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जर्जर विद्युत तार लोगों की जान के बाद अब फसलें कर रहे तबाह
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- फोटो : fire on field.jpg
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ललितपुर। खेतों और सड़कों से निकले बिजली के तार फसलें जलाकर तबाह कर रहे हैं। मरम्मत के अभाव में यह तार जर्जर हो गए हैं। तारों से चिंगारी निकलने और टूटकर गिरने से फसल तबाह हो रही है। मार्च में ही अब तक पांच से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें किसानों की लाखों रुपये की फसल जल गई।
शासन ने क्षेत्रों में प्रकाश व सिंचाई की सुविधा के लिए बिजली के तार खिंचवाए हैं, इनमें कई स्थानों पर हाईटेंशन तो कुछ जगह कनेक्शन वाले तार निकाले गए हैं। फसलों की सिंचाई के लिए किसानों के खेत से तार निकाले गए हैं। वहीं, गांव, मोहल्ला व बस्तियों के रास्तों में भी खंभा लगातार तार निकाले गए हैं।
इनमें कई लाइनों के बिजली के तारों की मरम्मत नहीं होने के कारण व देखरेख की कमी के कारण तारों की स्थिति काफी खराब हो गई है। जर्जर स्थिति में तार खेतों में झूल रहे हैं। कई स्थानों पर तो आठ से दस फिट की ऊंचाई तक आ गए हैं। ऐसे में करंट की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। इन तारों से निकली चिंगारियां फसलों को जला रहीं है। इससे किसान बर्बाद हो रहे हैं। जिले में अब तक आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकीं है। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखा कर रहे हैं।
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किसान कर रहे भरण पोषण व सहायता राशि की मांग
जिले में विद्युत विभाग की अनदेखी के कारण झूल रहे जर्जर तारों से निकली चिंगारियां किसानों की फसल को जला रहीं हैं। इससे किसान परेशान हैं। कई किसानों के पास तो खाने तक को उपज नहीं बच सकी है। ऐसे में उन्हें परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। पीड़ित किसान भरण पोषण के लिए सहायता राशि की मांग कर रहे हैं।
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यह हो चुकी घटनाएं
- 13 मार्च को ग्राम रारा में हाईटेंशन तार टूटने से फसल जली।
- 24 मार्च को ग्राम झावर में ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से फसल जली।
- 27 मार्च को महरौनी के ग्राम गुढ़ा में तार टूटकर गिरने से फसल जली।
- 29 मार्च को ग्राम गेवरा गुंदेरा ट्रांसफार्मर में आग लगने से जली फसल।
- 30 मार्च को ग्राम नदनवारा में हाईटेंशन लाइन की चिंगारी से जली फसल।
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आगजनी की घटनाओं में बिजली के तारों की चिंगारी से लगी आग के मामलों की जांच कराई जाएगी। यदि विद्युत विभाग की कमी पाई जाएगी तो उसके नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा।
- आकाश सचान
अधिशाषी अभियंता, विद्युत विभाग
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शासन ने क्षेत्रों में प्रकाश व सिंचाई की सुविधा के लिए बिजली के तार खिंचवाए हैं, इनमें कई स्थानों पर हाईटेंशन तो कुछ जगह कनेक्शन वाले तार निकाले गए हैं। फसलों की सिंचाई के लिए किसानों के खेत से तार निकाले गए हैं। वहीं, गांव, मोहल्ला व बस्तियों के रास्तों में भी खंभा लगातार तार निकाले गए हैं।
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इनमें कई लाइनों के बिजली के तारों की मरम्मत नहीं होने के कारण व देखरेख की कमी के कारण तारों की स्थिति काफी खराब हो गई है। जर्जर स्थिति में तार खेतों में झूल रहे हैं। कई स्थानों पर तो आठ से दस फिट की ऊंचाई तक आ गए हैं। ऐसे में करंट की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। इन तारों से निकली चिंगारियां फसलों को जला रहीं है। इससे किसान बर्बाद हो रहे हैं। जिले में अब तक आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकीं है। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखा कर रहे हैं।
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किसान कर रहे भरण पोषण व सहायता राशि की मांग
जिले में विद्युत विभाग की अनदेखी के कारण झूल रहे जर्जर तारों से निकली चिंगारियां किसानों की फसल को जला रहीं हैं। इससे किसान परेशान हैं। कई किसानों के पास तो खाने तक को उपज नहीं बच सकी है। ऐसे में उन्हें परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। पीड़ित किसान भरण पोषण के लिए सहायता राशि की मांग कर रहे हैं।
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यह हो चुकी घटनाएं
- 13 मार्च को ग्राम रारा में हाईटेंशन तार टूटने से फसल जली।
- 24 मार्च को ग्राम झावर में ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से फसल जली।
- 27 मार्च को महरौनी के ग्राम गुढ़ा में तार टूटकर गिरने से फसल जली।
- 29 मार्च को ग्राम गेवरा गुंदेरा ट्रांसफार्मर में आग लगने से जली फसल।
- 30 मार्च को ग्राम नदनवारा में हाईटेंशन लाइन की चिंगारी से जली फसल।
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आगजनी की घटनाओं में बिजली के तारों की चिंगारी से लगी आग के मामलों की जांच कराई जाएगी। यदि विद्युत विभाग की कमी पाई जाएगी तो उसके नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा।
- आकाश सचान
अधिशाषी अभियंता, विद्युत विभाग