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Lalitpur News: चार माह में 50 फीसदी किसानों ने भी नहीं दिखाई रुचि
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- सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली योजना का हाल, 6400 के मुकाबले सिर्फ 800 किसानों ने ही कराया पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सिंचाई के लिए निजी नलकूप को मुफ्त बिजली देने की योजना में किसान रुचि नहीं दिखा रहे हैं। चार माह के बाद भी 6400 किसानों के मुकाबले सिर्फ 800 ने ही पंजीकरण कराया। अब किसानों को 15 जुलाई तक के लिए पंजीकरण कराने का मौका दिया गया है। वहीं, अब अधिकारियों का कहना है कि योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए योजना तैयार की जा रही है।
प्रदेश सरकार ने फरवरी 2024 में निजी नलकूप को मुफ्त बिजली देने की घोषणा की थी। साथ ही वर्ष एक अप्रैल 2023 से बकाया बिल भी माफ कर दिया था। इससे जिले के 6400 निजी नलकूप धारक किसानों को लाभ मिलना था। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 30 जून तक पंजीयन कराना था। लेकिन निजी नलकूप को मुफ्त बिजली योजना के लाभ लेने के लिए किसानों ने चार माह बाद भी रुचि नहीं दिखाई।
किसानों को दिया आखिरी मौका, 15 जुलाई तक कराएं पंजीयन
निजी नलकूप धारकों के लिए अब आखिरी मौका है। अब वे 15 जुलाई तक पंजीकरण करा सकते हैं।
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किसान प्रति वर्ष चुका रहे 70 करोड़ रुपये का बिल
जनपद में निजी नलकूप की संख्या 6400 है। ये किसान निजी ट्यूबवेल से मोटरें चलाकर सिंचाई करते हैं। इससे बिजली विभाग की प्रतिवर्ष लगभग 45 मेगावाट बिजली की खपत होती है। इन किसानों को प्रतिवर्ष विद्युत विभाग को 70 करोड़ रुपये चुकाने होते हैं।
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मुफ्त बिजली में किसानों की सहमति बन रही बाधा
निजी नलकूप को मुफ्त बिजली के लिए विद्युत विभाग को सहमति देनी है। सहमति न देने पर पंजीयन नहीं हो सकेगा। इसमें नलकूप संयोजन पर मीटर लगाया जाएगा। केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण होना थी।
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वर्जन
पंजीयन से वंचित किसानों को अंतिम मौका दिया गया है। निजी नलकूप धारक किसान 15 जुलाई तक मुफ्त बिजली के लिए पंजीयन करा लें।
- राहुल सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, द्वितीय
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सिंचाई के लिए निजी नलकूप को मुफ्त बिजली देने की योजना में किसान रुचि नहीं दिखा रहे हैं। चार माह के बाद भी 6400 किसानों के मुकाबले सिर्फ 800 ने ही पंजीकरण कराया। अब किसानों को 15 जुलाई तक के लिए पंजीकरण कराने का मौका दिया गया है। वहीं, अब अधिकारियों का कहना है कि योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए योजना तैयार की जा रही है।
प्रदेश सरकार ने फरवरी 2024 में निजी नलकूप को मुफ्त बिजली देने की घोषणा की थी। साथ ही वर्ष एक अप्रैल 2023 से बकाया बिल भी माफ कर दिया था। इससे जिले के 6400 निजी नलकूप धारक किसानों को लाभ मिलना था। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 30 जून तक पंजीयन कराना था। लेकिन निजी नलकूप को मुफ्त बिजली योजना के लाभ लेने के लिए किसानों ने चार माह बाद भी रुचि नहीं दिखाई।
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किसानों को दिया आखिरी मौका, 15 जुलाई तक कराएं पंजीयन
निजी नलकूप धारकों के लिए अब आखिरी मौका है। अब वे 15 जुलाई तक पंजीकरण करा सकते हैं।
किसान प्रति वर्ष चुका रहे 70 करोड़ रुपये का बिल
जनपद में निजी नलकूप की संख्या 6400 है। ये किसान निजी ट्यूबवेल से मोटरें चलाकर सिंचाई करते हैं। इससे बिजली विभाग की प्रतिवर्ष लगभग 45 मेगावाट बिजली की खपत होती है। इन किसानों को प्रतिवर्ष विद्युत विभाग को 70 करोड़ रुपये चुकाने होते हैं।
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मुफ्त बिजली में किसानों की सहमति बन रही बाधा
निजी नलकूप को मुफ्त बिजली के लिए विद्युत विभाग को सहमति देनी है। सहमति न देने पर पंजीयन नहीं हो सकेगा। इसमें नलकूप संयोजन पर मीटर लगाया जाएगा। केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण होना थी।
वर्जन
पंजीयन से वंचित किसानों को अंतिम मौका दिया गया है। निजी नलकूप धारक किसान 15 जुलाई तक मुफ्त बिजली के लिए पंजीयन करा लें।
- राहुल सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, द्वितीय