{"_id":"68fa71ab822bafa80c078c8b","slug":"following-the-high-courts-precedent-the-adm-terminated-proceedings-under-the-goonda-act-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-144827-2025-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: उच्च न्यायालय की नजीर पर एडीएम ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई समाप्त की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: उच्च न्यायालय की नजीर पर एडीएम ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई समाप्त की
विज्ञापन
- दो मुकदमों के आधार पर जारी हुआ था गुंडा एक्ट का नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। उच्च न्यायालय की नजीर पेश करने पर अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने एक और आरोपी के विरूद्ध की गई गुंडा एक्ट की कार्रवाई को समाप्त कर दिया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने दो मुकदमा दर्ज होने के आधार पर आरोपी युवक के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई का नोटिस जारी किया था। जबकि कुछ समय पहले उच्च न्यायालय ने एक अन्य आरोपी के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई के ऐसे ही प्रकरण को खत्म करने का आदेश जारी किया था। कहा था कि सिर्फ दो मुकदमों के आधार पर किसी को गुंडा नहीं ठहराया जा सकता है।
ढाई महीने पहले कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला सिविल लाइन चांदमारी निवासी अभिषेक पंथ पर पुलिस अधीक्षक की आख्या के अनुसार दो मुकदमा दर्ज थे। इसमें बताया था कि यह आरोपी एक आपराधिक प्रवृति का गुंडा व्यक्ति है, गुंडा एक्ट अधिनियम के तहत वर्णित आपराधों में संलिप्त रहकर अपराध करने का अभ्यस्त अपराधी है। यह अपनी दुस्साहसिक गतिविधियों एवं कार्यकलापाें व गुंडागर्दी के द्वारा आम जनता को भयभीत एवं आतंकित करके उनका जीवन कष्ट में किए हुए है। इसके आधार पर अपर जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस अधीक्षक की उक्त आख्या और कोतवाली प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर ढाई महीने पहले 31 जुलाई को गुंडा एक्ट की कार्रवाई का नोटिस जारी कर दिया था। इसके बाद भी आरोपी न्यायालय में पेश नहीं होने पर न्यायालय ने उस पर एक पक्षीय आदेश सुनाते हुए गुंडा एक्ट की कार्रवाई की थी। इस मामले में अपर जिला मजिस्ट्रेट अंकुर श्रीवास्तव की अदालत ने अधिवक्ता के माध्यम से उच्च न्यायालय की दो नजीरें पेश कीं, जिसमें गोरखपुर अपर जिला मजिस्ट्रेट की दो मुकदमा के आधार पर आरोपी रवि पर की गई गुंडा एक्ट की कार्रवाई के विरूद्ध उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की गई थी। जबकि ललितपुर में भी सौरभ कुमार पर की गई गुंडा एक्ट की कार्रवाई को उच्च न्यायालय में रिट दायर कर चुनौती दी गई थी, जिस पर उच्च न्यायालय ने उक्त दोनों मामलों में मात्र दो मुकदमों के आधार पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई को समाप्त करने का आदेश पारित किया था। उक्त नजीरों के आधार पर अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने अब उक्त अभिषेक पंथ के खिलाफ ढाई माह पूर्व की गई गुंडा एक्ट की कार्रवाई को समाप्त करने का आदेश पारित कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन उक्त कार्रवाई प्रचलित रखे जाने का कोई औचित्य नहीं है और गुंडा एक्ट की कार्रवाई के नोटिस को निरस्त करते हुए कार्रवाई को समाप्त करने का आदेश पारित कर दिया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। उच्च न्यायालय की नजीर पेश करने पर अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने एक और आरोपी के विरूद्ध की गई गुंडा एक्ट की कार्रवाई को समाप्त कर दिया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने दो मुकदमा दर्ज होने के आधार पर आरोपी युवक के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई का नोटिस जारी किया था। जबकि कुछ समय पहले उच्च न्यायालय ने एक अन्य आरोपी के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई के ऐसे ही प्रकरण को खत्म करने का आदेश जारी किया था। कहा था कि सिर्फ दो मुकदमों के आधार पर किसी को गुंडा नहीं ठहराया जा सकता है।
ढाई महीने पहले कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला सिविल लाइन चांदमारी निवासी अभिषेक पंथ पर पुलिस अधीक्षक की आख्या के अनुसार दो मुकदमा दर्ज थे। इसमें बताया था कि यह आरोपी एक आपराधिक प्रवृति का गुंडा व्यक्ति है, गुंडा एक्ट अधिनियम के तहत वर्णित आपराधों में संलिप्त रहकर अपराध करने का अभ्यस्त अपराधी है। यह अपनी दुस्साहसिक गतिविधियों एवं कार्यकलापाें व गुंडागर्दी के द्वारा आम जनता को भयभीत एवं आतंकित करके उनका जीवन कष्ट में किए हुए है। इसके आधार पर अपर जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस अधीक्षक की उक्त आख्या और कोतवाली प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर ढाई महीने पहले 31 जुलाई को गुंडा एक्ट की कार्रवाई का नोटिस जारी कर दिया था। इसके बाद भी आरोपी न्यायालय में पेश नहीं होने पर न्यायालय ने उस पर एक पक्षीय आदेश सुनाते हुए गुंडा एक्ट की कार्रवाई की थी। इस मामले में अपर जिला मजिस्ट्रेट अंकुर श्रीवास्तव की अदालत ने अधिवक्ता के माध्यम से उच्च न्यायालय की दो नजीरें पेश कीं, जिसमें गोरखपुर अपर जिला मजिस्ट्रेट की दो मुकदमा के आधार पर आरोपी रवि पर की गई गुंडा एक्ट की कार्रवाई के विरूद्ध उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की गई थी। जबकि ललितपुर में भी सौरभ कुमार पर की गई गुंडा एक्ट की कार्रवाई को उच्च न्यायालय में रिट दायर कर चुनौती दी गई थी, जिस पर उच्च न्यायालय ने उक्त दोनों मामलों में मात्र दो मुकदमों के आधार पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई को समाप्त करने का आदेश पारित किया था। उक्त नजीरों के आधार पर अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने अब उक्त अभिषेक पंथ के खिलाफ ढाई माह पूर्व की गई गुंडा एक्ट की कार्रवाई को समाप्त करने का आदेश पारित कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन उक्त कार्रवाई प्रचलित रखे जाने का कोई औचित्य नहीं है और गुंडा एक्ट की कार्रवाई के नोटिस को निरस्त करते हुए कार्रवाई को समाप्त करने का आदेश पारित कर दिया।
विज्ञापन