुकान पर लाइन में खड़े किसानों से मिले
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता सोमवार को जनपद आने पर जब वह शहर में प्रवेश कर रहे थे तो मंडी रोड पर स्थित इफको की खाद की दुकान पर खाद खरीदने के लिए किसानों की भीड़ देखकर वह रुक गए और दुकान पर पहुंचकर किसानों से खाद वितरण और रेट के संबंध में जानकारी ली। किसानों ने जब राकेश टिकैत को देखा तो किसानों ने खुलकर खाद की किल्लत और मध्य प्रदेश में हुई कालाबाजारी एवं रात में खाद बेचने की बात कही। जिस पर उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि वह किसानों को उनका हक दिलाकर रहेंगे।
प्रशासन के खाद से मौत नहीं मानने पर डीएम, कमिश्नर के समक्ष रखेंगे बात
भाकियू प्रवक्ता से जब पत्रकारों ने वार्ता के दौरान बताया कि वह जनपद में पांच किसानों की खाद के कारण मौत बता रहे हैं, जबकि प्रशासन किसानों की मौतों को खाद की वजह से मौत नहीं मान रहा है, तो उन्होंने कहा कि वह मंगलवार को भी जिले में रहेंगे और इस मुद्दे पर डीएम और कमिश्नर से बात करेंगे।
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ललितपुर। जनपद में खाद की वजह से किसानों की मौत का मामला सियासी और किसानों की समस्याओं का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। बीते दिनों खाद की वजह से जिले में पांच किसानों की मौत के मामले में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ललितपुर पहुंचे और मृतक किसानों ग्राम नयागांव निवासी मृतक किसान भोगीपाल, पाली के मोहल्ला पंडयाना निवासी मृतक किसान बल्लू पाल एवं ग्राम बनयाना में मृतक किसान महेश बुनकर के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देते हुए सरकार से मदद का दिलाने का भरोसा दिया और इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर एक संदेश भी बताया। साथ ही उन्होंने खाद के लिए लाइनों में लगकर किसानों की मौत के मामले में प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता सोमवार को दोपहर ललितपुर पहुंचे, जिस पर भारतीय किसान यूनियन के जनपद के पदाधिकारियों ने टोल प्लाजा पहुंचकर स्वागत किया। इसके बाद वह यहां से सीधे जाखलौन क्षेत्र के ग्राम नयागांव स्थित मृतक किसान भोगीपाल के घर पहुंचे, जहां उसके परिजनों से मौत की वजह जानी और जिस पर परिजनों ने बताया कि तीन दिन से भोगीपाल लाइन में लगा रहा और लाइन में लगने के दौरान ही वह चक्कर खाकर गिरकर बेसुध हो गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृृत घोषित कर दिया।
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उन्होंने मृतक किसान के घर के भीतर जाकर उसकी बेटी सविता एवं अन्य परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि वह शासन व प्रशासन से मिलकर चालीस लाख रुपये आर्थिक मदद दिलाने के संबंध में बात करेंगे। जिस पर किसान की बेटी सविता ने रोते हुए कहा कि पैसों से क्या होता है, उसके पिता तो लौटकर नहीं आएंगे। फिर उसने कहा कि डीएम साहब ने भी दस लाख की घोषणा की थी और दो लाख ही दिलाए। जिस पर टिकैत ने कहा कि वह परिवार का दुख समझते हैं, लेकिन जितनी मदद हो जाए, वह पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने अन्य किसानों के प्रति भी संवेदनाएं व्यक्त कीं। साथ ही उन्होंने मृतक किसान की बेटी सविता से कहा कि किसानों की खाद की वजह से यह जो मौतें हुई हैं, इससे पूरे देश में एक संदेश गया है। इससे सरकार को किसानों के प्रति सोचने को मजबूर होना पड़ेगा। उधर, भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता जब ग्राम नयागांव में मृतक भोगीपाल के परिवार से मिलने पहुंचे तो वहां उन्होंने घर से निकलकर अन्य ग्रामीण किसानों को भी वार्ता के लिए बुलाया और खुद चबूतरे पर बैठकर किसानों के साथ चौपाल लगाई और समस्याएं जानी तो किसानों ने बताया कि दिन में मात्र दो बोरी खाद ही मिल पा रही है।
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रास्ते में उतरकर खाद की दुकान पर लाइन में खड़े किसानों से मिले
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता सोमवार को जनपद आने पर जब वह शहर में प्रवेश कर रहे थे तो मंडी रोड पर स्थित इफको की खाद की दुकान पर खाद खरीदने के लिए किसानों की भीड़ देखकर वह रुक गए और दुकान पर पहुंचकर किसानों से खाद वितरण और रेट के संबंध में जानकारी ली। किसानों ने जब राकेश टिकैत को देखा तो किसानों ने खुलकर खाद की किल्लत और मध्य प्रदेश में हुई कालाबाजारी एवं रात में खाद बेचने की बात कही। जिस पर उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि वह किसानों को उनका हक दिलाकर रहेंगे।
प्रशासन के खाद से मौत नहीं मानने पर डीएम, कमिश्नर के समक्ष रखेंगे बात
भाकियू प्रवक्ता से जब पत्रकारों ने वार्ता के दौरान बताया कि वह जनपद में पांच किसानों की खाद के कारण मौत बता रहे हैं, जबकि प्रशासन किसानों की मौतों को खाद की वजह से मौत नहीं मान रहा है, तो उन्होंने कहा कि वह मंगलवार को भी जिले में रहेंगे और इस मुद्दे पर डीएम और कमिश्नर से बात करेंगे।