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एआरटीओ कार्यालय में डीएम का छापा
ललितपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2015 12:14 AM IST
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ललितपुर। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में ड्राईविंग लाइसेंस बनवाने, चालान की गाड़ियां छुड़वाने, फिटनेट सर्टीफिकेट और गाड़ियों से संबंधित अन्य कार्य कराने के नाम पर धन उगाही की शिकायतों पर डीएम ने मंगलवार को एआरटीओ कार्यालय में छापा मारा। इस दौरान दो संविदाकर्मी समेत आठ लोग वसूली करते पकड़े गए। डीएम ने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई से परिवहन विभाग के अंदर के अधिक बाहर मौजूद दलालों में हड़कंप मचा रहा।
मंगलवार को डीएम जुहेर बिन सगीर ने एआरटीओ कार्यालय में छापा मारा। दोपहर साढ़े बारह बजे डीएम, मंडी पुलिस चौकी प्रभारी समेत एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी गाड़ी कार्यालय के बाहर खड़ी करा दी और वह कार्यालय में बने विभिन्न पटलों की खिड़कियों पर पहुंच गए। खिड़कियों पर लाइन लगाए लोगों से ड्राईविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ली जाने वाली राशि के बारे में पूछताछ की, जिस पर बहुत से वाहन स्वामियों ने लाइसेंस बनवाने के लिए 250 से 300 रुपये अलग से लिए जाने की बात बताई। खिड़कियों के बाहर कुछ दलालों को लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों से अवैध रूप से रुपये ऐंठते हुए पकड़ लिया और उन्हें मंडी पुलिस चौकी प्रभारी को सौंप दिया गया।
इसके बाद वह कार्यालय के अंदर ड्राइविंग लाइसेंस के पटल पर पहुंच गए और लिपिक से पूछताछ की। उन्होंने स्टेटमेंट रजिस्टर खंगाला और बाउचर के संबंध में भी पूछताछ की। यहां 63 वाउचर की रसीदें कटी पाई गईं, लेकिन सभी लाईसेंस पेंडिंग मिले। लिपिक ने बताया कि एआरटीओ के छुट्टी पर होने के कारण इन लाइसेंस पर साइन नहीं हो सके हैं। डीएम ने लाइसेंस बनाने में अवैध उगाही की शिकायत पर लिपिक को फटकार लगाई। इसके बाद वह सीधे प्रधान सहायक कमलेश मिश्रा के प्रवर्तन पटल पर जा पहुंचे, जहां उन्होंने चालान के बाद गाड़ियों के छूटने की संख्या पूछी। लेकिन, वह कुछ न बता सके। विभिन्न प्रवर्तन संबंधी फाइलों को डीएम ने खुद देखा। उन्होंने फाइलों को छुपाकर रखा हुआ पाया, जिस पर उन्होंने प्रधान सहायक को फटकार लगाई। इसके बाद उन्होंने अन्य प्रांतों से आने वाली गाड़ियों संबंधी पटल का भी निरीक्षण किया।
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यहां फाइलों को अलमारियों के पीछे छुपाकर रखा गया था, जिस पर उन्होंने फाइलों को खुद उठाया और लिपिक को फटकार लगाई। इस संबंध में उन्होंने आरटीओ राधेश्याम से पूछताछ की, जबकि उनके साथ आए पुलिस कर्मियों ने ऊपर की मंजिल पर लाइसेंस के लिए फोटो के लिए अवैध रूप से 50 रुपये लेते एक संविदा कर्मी को पकड़ लिया। कार्यालय में मौजूद लाइसेंस बनवाने आए दो युवकों से उन्होंने पूछताछ की जिस पर दोनों ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए तीन महीनों से भटकने और दलालों द्वारा 500 रुपये तक की मांग करने की बात बताई। फिर वह सीधे कार्यालय से बाहर परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ करने लगे, जहां लोगों ने अवैध रूप से धन उगाही किए जाने की बात को सही ठहराया।
20 मिनट देर से पहुंचे आरटीओ
ललितपुर। जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान परिवहन कार्यालय में आरटीओ राधेश्याम टोल नाका पर चेकिंग कर रहे थे। डीएम के निरीक्षण की सूचना पर वह 20 मिनट बाद कार्यालय पहुंच गए, जबकि एआरटीओ प्रशासन सोमलता यादव छुट्टी पर होने के कारण मौजूद नहीं मिलीं।
दलालों ने गिराई शटरें
ललितपुर। डीएम के कार्यालय में निरीक्षण के लिए पहुंचने पर यहां दलालों ने अपनी दुकानों में ताले जड़ दिए और तत्काल वहां से भागना शुरू कर दिया। डीएम की गाड़ी का सायरन बजते ही दलालों में भगदड़ मच गई।
जब हिचकोले खाते कार्यालय पहुंचे डीएम
ललितपुर। डीएम जब एआरटीओ कार्यालय वाले रास्ते पर पहुंचे तो यहां गड्ढों में सड़क है या सड़क में गड्ढे हैं, शायद उन्हें इसका अंदाजा भी नहीं लग सका होगा। क्योंकि, यहां मुख्य मार्ग से कार्यालय तक नहर वाली रोड में गड्ढे ही गड्ढे हैं। जिस पर डीएम की गाड़ी हिचकोले खाते हुए कार्यालय तक पहुंची।
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मंगलवार को डीएम जुहेर बिन सगीर ने एआरटीओ कार्यालय में छापा मारा। दोपहर साढ़े बारह बजे डीएम, मंडी पुलिस चौकी प्रभारी समेत एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी गाड़ी कार्यालय के बाहर खड़ी करा दी और वह कार्यालय में बने विभिन्न पटलों की खिड़कियों पर पहुंच गए। खिड़कियों पर लाइन लगाए लोगों से ड्राईविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ली जाने वाली राशि के बारे में पूछताछ की, जिस पर बहुत से वाहन स्वामियों ने लाइसेंस बनवाने के लिए 250 से 300 रुपये अलग से लिए जाने की बात बताई। खिड़कियों के बाहर कुछ दलालों को लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों से अवैध रूप से रुपये ऐंठते हुए पकड़ लिया और उन्हें मंडी पुलिस चौकी प्रभारी को सौंप दिया गया।
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इसके बाद वह कार्यालय के अंदर ड्राइविंग लाइसेंस के पटल पर पहुंच गए और लिपिक से पूछताछ की। उन्होंने स्टेटमेंट रजिस्टर खंगाला और बाउचर के संबंध में भी पूछताछ की। यहां 63 वाउचर की रसीदें कटी पाई गईं, लेकिन सभी लाईसेंस पेंडिंग मिले। लिपिक ने बताया कि एआरटीओ के छुट्टी पर होने के कारण इन लाइसेंस पर साइन नहीं हो सके हैं। डीएम ने लाइसेंस बनाने में अवैध उगाही की शिकायत पर लिपिक को फटकार लगाई। इसके बाद वह सीधे प्रधान सहायक कमलेश मिश्रा के प्रवर्तन पटल पर जा पहुंचे, जहां उन्होंने चालान के बाद गाड़ियों के छूटने की संख्या पूछी। लेकिन, वह कुछ न बता सके। विभिन्न प्रवर्तन संबंधी फाइलों को डीएम ने खुद देखा। उन्होंने फाइलों को छुपाकर रखा हुआ पाया, जिस पर उन्होंने प्रधान सहायक को फटकार लगाई। इसके बाद उन्होंने अन्य प्रांतों से आने वाली गाड़ियों संबंधी पटल का भी निरीक्षण किया।
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यहां फाइलों को अलमारियों के पीछे छुपाकर रखा गया था, जिस पर उन्होंने फाइलों को खुद उठाया और लिपिक को फटकार लगाई। इस संबंध में उन्होंने आरटीओ राधेश्याम से पूछताछ की, जबकि उनके साथ आए पुलिस कर्मियों ने ऊपर की मंजिल पर लाइसेंस के लिए फोटो के लिए अवैध रूप से 50 रुपये लेते एक संविदा कर्मी को पकड़ लिया। कार्यालय में मौजूद लाइसेंस बनवाने आए दो युवकों से उन्होंने पूछताछ की जिस पर दोनों ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए तीन महीनों से भटकने और दलालों द्वारा 500 रुपये तक की मांग करने की बात बताई। फिर वह सीधे कार्यालय से बाहर परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ करने लगे, जहां लोगों ने अवैध रूप से धन उगाही किए जाने की बात को सही ठहराया।
20 मिनट देर से पहुंचे आरटीओ
ललितपुर। जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान परिवहन कार्यालय में आरटीओ राधेश्याम टोल नाका पर चेकिंग कर रहे थे। डीएम के निरीक्षण की सूचना पर वह 20 मिनट बाद कार्यालय पहुंच गए, जबकि एआरटीओ प्रशासन सोमलता यादव छुट्टी पर होने के कारण मौजूद नहीं मिलीं।
दलालों ने गिराई शटरें
ललितपुर। डीएम के कार्यालय में निरीक्षण के लिए पहुंचने पर यहां दलालों ने अपनी दुकानों में ताले जड़ दिए और तत्काल वहां से भागना शुरू कर दिया। डीएम की गाड़ी का सायरन बजते ही दलालों में भगदड़ मच गई।
जब हिचकोले खाते कार्यालय पहुंचे डीएम
ललितपुर। डीएम जब एआरटीओ कार्यालय वाले रास्ते पर पहुंचे तो यहां गड्ढों में सड़क है या सड़क में गड्ढे हैं, शायद उन्हें इसका अंदाजा भी नहीं लग सका होगा। क्योंकि, यहां मुख्य मार्ग से कार्यालय तक नहर वाली रोड में गड्ढे ही गड्ढे हैं। जिस पर डीएम की गाड़ी हिचकोले खाते हुए कार्यालय तक पहुंची।