फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   bus stand waiting room

कब होगा अंतर्राज्यीय बस स्टैंड पर प्रतीक्षालय का निर्माण

Thu, 19 May 2016 12:27 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Thu, 19 May 2016 12:27 AM IST
विज्ञापन
bus stand waiting room
बस स्‍टैैंड - फोटो : demo pic
ललितपुर। शहर का बस स्टैंड वर्षों से प्रतीक्षालय की प्रतीक्षा कर रहा है। इसे शहर का दुर्भाग्य ही कहेंगे कि यहां पर दो प्रतीक्षालयों की नींव डाली  गई,  परंतु उनका निर्माण पूर्ण नहीं हो सका है। ऐसे में भीषण गर्मी में कड़ी धूप से बचने के लिए यात्रियों को छाया तलाशनी पड़ रही है।
विज्ञापन


बस स्टैंड से प्रतिदिन लगभग 150  निजी व रोडवेज बसों का संचालन होता है। एक हजार से अधिक यात्री  प्रतिदिन बस स्टैंड पर आते-जाते हैं। लेकिन, प्रतीक्षालय के अभाव में वर्षों से  यात्री परेशानी झेल रहे हैं। वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी में यात्रियों की हालत खराब हो रही है। करीब पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन नगर पालिका बोर्ड द्वारा बस स्टैंड पर प्रतीक्षालय का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था, इसके बाद बोर्ड बदलते ही इस प्रतीक्षालय को प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया। प्रतीक्षालय के बजट का कोई रिकार्ड नहीं है। स्थानीय बस यूनियन, बस संचालक व समाजसेवी  संगठनों द्वारा उठाई गई प्रतीक्षालय की मांग को केंद्रीय मंत्री/क्षेत्रीय सांसद उमा भारती ने गंभीरता से लेते हुए माह दिसंबर में सांसद निधि से नौ लाख रुपये की लागत से प्रतीक्षालय का निर्माण कार्य समाज कल्याण निगम से शुरू कराया। प्रतीक्षालय भवन की नींव डालकर पिलर खड़े हो रहे थे कि सेना ने निर्माण रुकवा दिया। साथ ही रोक संबंधी पत्र भी समाज कल्याण निगम को सौंप दिया। प्रतीक्षालय के निर्माण के लिए रक्षा विभाग की एनओसी मांगी गई है।
विज्ञापन

लेकिन, एनओसी के इंतजार में पिछले छह माह से प्रतीक्षालय का निर्माण कार्य रुका है। शुरुआत में रक्षा विभाग से एनओसी हासिल करने के लिए पत्राचार का सिलसिला काफी तेजी से चला, पर कुछ समय बाद नगर पालिका व जिला प्रशासन दोनों की कार्रवाई धीमी गति पर आ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


जमीन पर है विवाद
बस  स्टैंड के निर्माण के समय से ही रक्षा विभाग और नगर पालिका के बीच जमीन के  स्वामित्व को लेकर विवाद चल रहा है। जमीन संबंधी दस्तावेजों के आधार पर नगर पालिका उक्त जमीन पर अपना दावा करती है। सांसद निधि से बनाए जा रहे प्रतीक्षालय भवन पर रोक  लगाते समय सेना के अफसरों ने भी शासनादेश का हवाला दिया। शासनादेश में  उल्लेख है कि एमईएस की जमीन की परिधि के 75 गज तक कोई निर्माण कार्य नहीं  कराया जा सकता है।


मिल सकती है एनओसी
जिस शासनादेश का हवाला देते हुए प्रतीक्षालय भवन के निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई है, उसी तरह की रोक नवीन तहसील के पास स्थित एमईएस की जमीन से सटे हुए   मकानों पर लगाई थी। इसमें मकान स्वामियों को रक्षा विभाग द्वारा एनओसी मिल  गई थी। यदि प्रशासन द्वारा पहल की जाए तो प्रतीक्षालय निर्माण के लिए  एनओसी मिल सकती है।



शौचालय का निर्माण कार्य रुका
सांसद उमा  भारती ने अपनी निधि से बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए पानी, शौचालय और   प्रतीक्षालय जैसी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निर्माण करा रही हैं।  कुछ  माह पूर्व यात्रियों को स्वच्छ पेयजल के लिए प्याऊ का निर्माण करा दिया  है। बस स्टैंड पर सांसद निधि से प्रतीक्षालय भवन व सार्वजनिक शौचालय का  निर्माण होना है। इसके लिए 12 लाख रुपए का बजट समाज कल्याण निगम को स्वीकृत  कर दिया गया है। लेकिन, एनओसी मिलने के बाद ही प्रतीक्षालय व शौचालय का  निर्माण कार्य प्रारंभ हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed