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तुवन मंदिर परिसर में सजा पटाखा बाजार
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पटाखे की दुकान से पटाखे खरीदते लोग
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। दीपावली पर इस बार जिला प्रशासन द्वारा तुवन मंदिर परिसर और सदनशाह चौराहा स्थित गिन्नौट बाग में 50-50 दुकानें लगाने की अनुुमति दी गई है। जिस पर तुवन मंदिर परिसर में तो 50 दुकानदानों ने अपनी दुकानें सजा ली हैं, लेकिन गिन्नौट बाग में अब तक एक भी दुकान नहीं लगाई है। ऐसे में अब दीपावली पर पटाखे लेने के लिए तुवन मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुट रही है।
दीपावली के मौके पर तुवन मंदिर परिसर में कई वर्षों से पटाखों का बाजार जिला प्रशासन की अनुमति से लगाया जा रहा है, जिसमें कुल करीब 50 दुकान लगायी जाती थीं। इस बार भी दुकानदारों द्वारा पटाखों की दुकानों के लिए आवेदन किया गया, जिसके तहत जिला प्रशासन द्वारा शहर में सौ दुकानों के लिए अनुमति दी गई, लेकिन दुकानें अधिक होने और सुरक्षा के लिहाज से जिला प्रशासन ने अमरमंडी में पटाखा बाजार लगाने की बात कही, लेकिन शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर होने के कारण दुकानदार अमरपुर मंडी में दुकानें लगाने को राजी नहीं हुए। जिस पर बीते बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर और क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा दुकानदारों की मौजूदगी में 50 दुकानें तुवन मंदिर और 50 दुकानें गिन्नौट बाग में लगाने का निर्णय लिया गया। जिस पर सभी दुकानदार भी राजी हो गये। लेकिन शुक्रवार को तुवन मंदिर में तो 50 दुकानें लगाकर पटाखों की बिक्री शुरू भी हो गयी, लेकिन गिन्नौट बाग में पटाखों की कोई भी दुकान नहीं लगाई और वहां मैदान में सन्नाटा पसरा रहा।
बच्चों को लुभा रही पानी वाली माचिस
तुवन मंदिर परिसर में पटाखा बाजार में इस बार बच्चों को पानी वाली माचिस का पटाखा खूब लुभा रहा है। पॉप-पॉप दाने दार पटाखे भी बच्चों की पसंद बन रहे हैं। इस बार बेंटा प्लस शॉट पटाखे रंग बिरंगी रोशनी बिखेरेंगे। वहीं तितली आकार की चखरी भी बाजार में आई है। वहीं सोसियम फुलझड़ी भी लोगों को आकर्षक कर रही है। हालांकि अनार, मेहताब, तार, सुतली बम पुराने पटाखे भी लोगों की पसंद बने हुये हैं।
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इस बार बच्चों की पसंद के पटाखे अधिक मंगाये हैं। जिसमें पानी वाली माचिस और दानेदार पटाखे बच्चों के हिसाब से काफी ठीक हैं। जबकि अन्य कई प्रकार के पटाखे ईको फ्रैंडली भी है, जिनसे धुआं कम निकलता है और आवाज भी कम होती है।
-गौरव जैन, दुकानदार।
इस बार पटाखों की बिक्री पर कोरोना संक्रमण का असर भी देखने को मिला है। इस बार पटाखों का माल पुराना ही रखा है, नया माल बहुत कम मंगाया गया है। नये पटाखों में सोसियम फुलझड़ी और शॉट वाले पटाखे भी रखे गये हैं, जो ऊपर जाकर रंगबिरंगी रोशनी बिखेरते हैं।
-शिवम विश्वकर्मा, पटाखा दुकानदार।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पटाखा बाजार काफी कम ही रहने की उम्मीद है। जिसके चलते नया माल कम ही मंगाया है। बाजार में इस बार हर प्रकार के पटाखों का बाजार सजाया गया है, लेकिन शासन के नियमों के अंतर्गत ही पटाखों की बिक्री की जा रही है।
-मुकेश कुमार, पटाखा दुकानदार।
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दीपावली के मौके पर तुवन मंदिर परिसर में कई वर्षों से पटाखों का बाजार जिला प्रशासन की अनुमति से लगाया जा रहा है, जिसमें कुल करीब 50 दुकान लगायी जाती थीं। इस बार भी दुकानदारों द्वारा पटाखों की दुकानों के लिए आवेदन किया गया, जिसके तहत जिला प्रशासन द्वारा शहर में सौ दुकानों के लिए अनुमति दी गई, लेकिन दुकानें अधिक होने और सुरक्षा के लिहाज से जिला प्रशासन ने अमरमंडी में पटाखा बाजार लगाने की बात कही, लेकिन शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर होने के कारण दुकानदार अमरपुर मंडी में दुकानें लगाने को राजी नहीं हुए। जिस पर बीते बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर और क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा दुकानदारों की मौजूदगी में 50 दुकानें तुवन मंदिर और 50 दुकानें गिन्नौट बाग में लगाने का निर्णय लिया गया। जिस पर सभी दुकानदार भी राजी हो गये। लेकिन शुक्रवार को तुवन मंदिर में तो 50 दुकानें लगाकर पटाखों की बिक्री शुरू भी हो गयी, लेकिन गिन्नौट बाग में पटाखों की कोई भी दुकान नहीं लगाई और वहां मैदान में सन्नाटा पसरा रहा।
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बच्चों को लुभा रही पानी वाली माचिस
तुवन मंदिर परिसर में पटाखा बाजार में इस बार बच्चों को पानी वाली माचिस का पटाखा खूब लुभा रहा है। पॉप-पॉप दाने दार पटाखे भी बच्चों की पसंद बन रहे हैं। इस बार बेंटा प्लस शॉट पटाखे रंग बिरंगी रोशनी बिखेरेंगे। वहीं तितली आकार की चखरी भी बाजार में आई है। वहीं सोसियम फुलझड़ी भी लोगों को आकर्षक कर रही है। हालांकि अनार, मेहताब, तार, सुतली बम पुराने पटाखे भी लोगों की पसंद बने हुये हैं।
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इस बार बच्चों की पसंद के पटाखे अधिक मंगाये हैं। जिसमें पानी वाली माचिस और दानेदार पटाखे बच्चों के हिसाब से काफी ठीक हैं। जबकि अन्य कई प्रकार के पटाखे ईको फ्रैंडली भी है, जिनसे धुआं कम निकलता है और आवाज भी कम होती है।
-गौरव जैन, दुकानदार।
इस बार पटाखों की बिक्री पर कोरोना संक्रमण का असर भी देखने को मिला है। इस बार पटाखों का माल पुराना ही रखा है, नया माल बहुत कम मंगाया गया है। नये पटाखों में सोसियम फुलझड़ी और शॉट वाले पटाखे भी रखे गये हैं, जो ऊपर जाकर रंगबिरंगी रोशनी बिखेरते हैं।
-शिवम विश्वकर्मा, पटाखा दुकानदार।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पटाखा बाजार काफी कम ही रहने की उम्मीद है। जिसके चलते नया माल कम ही मंगाया है। बाजार में इस बार हर प्रकार के पटाखों का बाजार सजाया गया है, लेकिन शासन के नियमों के अंतर्गत ही पटाखों की बिक्री की जा रही है।
-मुकेश कुमार, पटाखा दुकानदार।

दुकान में रखे अलग अलग प्रकार के पटाखें- फोटो : LALITPUR