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Lalitpur News: बाघ निकलने के बाद मड़ावरा वन क्षेत्र में वन विभाग की सरगर्मी तेज
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सर्च अभियान चलाते कर्मचारी।
- फोटो : amar ujala
- अधिकारियों ने गश्त कर ग्रामीणों से वन क्षेत्र में न जाने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मड़ावरा वन क्षेत्र के धौरीसागर और लखंजर में बाघ मिलने के बाद अब विभागीय सरगर्मी तेज हो गई है। पूरे वन क्षेत्र के लिए नोडल सतेंद्र कुमार सिंह को बनाया गया। उन्होंने बुधवार की रात गश्त कर ग्रामीणों को जागरूक किया। वन क्षेत्र में न जाने की अपील की है।
मड़ावरा वन क्षेत्र के धौरीसागर व लखंजर में कुछ दिन पहले बाघ देखा गया था। इसके बाद इस इलाके को संरक्षित कर दिया गया। बताया गया कि बाघ 90 किलोमीटर क्षेत्र में अपनी रियासत का निर्माण करता है। विभाग अनुमान लगा रहा है कि अगर लखंजर व धौरी सागर में इनका निवास है, तो यहां पर बाघ विचरण करते दिखेंगे। हालांकि, अभी ट्रैप कैमरों की जांच नहीं की गई है। मगर वन विभाग ने इसे आरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया है। साथ ही विभाग वह सभी एहतियात बरत रहा है, जो आरक्षित वन क्षेत्र में किया जाता है। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह ने बताया कि जल्द की ट्रैप कैमरों की जांच की जाएगी। इसके बाद ही अगली रणनीति तैयार होगी। ग्रामीणों को जागरूक कर वन्य जीवों की सुरक्षा में सहयोग मांगा गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मड़ावरा वन क्षेत्र के धौरीसागर और लखंजर में बाघ मिलने के बाद अब विभागीय सरगर्मी तेज हो गई है। पूरे वन क्षेत्र के लिए नोडल सतेंद्र कुमार सिंह को बनाया गया। उन्होंने बुधवार की रात गश्त कर ग्रामीणों को जागरूक किया। वन क्षेत्र में न जाने की अपील की है।
मड़ावरा वन क्षेत्र के धौरीसागर व लखंजर में कुछ दिन पहले बाघ देखा गया था। इसके बाद इस इलाके को संरक्षित कर दिया गया। बताया गया कि बाघ 90 किलोमीटर क्षेत्र में अपनी रियासत का निर्माण करता है। विभाग अनुमान लगा रहा है कि अगर लखंजर व धौरी सागर में इनका निवास है, तो यहां पर बाघ विचरण करते दिखेंगे। हालांकि, अभी ट्रैप कैमरों की जांच नहीं की गई है। मगर वन विभाग ने इसे आरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया है। साथ ही विभाग वह सभी एहतियात बरत रहा है, जो आरक्षित वन क्षेत्र में किया जाता है। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह ने बताया कि जल्द की ट्रैप कैमरों की जांच की जाएगी। इसके बाद ही अगली रणनीति तैयार होगी। ग्रामीणों को जागरूक कर वन्य जीवों की सुरक्षा में सहयोग मांगा गया है।
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