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सवा माह नहीं बजेगी शहनाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Mar 2017 12:28 AM IST
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marrige, lalitpur news
- फोटो : demo
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होली पर्व से एक सप्ताह पूर्व रविवार से होलाष्टक लग गया है, जो 12 मार्च को पूर्णिमा तक रहेगा। 14 अप्रैल तक खरमास भी चलेगा। इस दौरान मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे।
होली पर्व के मौके पर इस बार फाल्गुन पूर्णिमा 12 मार्च को सूर्य उदय के समय 8.24 तक रहेगी। गोधूलि बेला शाम 6.25 से सात बजे तक और चौघड़िया शुभ मुहूर्त में शाम 6.23 से 7.54 तक होलिका दहन शुभ होगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग एवं राजयोग रहेगा।
ज्योतिषाचार्य महेश मिश्र के अनुसार अष्टमी को चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहू उग्र रुप में रहते हैं। इन आठ दिनों में मनुष्य का मस्तिष्क अनेक दुखद आकांक्षाओं से ग्रसित रहता है। इसी के चलते इन दिनों में शुभ व मांगलिक कार्यों को निर्णय नहीं लिया जाता है। वैसे होलाष्टक समाप्त होते ही शुभ व मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। इसका कारण यह है कि होली पर्व के तत्काल बाद 14 मार्च से खरमास शुरु हो रहे हैं, जो 14 अप्रैल तक चलेंगे।
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खरमास काल के दौरान शुभ व मांगलिक कार्य नहीं होते हैं, जिसके चलते अब सवा माह तक शहनाइयों की गूंज सुनाई नहीं देगी। खरमास समाप्त होने के बाद 16 अप्रैल से शुभ व मांगलिक विवाह मुहूर्त फिर से शुरू हो जाएंगे।
---बॉक्स---
राशि के अनुसार होली के रंग
ललितपुर। ज्योतिषियों के अनुसार राशि के अनुसार निर्धारित रंगों से होली खेलना लोगों के लिए शुभ बताया गया है। उक्त रंगों से होली खेलना उनके सुख व समृद्धि के लिए लाभदायक रहेगा।
- मेष- लाल, सिल्वर, गोल्डन, पीला रंग
- बृषभ- सफेद, क्रीम रंग
- मिथुन- हरा, नीला, काला रंग
- कर्क- क्रीम, सिल्वर रंग
- सिंह- गोल्डन, लाल, सफेद, पीला
- कन्या- हरा, बैंगनी रंग
- तुला- सफेद, दूधिया, नीला रंग
- वृश्चिक- सतरंगी लाल रंग
- धनु- पीला, सुनहरा रंग
- मकर- नीला रंग
- कुंभ- काला बैंगनी
- मीन- पीला व सिल्वर
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होली पर्व के मौके पर इस बार फाल्गुन पूर्णिमा 12 मार्च को सूर्य उदय के समय 8.24 तक रहेगी। गोधूलि बेला शाम 6.25 से सात बजे तक और चौघड़िया शुभ मुहूर्त में शाम 6.23 से 7.54 तक होलिका दहन शुभ होगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग एवं राजयोग रहेगा।
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ज्योतिषाचार्य महेश मिश्र के अनुसार अष्टमी को चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहू उग्र रुप में रहते हैं। इन आठ दिनों में मनुष्य का मस्तिष्क अनेक दुखद आकांक्षाओं से ग्रसित रहता है। इसी के चलते इन दिनों में शुभ व मांगलिक कार्यों को निर्णय नहीं लिया जाता है। वैसे होलाष्टक समाप्त होते ही शुभ व मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। इसका कारण यह है कि होली पर्व के तत्काल बाद 14 मार्च से खरमास शुरु हो रहे हैं, जो 14 अप्रैल तक चलेंगे।
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खरमास काल के दौरान शुभ व मांगलिक कार्य नहीं होते हैं, जिसके चलते अब सवा माह तक शहनाइयों की गूंज सुनाई नहीं देगी। खरमास समाप्त होने के बाद 16 अप्रैल से शुभ व मांगलिक विवाह मुहूर्त फिर से शुरू हो जाएंगे।
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राशि के अनुसार होली के रंग
ललितपुर। ज्योतिषियों के अनुसार राशि के अनुसार निर्धारित रंगों से होली खेलना लोगों के लिए शुभ बताया गया है। उक्त रंगों से होली खेलना उनके सुख व समृद्धि के लिए लाभदायक रहेगा।
- मेष- लाल, सिल्वर, गोल्डन, पीला रंग
- बृषभ- सफेद, क्रीम रंग
- मिथुन- हरा, नीला, काला रंग
- कर्क- क्रीम, सिल्वर रंग
- सिंह- गोल्डन, लाल, सफेद, पीला
- कन्या- हरा, बैंगनी रंग
- तुला- सफेद, दूधिया, नीला रंग
- वृश्चिक- सतरंगी लाल रंग
- धनु- पीला, सुनहरा रंग
- मकर- नीला रंग
- कुंभ- काला बैंगनी
- मीन- पीला व सिल्वर