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सीएम से पेंशन पाई, अब सूची से नाम कटा
lalitpur
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:07 AM IST
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- फोटो : demo pic
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ललितपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना समाजवाद पेंशन में गड़बड़ी और अपात्रों को लाभ दिए जाने के तमाम आरोप लगते रहे हैं, लेकिन ताजे मामले में मुख्यमंत्री द्वारा जिस महिला को योजना का लाभ दिया था, अब वह महिला अपात्र घोषित कर दी गई है। इसके कारण पूरी सूची ही सवालों के घेरे में आ गई है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ने मामले की जांच कराने की मांग को लेकर डीएम को पत्र लिखा है।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन ने डीएम को बताया कि पिछले वर्ष जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समाजवादी पेंशन का वितरण किया था। मुख्यमंत्री के हाथों पेंशन वाली महिला सकूरन पत्नी नसीरुद्दीन निवासी ग्राम गौना ब्लाक मड़ावरा का नाम अब पेंशन सूची से काट दिया गया है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत गौना में समाजवादी पेंशन की सूची में राजनीतिक रंजिश के चलते कई पात्रों के नाम काट दिए गए हैं। पात्रों को पेंशन से वंचित करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को एक सूची भी सौंपी है, जिसमें 24 लोगों के नाम दोबारा पेंशन सूची में शामिल करने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि गांव गौना की सूची में कई नाम ऐसे शामिल कर लिए गए हैं, जो कि समाजवादी पेंशन पाने की योग्यता नहीं रखते हैं। 24 लोगों की सूची में सकूरन का नाम भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से पेंशन पाने की महिला की फोटो को एनआईसी की वेबसाइट पर और इसके साथ ही सूचना विभाग की ओर से जारी किए गए कैलेंडर में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है। सवाल यह है कि अगर महिला वास्तव में पेंशन की हकदार नहीं है, तो उसे सीएम के हाथों पेंशन दिलाने के दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
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मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर गलत पाया गया तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- ब्रजेंद्र कुमार, प्रभारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन ने डीएम को बताया कि पिछले वर्ष जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समाजवादी पेंशन का वितरण किया था। मुख्यमंत्री के हाथों पेंशन वाली महिला सकूरन पत्नी नसीरुद्दीन निवासी ग्राम गौना ब्लाक मड़ावरा का नाम अब पेंशन सूची से काट दिया गया है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत गौना में समाजवादी पेंशन की सूची में राजनीतिक रंजिश के चलते कई पात्रों के नाम काट दिए गए हैं। पात्रों को पेंशन से वंचित करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को एक सूची भी सौंपी है, जिसमें 24 लोगों के नाम दोबारा पेंशन सूची में शामिल करने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि गांव गौना की सूची में कई नाम ऐसे शामिल कर लिए गए हैं, जो कि समाजवादी पेंशन पाने की योग्यता नहीं रखते हैं। 24 लोगों की सूची में सकूरन का नाम भी शामिल है।
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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से पेंशन पाने की महिला की फोटो को एनआईसी की वेबसाइट पर और इसके साथ ही सूचना विभाग की ओर से जारी किए गए कैलेंडर में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है। सवाल यह है कि अगर महिला वास्तव में पेंशन की हकदार नहीं है, तो उसे सीएम के हाथों पेंशन दिलाने के दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
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मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर गलत पाया गया तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- ब्रजेंद्र कुमार, प्रभारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी