{"_id":"5b2171cc4f1c1bf86e8b7d4f","slug":"ed-se-pehle-parkhi-bibstha","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईद से पहले जिला प्रशासन ने परखीं व्यवस्थाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईद से पहले जिला प्रशासन ने परखीं व्यवस्थाएं
amarujala
Updated Thu, 14 Jun 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
ed ki bibstha, jhansi news
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रमजान माह खत्म होने को है और मुस्लिम समुदाय ईद मनाने के लिए उत्साहित हैं। चांद दिखने पर संभवत: शनिवार को ईद हो सकती है। ईद से पहले जिला प्रशासन ने सुरक्षा और सफाई व्यवस्थाओं के लिए चौकन्ना है। बुधवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों ने नगर पालिका के अधिकारियों के साथ ईदगाह का स्थलीय निरीक्षण किया और सफाई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
रमजान का महीना अल्ला की इबादत का महीना होता है और अल्लाह से सारे गुनाहों की माफी मांगी जाती है। मुस्लिम समुदाय में एक महीने तक रोजे होते हैं। जिसके बाद ईद का त्यौहार मनाया जाता है। रमजान के आखिरी रोजे की रात चांद का दीदार करके अगली सुबह ईद मनाई जाती है। इस साल रोजा की शुरुआत पिछली 18 मई को हुई थी। जो चांद दिखने के लिए दिन करीब 29 दिन या 30 दिन तक के होते हैं। मुस्लिम समुदाय में माना जाता है कि इस महीने में जो एक नेकी की 70 नेकी मिलती है। दिन में पांच वक्त की नमाज भी अदा की जाती है। अब 16 जून दिन शनिवार को यदि चांद दिखता है तो ईद-उल-फितर यानि ईद मनाई जाएगी। यदि 16 जून को चांद नहीं दिखता है तो उसके अगले दिन ईद मनाई जाएगी। ईद-उल-फितर के त्यौहार का सामाजिक महत्व भी किसी मायने में कम नहीं है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं कि अल्लाह ने उन्हें रोजा रखने की तौफीक और रुहानी तरक्की अता फरमाई। गुहानों से महफूज रखा। ईद-उल-फितर पैगंबर मोहम्मद में 624 ईसवी में जंग-ए-बदर के बाद मनाया था। माह-ए-रमजान में में ही कुरान-ए-करीम नाजिल हुआ।
ईद इसका जश्न भी है। कामयाबी हासिल की। बुधवार को जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक डा. ओपी सिंह, उपजिलाधिकारी सदर महेश प्रसाद दीक्षित ने नगर पालिका के अधिकारियों के साथ ईद के त्यौहार से पहले ईदगाह पर सफाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां उर्स कमेटी के मीडिया प्रभारी मोहम्मद नसीम खान से नमाज करने वाले स्थानों व मस्जिदों के बारे में भी जानकारी ली।
विज्ञापन
यहां होगी ईद पर नमाज
ईद-उल-फितर के दिन सुबह साढ़े आठ बजे नमाज अता कराई जाएगी। यहां शहर पेश इमाम हाजी मोहम्मद अलीम नमाज अदा कराएंगे। शहर की अन्य मस्जिदों में सुबह 8.45 बजे नमाज होगी। जामा मस्जिद, सदनशाह, नेहरुनगर, हम्मालान, बरिया वाली मस्जिद, गोविंदनगर, पुलिस लाइन कदीमी मस्जिद में नमाज अता होगी।
विज्ञापन
रमजान का महीना अल्ला की इबादत का महीना होता है और अल्लाह से सारे गुनाहों की माफी मांगी जाती है। मुस्लिम समुदाय में एक महीने तक रोजे होते हैं। जिसके बाद ईद का त्यौहार मनाया जाता है। रमजान के आखिरी रोजे की रात चांद का दीदार करके अगली सुबह ईद मनाई जाती है। इस साल रोजा की शुरुआत पिछली 18 मई को हुई थी। जो चांद दिखने के लिए दिन करीब 29 दिन या 30 दिन तक के होते हैं। मुस्लिम समुदाय में माना जाता है कि इस महीने में जो एक नेकी की 70 नेकी मिलती है। दिन में पांच वक्त की नमाज भी अदा की जाती है। अब 16 जून दिन शनिवार को यदि चांद दिखता है तो ईद-उल-फितर यानि ईद मनाई जाएगी। यदि 16 जून को चांद नहीं दिखता है तो उसके अगले दिन ईद मनाई जाएगी। ईद-उल-फितर के त्यौहार का सामाजिक महत्व भी किसी मायने में कम नहीं है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं कि अल्लाह ने उन्हें रोजा रखने की तौफीक और रुहानी तरक्की अता फरमाई। गुहानों से महफूज रखा। ईद-उल-फितर पैगंबर मोहम्मद में 624 ईसवी में जंग-ए-बदर के बाद मनाया था। माह-ए-रमजान में में ही कुरान-ए-करीम नाजिल हुआ।
विज्ञापन
ईद इसका जश्न भी है। कामयाबी हासिल की। बुधवार को जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक डा. ओपी सिंह, उपजिलाधिकारी सदर महेश प्रसाद दीक्षित ने नगर पालिका के अधिकारियों के साथ ईद के त्यौहार से पहले ईदगाह पर सफाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां उर्स कमेटी के मीडिया प्रभारी मोहम्मद नसीम खान से नमाज करने वाले स्थानों व मस्जिदों के बारे में भी जानकारी ली।
विज्ञापन
यहां होगी ईद पर नमाज
ईद-उल-फितर के दिन सुबह साढ़े आठ बजे नमाज अता कराई जाएगी। यहां शहर पेश इमाम हाजी मोहम्मद अलीम नमाज अदा कराएंगे। शहर की अन्य मस्जिदों में सुबह 8.45 बजे नमाज होगी। जामा मस्जिद, सदनशाह, नेहरुनगर, हम्मालान, बरिया वाली मस्जिद, गोविंदनगर, पुलिस लाइन कदीमी मस्जिद में नमाज अता होगी।