फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Balance of 42804 accounts remains zero even after 10 years

Lalitpur News: 10 साल बाद भी 42804 खातों का बैलेंस शून्य

Sun, 01 Sep 2024 04:31 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 01 Sep 2024 04:31 AM IST
विज्ञापन
Balance of 42804 accounts remains zero even after 10 years
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। सरकार ने आम लोगों का जनधन योजना के तहत बैंकों में शून्य बैलेंस पर खाता खुलवाया था, लेकिन दस साल बाद भी 42804 खातों में एक भी पैसा जमा नहीं दिख रहा है। बैंकों ने इन खातों को चिह्नित किया है। जानकारों का कहना है कि इन खातों में योजनाओं का पैसा आते ही खाताधारक उसे निकाल लेते हैं।
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत वर्ष 2014 में 16 बैंकों में जीरो बैलेंस पर छह लाख 17 हजार खाते खोले गए थे, जिसमें 297520 पुरुष व 320190 खाते महिलाओं के शामिल हैं। इन खातों में दो अरब से अधिक की धनराशि जमा की गई, जबकि वर्तमान में 42804 खातों में जीरो बैलेंस है। ग्रामीण इलाकों में 439600 व शहरी इलाकों में 178110 खाते खोले गए। सर्वाधिक खाते 224461 पंजाब नेशनल बैंक में खोले गए, जिसमें खाता धारकों ने 89 करोड़ 16 लाख रुपये का, तो दूसरे नंबर पर स्टेट बैंक में 187881 खाते खोले गए, जिसमें 42 करोड़ 59 हजार रुपये का लेनदेन हुआ।
विज्ञापन

42804 ऐसे भी खाताधारक हैं, जो अपना बैलेंस जीरो रखे हैं। जनधन योजना से मजदूर वर्ग व अन्य गरीब तबके के लोगों को सबसे ज्यादा लाभ हुआ है। क्योंकि किसी भी सरकारी योजना की धनराशि जब बैंक में आती है तो वह पूरी राशि निकाल लेते हैं। उन्हें इस खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखना होता। न ही न्यूनतम बैलेंस न होने की दशा में बैंक कटौती करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------------------------
जनधन योजना के तहत 617710 खाते संचालित हो रहे हैं। 42804 खातों में शून्य बैलेंस है। -रंजीत सिंह, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed