विज्ञापन
विज्ञापन

नगर विकास को नहीं मिला ‘अमृत‘

lalitpur Updated Sun, 26 Jun 2016 01:14 AM IST
प्रशासन
प्रशासन - फोटो : amar ujala
ख़बर सुनें
ललितपुर। शहरी क्षेत्रों की कायाकल्प करने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई अमृत योजना को पूरा एक वर्ष हो गया है। शहर को इस योजना के तहत अभी तक कोई भी लाभ नहीं मिल पाया है। स्थिति यह है कि मामला केवल योजनाओं की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पर अटका हुआ है।
विज्ञापन
भारत सरकार ने एक साल पहले 25 जून 2015 को अटल मिशन फार रिजुवेशन और अरबन ट्रांसफार्मेशन (अमृत) योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत आधुनिक पार्कों का निर्माण और जीर्णोद्धार, सड़कों का चौड़ीकरण, फुटपाथ, घर-घर तक  स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, सीवर, जलनिकासी के लिए नाला-नाली का निर्माण, नगर पालिका को आनलाइन करना जैसी महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। शहरी विकास मंत्रालय इसके तहत गत वर्ष 2015-16 की कार्ययोजना में शहर के लिए करीब 25 करोड़ रुपये व्यय की संस्तुति दे चुका है, लेकिन पूरा मामला डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर ही अटका हुआ है।

नगर पालिका ने आईटीआई कॉलेज के पीछे स्थित मान्यवर कांशीराम कालोनी में बने पार्क के जीर्णोद्धार के लिए 23 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था। करीब दो माह पूर्व विभाग ने पार्क की डीपीआर भी शासन को भेज दी है, लेकिन अभी तक धरातल पर कोई भी काम शुरू नहीं किया गया है। इसी तरह जल संस्थान से शहर में सुचारु पेयजल आपूर्ति के लिए कार्ययोजना का प्रस्ताव मांगा था। इसमें करीब 23 करोड़ रुपये से नेहरू नगर पेयजल योजना व करीब 2.25 करोड़ रुपये की लागत से पाइप लाइन बिछाने और घर-घर नल कनेक्शन कराने का प्रस्ताव बनाया था। शासन ने जल निगम से प्रोजेक्ट की डिटेल रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन, अब तक का जल निगम की डीपीआर की खामियों को दूर नहीं कर पाया है। दोनों योजनाओं का कार्य डीपीआर तक ही सीमित रह गया है।

नहीं हो सकी नपा आनलाइन
अमृत योजना के तहत नगर पालिका को मार्च माह 2016 तक पूरी तरह से आनलाइन करना था, लेकिन तीन माह अतिरिक्त बीत जाने के बाद भी नगर पालिका अब तक आनलाइन नहीं हो सकी है। हालांकि, नगर पालिका की वेबसाइट फरवरी माह में तैयार हो गई  थी, लेकिन इसको अभी तक पूरी तरह से शुरू नहीं किया गया है। जबकि, शासन ने वित्तीय वर्ष 2016-17 का विभागीय कार्य आनलाइन करने के निर्देश दिए थे।

पुराने का ठिकाना नहीं, नये के मांगे प्रस्ताव
अमृत योजना के तहत वर्ष 2015-16 के लिए शासन द्वारा स्वीकृत मान्यवर कांशीराम कालोनी आवासीय कालोनी के पार्क का जीर्णोद्धार का कार्य अभी तक धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है और शासन ने वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए नए पार्कों का प्रस्ताव नगर पालिका से मांग लिया है। इसमें लिए नगर पालिका ने आधा दर्जन पार्कों के जीर्णोद्धार के लिए करीब साढ़े सात करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इसमें चंद्रशेखर आजाद पार्क के लिए 3.15 करोड़ रुपये, अंबेडकर पार्क व कांशीराम पार्क के लिए 86 लाख रुपये, राजवैद्य तुलसीराम पार्क के लिए 1.13  करोड़ रुपये, डा. सतीश सुड़ेले के सामने निर्मित पार्क के लिए 13 लाख रुपये, वार्ड नंबर 07 में कांशीराम कालोनी प्रथम भाग के पार्क के लिए 1.36 करोड़ रुपये व  द्वितीय भाग के पार्क के जीर्णोद्धार के लिए 80 लाख रुपये का प्रस्ताव  शासन को भेजा गया है।

प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए हैं। जैसे ही स्वीकृत होंगे काम शुरू कर दिया जाएगा। इसमें नगर पालिका की ओर से कोई ढील नहीं है।
- सुभाष जायसवाल
अध्यक्ष, नगर पालिका
विज्ञापन

Recommended

छात्रोंं के करियर को नई ऊंचाइयां देता ये खास प्रोग्राम
Invertis university

छात्रोंं के करियर को नई ऊंचाइयां देता ये खास प्रोग्राम

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Lalitpur

राप्तीसागर एक्सप्रेस में यात्री की मौत

राप्तीसागर एक्सप्रेस में यात्री की मौत

17 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

सीएम केजरीवाल का ऑड-ईवन पर ऐलान,बताया दिल्ली में ऑड-ईवन किन पर होगा लागू और किन्हें मिलेगी राहत

4 नवंबर 2019 से शुरू हो रही ऑड-ईवन योजना पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा ऐलान किया है. केजरीवाल सरकार ने ऑड-ईवन से दोपहिया वाहनों को राहत देने का फैसला किया है।

17 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree