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पेयजल को तरस रहे बानपुर वासी
Lalitpur
Updated Mon, 10 Mar 2014 05:32 AM IST
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बानपुर (ललितपुर)। लाखों रुपये खर्च करके कस्बा बानपुर में तैयार की गई पेयजल पाइप लाइन परियोजना का लाभ यहां रहने वाले लोगों को नहीं मिल पा रहा है। आधा दर्जन मुहल्लों में पिछले कई महीनों से पानी की एक बूंद नहीं टपकी है। इस वजह से लोग हर सुबह हाथ में बर्तन लेकर पानी ढोने को मजबूर हैं।
बानपुर कस्बे में लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए बाड़ा घाट में इंटेकवैल का निर्माण कराया गया था। यहां पानी को शोधित करने के लिए फिल्टर प्लांट भी बनाया गया था। साथ ही टीकमगढ़ रोड के पास पानी की टंकी बनाई गई थी। निर्माण कार्य पूर्ण होते ही एक सैकड़ा लोगों ने संयोजन ले लिए। शुरुआती दौर में तो सब कुछ ठीकठाक चलता रहा, लेकिन पिछले कई वर्षों से पेयजलापूर्ति विभिन्न वजहों से बुरी तरह बाधित हो गई। जैन बड़ा मंदिर के आसपास, शिवशंकर मंदिर के पास, पुराना बाजार, चौकी, खटकियाने मुहल्ले में पिछले एक वर्ष से सरकारी नलों की टोंटियों से एक बूंद पानी नहीं टपका है।
इन मुहल्लों की महिलाएं, पुरुष व बच्चे सुबह होते ही सिर पर बर्तन रखकर पानी ढोने को मजबूर हैं। जल्द पानी भरने के लिए लोग साइकिल व अन्य वाहनों का भी इस्तेमाल करते हैं। अब जबकि गर्मी की शुरूआत होने वाली है फिर भी अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है। वहीं ग्रामीणों में बाधित पेयजल आपूर्ति को लेकर जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। वह आपूर्ति दुरुस्त कराने के लिए आंदोलन की रूपरेखा तय कर रहे हैं।
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बिल आया, पानी नहीं
ललितपुर। बानपुर स्थित पुराना बाजार में रहने वाले वीरेंद्र सिंघई का कहना है कि एक वर्ष पहले उन्होंने जलसंस्थान से संयोजन लिया था। तब से लेकर अब तक टोंटी से पानी की एक बूंद नहीं टपकी है। हां बिल जरूर आया था जिसको अदा कर दिया है।
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बानपुर कस्बे में लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए बाड़ा घाट में इंटेकवैल का निर्माण कराया गया था। यहां पानी को शोधित करने के लिए फिल्टर प्लांट भी बनाया गया था। साथ ही टीकमगढ़ रोड के पास पानी की टंकी बनाई गई थी। निर्माण कार्य पूर्ण होते ही एक सैकड़ा लोगों ने संयोजन ले लिए। शुरुआती दौर में तो सब कुछ ठीकठाक चलता रहा, लेकिन पिछले कई वर्षों से पेयजलापूर्ति विभिन्न वजहों से बुरी तरह बाधित हो गई। जैन बड़ा मंदिर के आसपास, शिवशंकर मंदिर के पास, पुराना बाजार, चौकी, खटकियाने मुहल्ले में पिछले एक वर्ष से सरकारी नलों की टोंटियों से एक बूंद पानी नहीं टपका है।
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इन मुहल्लों की महिलाएं, पुरुष व बच्चे सुबह होते ही सिर पर बर्तन रखकर पानी ढोने को मजबूर हैं। जल्द पानी भरने के लिए लोग साइकिल व अन्य वाहनों का भी इस्तेमाल करते हैं। अब जबकि गर्मी की शुरूआत होने वाली है फिर भी अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है। वहीं ग्रामीणों में बाधित पेयजल आपूर्ति को लेकर जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। वह आपूर्ति दुरुस्त कराने के लिए आंदोलन की रूपरेखा तय कर रहे हैं।
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बिल आया, पानी नहीं
ललितपुर। बानपुर स्थित पुराना बाजार में रहने वाले वीरेंद्र सिंघई का कहना है कि एक वर्ष पहले उन्होंने जलसंस्थान से संयोजन लिया था। तब से लेकर अब तक टोंटी से पानी की एक बूंद नहीं टपकी है। हां बिल जरूर आया था जिसको अदा कर दिया है।