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Lalitpur News: शिव पार्वती विवाह का वर्णन सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तालाबपुरा में डोंडाघाट स्थित जुगलकिशोर मंदिर में चल रही भागवत कथा में कथा व्यास जय नारायन शास्त्री ने शिव पार्वती विवाह का वर्णन किया, जिसे सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा व्यास ने कहा कि हिमालय राज की कन्या पार्वती बड़ी होने लगती हैं। पार्वती ने मन में प्रण लिया कि वह शिव को पति के रूप में प्राप्त करेंगी। देवता भी शिव को मनाते हैं कि वह पार्वती से विवाह कर लें, लेकिन शिव इसके लिए तैयार नहीं हुए। माता पार्वती शिव को प्राप्त करने के लिए कठिन तपस्या करती हैं। भगवान शिव प्रसन्न हो विवाह के लिए तैयार हो जाते हैं। देवता, भूत, पिशाचों को लेकर तन में भस्म लगाए शिव बरात लेकर हिमालय राज के यहां पहुंचते हैं। माता मैना दूल्हे का भेष देखकर डर जाती हैं और पार्वती का विवाह करने से मना कर देती हैं। सभी ने समझाया कि शिव कोई साधारण नहीं हैं, वह तो देवों के देव हैं। उन्होंने बताया कि मां पार्वती और भगवान शिव का विवाह होता है और देवता पुष्पों की वर्षा करते हैं। कथा में उमेश सुडेले, रिचा सुडेले, सुदामा प्रसाद पुरोहित, भरत पुरोहित, प्रभा पुरोहित, तिलकराम, गायत्री, अजंलि, शिवानी, सिम्मी, हरिओम सुडेले, प्रिंस पुरोहित, जगदीश प्रसाद तिवारी, आशीष तिवारी, हरनाम सिंह तोमर, सुबोध गोस्वामी, नीरज जैन, लीलाधर उपाध्याय, आकाश सेन, महेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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ललितपुर। तालाबपुरा में डोंडाघाट स्थित जुगलकिशोर मंदिर में चल रही भागवत कथा में कथा व्यास जय नारायन शास्त्री ने शिव पार्वती विवाह का वर्णन किया, जिसे सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा व्यास ने कहा कि हिमालय राज की कन्या पार्वती बड़ी होने लगती हैं। पार्वती ने मन में प्रण लिया कि वह शिव को पति के रूप में प्राप्त करेंगी। देवता भी शिव को मनाते हैं कि वह पार्वती से विवाह कर लें, लेकिन शिव इसके लिए तैयार नहीं हुए। माता पार्वती शिव को प्राप्त करने के लिए कठिन तपस्या करती हैं। भगवान शिव प्रसन्न हो विवाह के लिए तैयार हो जाते हैं। देवता, भूत, पिशाचों को लेकर तन में भस्म लगाए शिव बरात लेकर हिमालय राज के यहां पहुंचते हैं। माता मैना दूल्हे का भेष देखकर डर जाती हैं और पार्वती का विवाह करने से मना कर देती हैं। सभी ने समझाया कि शिव कोई साधारण नहीं हैं, वह तो देवों के देव हैं। उन्होंने बताया कि मां पार्वती और भगवान शिव का विवाह होता है और देवता पुष्पों की वर्षा करते हैं। कथा में उमेश सुडेले, रिचा सुडेले, सुदामा प्रसाद पुरोहित, भरत पुरोहित, प्रभा पुरोहित, तिलकराम, गायत्री, अजंलि, शिवानी, सिम्मी, हरिओम सुडेले, प्रिंस पुरोहित, जगदीश प्रसाद तिवारी, आशीष तिवारी, हरनाम सिंह तोमर, सुबोध गोस्वामी, नीरज जैन, लीलाधर उपाध्याय, आकाश सेन, महेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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