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राष्ट्र सेवा युवाओं का नैतिक कर्तव्य
Lalitpur
Updated Tue, 07 Jan 2014 05:49 AM IST
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ललितपुर। नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्र इकाई प्रथम व तृतीय(कृषि) का कालेज परिसर में एक दिवसीय शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर समाज व राष्ट्र सेवा को युवाओं का नैतिक कर्तव्य बताया गया।
छात्र इकाई प्रथम व तृतीय (कृषि) के एक दिवसीय शिविर का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन करके किया गया। शिविर में प्राचार्य डा. अवधेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश में विभिन्न चुनौतियां मुंह बाएं खड़ी हैं। इन सभी समस्याओं का समाधान देश की युवा शक्ति कर सकती है। भारतीय संस्कृति में सेवा की भावना रही है। युवाओं का देश व समाज की सेवा करना नैतिक कर्तव्य है। युवा हर क्षेत्र में आगे बढ़े और समस्याओं को खत्म करें। वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डा. सूबेदार सिंह ने कहा कि भारत मेधावियों का देश है। यह पूरा विश्व जानता है। अमेरिका से लेकर सभी देशों में भारतीय मेधावियों ने अपनी मेधा का परचम लहराया है। शिविर के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक कार्य करने की शिक्षा दी जाती है, इसको जीवन में उतारना चाहिए। डा. लक्ष्मीकांत मिश्र ने कहा कि किताबी जीवन से निकलकर जनजागरुकता कार्यक्रम के माध्यम से देश की सेवा करें। हिंदी प्रवक्ता डा. पुनीत बिसारिया ने कहा कि युवाओं में सकारात्मक व रचनात्मक कार्य के माध्यम से अमूलचूल परिवर्तन करने की शक्ति है। पीटी ऊषा, संतोष यादव, बछेंद्री पाल, सुनीता विलियम्स ऐसी महिलाएं हैं, जिन्होंने देश का नाम ऊंचा किया है। यहां के युवा भी किसी से कम नहीं हैं। हिंदी प्रवक्ता ओ पी चौधरी ने संयमित व अनुशासित रहकर अपने उद्देश्यों में सफल होने की बात कही। इस अवसर पर उद्यान विज्ञान प्रवक्ता मदनलाल, डा. संतोष सिंह, डा. धीरेंद्र सिंह, फहीम बख्श, भगवती प्रसाद, कमलेश, लक्ष्मी सोनी, सुरेश पाल, मनोज, पहाड़ सिंह सहित अन्य प्रवक्ता उपस्थित रहे।
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छात्र इकाई प्रथम व तृतीय (कृषि) के एक दिवसीय शिविर का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन करके किया गया। शिविर में प्राचार्य डा. अवधेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश में विभिन्न चुनौतियां मुंह बाएं खड़ी हैं। इन सभी समस्याओं का समाधान देश की युवा शक्ति कर सकती है। भारतीय संस्कृति में सेवा की भावना रही है। युवाओं का देश व समाज की सेवा करना नैतिक कर्तव्य है। युवा हर क्षेत्र में आगे बढ़े और समस्याओं को खत्म करें। वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डा. सूबेदार सिंह ने कहा कि भारत मेधावियों का देश है। यह पूरा विश्व जानता है। अमेरिका से लेकर सभी देशों में भारतीय मेधावियों ने अपनी मेधा का परचम लहराया है। शिविर के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक कार्य करने की शिक्षा दी जाती है, इसको जीवन में उतारना चाहिए। डा. लक्ष्मीकांत मिश्र ने कहा कि किताबी जीवन से निकलकर जनजागरुकता कार्यक्रम के माध्यम से देश की सेवा करें। हिंदी प्रवक्ता डा. पुनीत बिसारिया ने कहा कि युवाओं में सकारात्मक व रचनात्मक कार्य के माध्यम से अमूलचूल परिवर्तन करने की शक्ति है। पीटी ऊषा, संतोष यादव, बछेंद्री पाल, सुनीता विलियम्स ऐसी महिलाएं हैं, जिन्होंने देश का नाम ऊंचा किया है। यहां के युवा भी किसी से कम नहीं हैं। हिंदी प्रवक्ता ओ पी चौधरी ने संयमित व अनुशासित रहकर अपने उद्देश्यों में सफल होने की बात कही। इस अवसर पर उद्यान विज्ञान प्रवक्ता मदनलाल, डा. संतोष सिंह, डा. धीरेंद्र सिंह, फहीम बख्श, भगवती प्रसाद, कमलेश, लक्ष्मी सोनी, सुरेश पाल, मनोज, पहाड़ सिंह सहित अन्य प्रवक्ता उपस्थित रहे।
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