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किसानों से वसूली का आरोपी लेखपाल तालबेहट लौटा
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Wed, 24 Feb 2016 01:34 AM IST
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तालबेहट (ललितपुर)। पूराकलां में किसानों से पट्टों के नाम पर लाखों रुपये वसूलने का आरोपी लेखपाल पुन: अपना स्थानांतरण तालबेहट तहसील में कराने में सफल हो गया। वसूली के आरोप सही पाए जाने पर इस लेखपाल के खिलाफ पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। डीएम ने उसे निलंबित करने के निर्देश भी दिए थे।
राजस्व अधिकारियों ने पिछले वर्ष पूराकलां, दिदौरा में लगभग छह दर्जन लोगों को कृषि भूमि के पट्टे दिए थे। पट्टों के नाम पर लेखपाल ने किसानों से लाखों रुपये वसूले थे, जिसके बाद किसानों ने अपने पैसे वापस लेने के लिए कई बार लेखपाल और तहसील के चक्कर लगाना शुरू किया तो लेखपाल ने अपना स्थानांतरण महरौनी करा लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने मंडलायुक्त, डीएम सहित कई अधिकारियों से इसकी शिकायत की, तब तहसीलदार प्रीति जैन को इस मामले की जांच साैंपी गई। जांच में अवैध वसूली के आरोप सही मिलने पर तहसीलदार ने एक रिपोर्ट बनाकर डीएम ललितपुर और एसडीएम महरौनी को भेजी थी। महरौनी में उक्त रिपोर्ट कुछ राजस्व कर्मचारियों ने दबा दी थी। इसके बाद उक्त लेखपाल अपना स्थानांतरण महरौनी से तालबेहट कराने में सफल हो गया। उक्त लेखपाल के महरौनी से तालबेहट स्थानांतरण होने की जानकारी पाकर जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने लेखपाल को निलंबित करने के लिए एसडीएम तालबेहट को निर्देश दिए थे। जिस पर एसडीएम ने लेखपाल की जांच रिपोर्ट महरौनी भेजे जाने की बात कही थी।
इस संबंध में तहसीलदार प्रीति जैन का कहना है कि लेखपाल पर जांच में अवैध धन वसूली का आरोप सही पाया गया है। परंतु उसको निलंबित करने का अधिकार एसडीएम को है। वहीं, उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र का कहना है कि लेखपाल के संबंध में रिपोर्ट महरौनी भेजी जा चुकी है। रिपोर्ट आने के बाद उसके खिलाफ अवश्य कार्रवाई की जाएगी। दोषी को किसी भी कीमत में बख्शा नहीं जाएगा।
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राजस्व अधिकारियों ने पिछले वर्ष पूराकलां, दिदौरा में लगभग छह दर्जन लोगों को कृषि भूमि के पट्टे दिए थे। पट्टों के नाम पर लेखपाल ने किसानों से लाखों रुपये वसूले थे, जिसके बाद किसानों ने अपने पैसे वापस लेने के लिए कई बार लेखपाल और तहसील के चक्कर लगाना शुरू किया तो लेखपाल ने अपना स्थानांतरण महरौनी करा लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने मंडलायुक्त, डीएम सहित कई अधिकारियों से इसकी शिकायत की, तब तहसीलदार प्रीति जैन को इस मामले की जांच साैंपी गई। जांच में अवैध वसूली के आरोप सही मिलने पर तहसीलदार ने एक रिपोर्ट बनाकर डीएम ललितपुर और एसडीएम महरौनी को भेजी थी। महरौनी में उक्त रिपोर्ट कुछ राजस्व कर्मचारियों ने दबा दी थी। इसके बाद उक्त लेखपाल अपना स्थानांतरण महरौनी से तालबेहट कराने में सफल हो गया। उक्त लेखपाल के महरौनी से तालबेहट स्थानांतरण होने की जानकारी पाकर जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने लेखपाल को निलंबित करने के लिए एसडीएम तालबेहट को निर्देश दिए थे। जिस पर एसडीएम ने लेखपाल की जांच रिपोर्ट महरौनी भेजे जाने की बात कही थी।
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इस संबंध में तहसीलदार प्रीति जैन का कहना है कि लेखपाल पर जांच में अवैध धन वसूली का आरोप सही पाया गया है। परंतु उसको निलंबित करने का अधिकार एसडीएम को है। वहीं, उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र का कहना है कि लेखपाल के संबंध में रिपोर्ट महरौनी भेजी जा चुकी है। रिपोर्ट आने के बाद उसके खिलाफ अवश्य कार्रवाई की जाएगी। दोषी को किसी भी कीमत में बख्शा नहीं जाएगा।
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