{"_id":"5a11dd574f1c1ba7678bc95b","slug":"91511120215-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिर कब तक होना पड़ेगा महिलाओं को सरे बाजार शर्मसार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिर कब तक होना पड़ेगा महिलाओं को सरे बाजार शर्मसार
Updated Mon, 20 Nov 2017 01:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रसाधन केंद्र के अभाव में महिलाएं परेशान
ललितपुर। विकास के दौर में मुख्य बाजार क्षेत्र में कहीं पर भी महिला प्रसाधन केंद्र नहीं हैं। इस बार पहली बार कोई महिला नपा अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठेगी, देखना होगा कि जीतने के बाद इस समस्या का कितनी गंभीरता से निस्तारण किया जाता है। हालांकि अभी तक इस गंभीर समस्या को अधिकतर प्रत्याशियों द्वारा दरकिनार किया गया है।
वर्तमान में चल रहे नगर पालिका अध्यक्ष व वार्ड पार्षद पद के चुनाव में समस्त प्रत्याशियों द्वारा विकास के बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं। वहीं, पूर्व में नगर पालिका बोर्ड का हिस्सा रहे चुके पूर्व पार्षद व अध्यक्षों द्वारा विकास किया है और विकास करेंगे के नारे दिए जा रहे हैं। नगर पालिका की निर्वतमान बोर्ड में शामिल 26 वार्डों के पार्षदों में 10 वार्डों की पार्षद महिलाएं है। इसके बावजूद यह शहर व जनपद की उन महिलाओं को दुर्भाग्य है कि जो जिला मुख्यालय पर बाजार में खरीदारी व अन्य काम के लिए आती है और बाजार में महिला प्रशासन का अभाव होने के कारण उन्हें मजबूरन सरे बाजार शर्मसार होना पड़ता है। मुख्य बाजार क्षेत्र के अलावा पूरे शहर में केवल एक ही महिला प्रशाधन केंद्र है, लेकिन वह महिलाओं की पहुंच से दूर है। शहर का यह एकलौता महिला प्रशासन केंद्र पुरानी सदर तहसील के आगे आबकारी विभाग की देशी शराब की गोदाम के पास बना हुआ है। यहां महिलाओं का कोई आना-जाना नहीं होता है। इसके अलावा यह महिला प्रशासन केंद्र हमेशा ही कूड़ा की चपेट में रहता है, यहां पर कूड़ा घर बना हुआ है। इस बार नगर पालिका के इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद के लिए महिला आरक्षित सीट है। इस अध्यक्ष पद के लिए 14 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें से अभी एक-दो प्रत्याशी को छोड़कर अन्य महिला प्रत्याशियों को आम महिलाओं को होने वाली इस गंभीर समस्या के निस्तारण के लिए चुनावी मुद्दा नहीं बनाया है और न ही अपने घोषणा व संकल्प पत्र में शामिल किया है।
विज्ञापन
ललितपुर। विकास के दौर में मुख्य बाजार क्षेत्र में कहीं पर भी महिला प्रसाधन केंद्र नहीं हैं। इस बार पहली बार कोई महिला नपा अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठेगी, देखना होगा कि जीतने के बाद इस समस्या का कितनी गंभीरता से निस्तारण किया जाता है। हालांकि अभी तक इस गंभीर समस्या को अधिकतर प्रत्याशियों द्वारा दरकिनार किया गया है।
वर्तमान में चल रहे नगर पालिका अध्यक्ष व वार्ड पार्षद पद के चुनाव में समस्त प्रत्याशियों द्वारा विकास के बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं। वहीं, पूर्व में नगर पालिका बोर्ड का हिस्सा रहे चुके पूर्व पार्षद व अध्यक्षों द्वारा विकास किया है और विकास करेंगे के नारे दिए जा रहे हैं। नगर पालिका की निर्वतमान बोर्ड में शामिल 26 वार्डों के पार्षदों में 10 वार्डों की पार्षद महिलाएं है। इसके बावजूद यह शहर व जनपद की उन महिलाओं को दुर्भाग्य है कि जो जिला मुख्यालय पर बाजार में खरीदारी व अन्य काम के लिए आती है और बाजार में महिला प्रशासन का अभाव होने के कारण उन्हें मजबूरन सरे बाजार शर्मसार होना पड़ता है। मुख्य बाजार क्षेत्र के अलावा पूरे शहर में केवल एक ही महिला प्रशाधन केंद्र है, लेकिन वह महिलाओं की पहुंच से दूर है। शहर का यह एकलौता महिला प्रशासन केंद्र पुरानी सदर तहसील के आगे आबकारी विभाग की देशी शराब की गोदाम के पास बना हुआ है। यहां महिलाओं का कोई आना-जाना नहीं होता है। इसके अलावा यह महिला प्रशासन केंद्र हमेशा ही कूड़ा की चपेट में रहता है, यहां पर कूड़ा घर बना हुआ है। इस बार नगर पालिका के इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद के लिए महिला आरक्षित सीट है। इस अध्यक्ष पद के लिए 14 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें से अभी एक-दो प्रत्याशी को छोड़कर अन्य महिला प्रत्याशियों को आम महिलाओं को होने वाली इस गंभीर समस्या के निस्तारण के लिए चुनावी मुद्दा नहीं बनाया है और न ही अपने घोषणा व संकल्प पत्र में शामिल किया है।
विज्ञापन