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बैंकों में बीमा राशि के लिए भटक रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jun 2016 01:07 AM IST
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farmer, lalitpur news
- फोटो : demo
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महरौनी (ललितपुर)। सूखे की मार से बर्बाद हुए बुंदेलखंड के किसान पर सरकारी महकमा भी दया नहीं कर रहा है। बर्बाद हुई फसल की बीमा राशि का बंदरवाट करने में यह कर्मचारी लगे हुए हैं। स्थिति यह है कि बैंकों में दलालों के सहयोग से अपनों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। किसान आए दिन परेशान हो रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं है।
किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज लेने वाले किसानों का फसल बीमा किया जाता है, जिससे फसल बर्बाद होने पर उसकी भरपाई हो सके। लेकिन, बीमा राशि जमा करने के बाद भी किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। पिछले कुछ वर्षों से लगातार प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन कृषकों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है।
इस वर्ष आर्थिक तंगी के कारण किसानों ने बीमा की ओर ध्यान देना शुरू किया तो उन्होंने बैंक के चक्कर लगाने शुरू कर दिए। बैंक कर्मचारियों द्वारा वर्ष 2014-15 की फसल बीमा राशि का भुगतान किया जा रहा है। नियमानुसार उस किसान को सर्वप्रथम बीमा का लाभ दिया जाता है, जिसके द्वारा केसीसी कार्ड पर समय से जमा-निकासी हुई हो। लेकिन, महरौनी स्थित एक बैंक में उल्टा हो रहा है। यहां जिसने समय से जमा- निकासी की उसके खाते में पेनाल्टी लगा दी गई है, जबकि बकायादार किसानों के खातों में बीमा राशि का भुगतान किया जा रहा है।
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शिकायत भेजी
महरौनी निवासी आशीष कुमार मोदी व धीरेंद्र कुमार सिंघई ने भारतीय स्टेट बैंक महरौनी के शाखा प्रबंधक व क्षेत्रीय प्रबंधक झांसी को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि उन्होंने केसीसी के खाते में नियमित किस्त अदायगी की है, इसके बावजूद उन्हें बीमा लाभ देने के बजाय पेनाल्टी लगा दी गई। उन्होंने जांच कर दोषी पर कार्रवाई करने की मांग की है।
बैंकों में बड़े पैमाने पर दलाल सक्रिय हैं। बिना दलालों के कोई काम नहीं होता है। पिछले किसान दिवस में उन्होंने मामला उठाया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
- कीरत सिंह बाबा
भारतीय किसान यूनियन
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किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज लेने वाले किसानों का फसल बीमा किया जाता है, जिससे फसल बर्बाद होने पर उसकी भरपाई हो सके। लेकिन, बीमा राशि जमा करने के बाद भी किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। पिछले कुछ वर्षों से लगातार प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन कृषकों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है।
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इस वर्ष आर्थिक तंगी के कारण किसानों ने बीमा की ओर ध्यान देना शुरू किया तो उन्होंने बैंक के चक्कर लगाने शुरू कर दिए। बैंक कर्मचारियों द्वारा वर्ष 2014-15 की फसल बीमा राशि का भुगतान किया जा रहा है। नियमानुसार उस किसान को सर्वप्रथम बीमा का लाभ दिया जाता है, जिसके द्वारा केसीसी कार्ड पर समय से जमा-निकासी हुई हो। लेकिन, महरौनी स्थित एक बैंक में उल्टा हो रहा है। यहां जिसने समय से जमा- निकासी की उसके खाते में पेनाल्टी लगा दी गई है, जबकि बकायादार किसानों के खातों में बीमा राशि का भुगतान किया जा रहा है।
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शिकायत भेजी
महरौनी निवासी आशीष कुमार मोदी व धीरेंद्र कुमार सिंघई ने भारतीय स्टेट बैंक महरौनी के शाखा प्रबंधक व क्षेत्रीय प्रबंधक झांसी को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि उन्होंने केसीसी के खाते में नियमित किस्त अदायगी की है, इसके बावजूद उन्हें बीमा लाभ देने के बजाय पेनाल्टी लगा दी गई। उन्होंने जांच कर दोषी पर कार्रवाई करने की मांग की है।
बैंकों में बड़े पैमाने पर दलाल सक्रिय हैं। बिना दलालों के कोई काम नहीं होता है। पिछले किसान दिवस में उन्होंने मामला उठाया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
- कीरत सिंह बाबा
भारतीय किसान यूनियन