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Lalitpur News: गौना पीएचसी में 37 दिन बाद भी लटका मिला ताला
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर/सौजना। अफसरों की उदासीनता के चलते लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कागजों पर तो सेवाएं दुरुस्त हैं, लेकिन धरातल पर दम बेदम हैं। ब्लॉक महरौनी अंतर्गत गौना कुसमाड़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटक रहा है।
बृहस्पतिवार दोपहर डेढ़ बजे अमर उजाला की टीम ग्राम गौना कुसमाड़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की हकीकत जानने पहुंची। चिकित्सक और फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन तो दूर वार्डबॉय और स्वीपर तक नजर नहीं आए। अस्पताल में ताला लटका मिला। मरीज ताला लटका देख वापस हो गए।
हैंडपंप के किनारे गंदगी का डेरा:
यहां स्वास्थ्य सेवाएं मिलना तो दूर सफाई न होने से हैंडपंप के पास भारी गंदगी जमी है। लोग यहां पानी पीने तक से हिचकिचाते हैं।
जगह-जगह उगी झाड़ियां: परिसर के अंदर ही नहीं बाहर भी जगह-जगह झाड़ियां उगी हैं। इसकी कटाई तक नहीं हो रही है। मरम्मत के अभाव में दीवार भी जर्जर होती जा रही है।
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17 मार्च को भी थी यही दशा
यह पहली बार नहीं है, जब इस पीएचसी में ताला लटका हुआ है। इससे पहले भी अमर उजाला की टीम ने 17 मार्च को हकीकत देखी थी, तब भी अस्पताल में ताला लटका हुआ था। उस समय अफसरों ने जल्द सुविधाएं दुरुस्त करने का दावा किया था, लेकिन अब भी हालत जस की तस है।
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ललितपुर/सौजना। अफसरों की उदासीनता के चलते लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कागजों पर तो सेवाएं दुरुस्त हैं, लेकिन धरातल पर दम बेदम हैं। ब्लॉक महरौनी अंतर्गत गौना कुसमाड़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटक रहा है।
बृहस्पतिवार दोपहर डेढ़ बजे अमर उजाला की टीम ग्राम गौना कुसमाड़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की हकीकत जानने पहुंची। चिकित्सक और फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन तो दूर वार्डबॉय और स्वीपर तक नजर नहीं आए। अस्पताल में ताला लटका मिला। मरीज ताला लटका देख वापस हो गए।
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हैंडपंप के किनारे गंदगी का डेरा:
यहां स्वास्थ्य सेवाएं मिलना तो दूर सफाई न होने से हैंडपंप के पास भारी गंदगी जमी है। लोग यहां पानी पीने तक से हिचकिचाते हैं।
जगह-जगह उगी झाड़ियां: परिसर के अंदर ही नहीं बाहर भी जगह-जगह झाड़ियां उगी हैं। इसकी कटाई तक नहीं हो रही है। मरम्मत के अभाव में दीवार भी जर्जर होती जा रही है।
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17 मार्च को भी थी यही दशा
यह पहली बार नहीं है, जब इस पीएचसी में ताला लटका हुआ है। इससे पहले भी अमर उजाला की टीम ने 17 मार्च को हकीकत देखी थी, तब भी अस्पताल में ताला लटका हुआ था। उस समय अफसरों ने जल्द सुविधाएं दुरुस्त करने का दावा किया था, लेकिन अब भी हालत जस की तस है।