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अग्निशमन विभाग ने मांगा रिफिलिंग प्रमाण पत्र
lalitpur
Updated Tue, 13 Sep 2016 01:53 AM IST
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- फोटो : demo pic
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ललितपुर। परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अब अग्निशमन विभाग से उपकरणों की रिफिलिंग होने का प्रमाण पत्र हासिल करना होगा। इस संबंध में अग्निशमन अधिकारी ने बीएसए को पत्र लिखा है, जिससे विभाग में खलबली मच गई है।
जिले में 1049 परिषदीय प्राथमिक और 492 पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा 457 मान्यता प्राप्त विद्यालय भी हैं, जिनमें कुल मिलाकर करीब दो लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। इन स्कूलों में लगे अग्निशमन यंत्रों का ड्राई केमिकल पाउडर कालातीत हो गया है। इसे अभी तक नहीं बदला गया है। नियमता प्रत्येक वर्ष सिलेंडरों में भरे पाउडर को बदलना आवश्यक है। इस समाचार को अमर उजाला के 11 सितंबर के अंक में खतरे में नौनिहाल शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इससे अग्निशमन विभाग तुरंत हरकत में आ गया। अग्निशमन अधिकारी आरडी निराला ने अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग कराने के लिए बीएसए को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में जिले के समस्त परिषदीय/मान्यता प्राप्त स्कूलों में अग्नि सुरक्षा की व्यवस्थाएं कराई गई थी।
इनका नवीनीकरण/रिफिलिंग प्रत्येक वर्ष किया जाना अनिवार्य था। लेकिन, लगभग छह वर्ष बीतने के बाद भी विद्यालयों में मौजूद अग्निशमन उपकरणों की रिफिलिंग नहीं कराई गई है। ऐसी स्थिति में यदि किसी विद्यालय में अग्निकांड की घटना होती है तो यह उपकरण वर्तमान में शोपीस साबित होंगे। इसे ध्यान में रखकर जनपद के समस्त परिषदीय/मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग कराने के लिए निर्देशित किया जाए। यही नहीं, विद्यालय के प्रधानाचार्य इसका प्रमाण पत्र अग्निशमन विभाग से प्राप्त करें। गौरतलब है कि परिषदीय स्कूलों में विकास अनुदान मद से तो निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों ने अपने संसाधन से अग्निशमन यंत्रों की स्थापना की थी। इस दौरान अध्यापकों को इनके इस्तेमाल की ट्रेनिंग शिक्षकों को दी गई थी। जिसे भली प्रकार से नहीं निभाया गया।
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जिले में 1049 परिषदीय प्राथमिक और 492 पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा 457 मान्यता प्राप्त विद्यालय भी हैं, जिनमें कुल मिलाकर करीब दो लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। इन स्कूलों में लगे अग्निशमन यंत्रों का ड्राई केमिकल पाउडर कालातीत हो गया है। इसे अभी तक नहीं बदला गया है। नियमता प्रत्येक वर्ष सिलेंडरों में भरे पाउडर को बदलना आवश्यक है। इस समाचार को अमर उजाला के 11 सितंबर के अंक में खतरे में नौनिहाल शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इससे अग्निशमन विभाग तुरंत हरकत में आ गया। अग्निशमन अधिकारी आरडी निराला ने अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग कराने के लिए बीएसए को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में जिले के समस्त परिषदीय/मान्यता प्राप्त स्कूलों में अग्नि सुरक्षा की व्यवस्थाएं कराई गई थी।
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इनका नवीनीकरण/रिफिलिंग प्रत्येक वर्ष किया जाना अनिवार्य था। लेकिन, लगभग छह वर्ष बीतने के बाद भी विद्यालयों में मौजूद अग्निशमन उपकरणों की रिफिलिंग नहीं कराई गई है। ऐसी स्थिति में यदि किसी विद्यालय में अग्निकांड की घटना होती है तो यह उपकरण वर्तमान में शोपीस साबित होंगे। इसे ध्यान में रखकर जनपद के समस्त परिषदीय/मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग कराने के लिए निर्देशित किया जाए। यही नहीं, विद्यालय के प्रधानाचार्य इसका प्रमाण पत्र अग्निशमन विभाग से प्राप्त करें। गौरतलब है कि परिषदीय स्कूलों में विकास अनुदान मद से तो निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों ने अपने संसाधन से अग्निशमन यंत्रों की स्थापना की थी। इस दौरान अध्यापकों को इनके इस्तेमाल की ट्रेनिंग शिक्षकों को दी गई थी। जिसे भली प्रकार से नहीं निभाया गया।
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