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आफत: बारिश से छलनी हुई सड़कें, कीचड़ में बदले कच्चे मार्ग
Updated Thu, 26 Jul 2018 04:40 AM IST
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बारिश ने बदली सड़कों की सूरत
- जगह-जगह पर हुए गड्ढे, कीचड़ में बदले कच्चे मार्ग
- जिले में चौथे दिन भी महरबान रहे इंद्रदेव, देर शाम तक बूंदाबांदी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले में चौथे दिन भी बारिश का सिलसिला बना रहा। बुधवार को सुबह से शुरू हुई बरसात शाम तक चलती रही। इससे शहर की सड़कों का बुरा हाल हो गया। पानी का भराव होने से सड़कें में छोटे-बड़े गड्ढे हो गए। वहीं, कच्चे मार्ग कीचड़ में बदल गए हैं। उधर बांधों में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे जरूर खिले नजर आ रहे हैं।
अषाढ़ का महीना यूं ही सूखा गुजर रहा था, लेकिन माह के अंतिम दिनों में मानसून सक्रिय हो गया। जिससे पिछले चार दिन से जनपद में बारिश हो रही है। आज सुबह से बारिश हो रही है। ललितपुर तहसील अंतर्गत सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक 45 मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं, तालबेहट तहसील में 16.2 मिलीमीटर एवं महरौनी तहसील अंतर्गत सबसे कम पांच मिलीमीटर बरसात दर्ज हुई है। इस बारिश से शहर की कई सड़कें छलनी हो गई हैं। इनमें रावतयाना वार्ड की मुख्य सड़क पर छोटे-बड़े गड्ढे नजर आने लगे हैं। जिनमें बारिश का पानी भर गया है। आईटीआई के पास सड़क पर बन गए गड्ढों में जलभराव हो गया है। इस सड़क को तीन माह पहले ही बनाया गया था। गोविंद सागर बांध की सड़क का भी बुरा हाल हो गया है। यहां भी जगह-जगह गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। रामनगर वार्ड के विवेक नगर में कच्चा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो गया है। यहां जगह-जगह खाली प्लॉट पर बारिश का पानी भर गया। जिसमें कुछ बच्चे मस्ती करते नजर आए तो स्कूली बच्चों को फिसलन में घर पहुंचना मुश्किल हो गया। मोहल्ला आजादपुरा में चिरागशाह बाबा के पास गली व शिवधाम के पास बारिश का पानी जमा हो गया। एआरटीओ के पास स्थित एक निजी स्कूल के पास रास्ता कच्चा है। जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों को लाने व ले जाने में असुविधा हो रही है। मसौरा स्थित एक निजी स्कूल के प्रबंधन ने बारिश को देखते हुए कक्षाएं बंद कर दी। इस बारिश से किसानों का फायदा हुआ है। कम से कम खरीफ फसल अच्छी होने की उम्मीद बंध गई है। राजघाट व माताटीला बांध को छोड़कर अन्य बांधों के जल स्तर में मामूली ही सुधार हुआ है। राजघाट बांध के पूर्ण जल स्तर 371 मीटर के मुकाबले 366.85 मीटर हो गया है। वहीं, माताटीला बांध के पूर्ण जल स्तर 308.45 मीटर के मुकाबले 302.7 मीटर पानी दर्ज किया गया है। इससे इन बांधों से जुड़े किसान खुश नजर आ रहे हैं। बाकी बांधों के लिए इसी तरह की बारिश आगे भी चाहिए, तब जाकर ये बांध लबालब हो पाएंगे।
.....
ये है बांध का स्तर
गोविंद सागर बांध का पूर्ण जलाशय स्तर 363.93 मीटर के मुकाबले 358.99 मीटर, शहजाद बांध की पूर्ण क्षमता 321.50 मीटर के मुुकाबले 313.15 मीटर, जामनी बांध की पूर्ण क्षमता 403.55 मीटर के मुकाबले 399.65 मीटर, सजनाम बांध की पूर्ण क्षमता 373.20 मीटर के सापेक्ष 367.28 मीटर, रोहिणी बांध की पूर्ण क्षमता 396.39 मीटर के मुकाबले 392.90 मीटर जल स्तर हुआ है। इस तरह गोविंद सागर बांध 26 प्रतिशत, शहजाद बांध 15 प्रतिशत, जामनी बांध 34 प्रतिशत, सजनाम बांध 10 प्रतिशत, रोहिणी बांध 30 प्रतिशत पूर्ण क्षमता के सापेक्ष भर सकें हैं।
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- जगह-जगह पर हुए गड्ढे, कीचड़ में बदले कच्चे मार्ग
- जिले में चौथे दिन भी महरबान रहे इंद्रदेव, देर शाम तक बूंदाबांदी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले में चौथे दिन भी बारिश का सिलसिला बना रहा। बुधवार को सुबह से शुरू हुई बरसात शाम तक चलती रही। इससे शहर की सड़कों का बुरा हाल हो गया। पानी का भराव होने से सड़कें में छोटे-बड़े गड्ढे हो गए। वहीं, कच्चे मार्ग कीचड़ में बदल गए हैं। उधर बांधों में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे जरूर खिले नजर आ रहे हैं।
अषाढ़ का महीना यूं ही सूखा गुजर रहा था, लेकिन माह के अंतिम दिनों में मानसून सक्रिय हो गया। जिससे पिछले चार दिन से जनपद में बारिश हो रही है। आज सुबह से बारिश हो रही है। ललितपुर तहसील अंतर्गत सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक 45 मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं, तालबेहट तहसील में 16.2 मिलीमीटर एवं महरौनी तहसील अंतर्गत सबसे कम पांच मिलीमीटर बरसात दर्ज हुई है। इस बारिश से शहर की कई सड़कें छलनी हो गई हैं। इनमें रावतयाना वार्ड की मुख्य सड़क पर छोटे-बड़े गड्ढे नजर आने लगे हैं। जिनमें बारिश का पानी भर गया है। आईटीआई के पास सड़क पर बन गए गड्ढों में जलभराव हो गया है। इस सड़क को तीन माह पहले ही बनाया गया था। गोविंद सागर बांध की सड़क का भी बुरा हाल हो गया है। यहां भी जगह-जगह गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। रामनगर वार्ड के विवेक नगर में कच्चा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो गया है। यहां जगह-जगह खाली प्लॉट पर बारिश का पानी भर गया। जिसमें कुछ बच्चे मस्ती करते नजर आए तो स्कूली बच्चों को फिसलन में घर पहुंचना मुश्किल हो गया। मोहल्ला आजादपुरा में चिरागशाह बाबा के पास गली व शिवधाम के पास बारिश का पानी जमा हो गया। एआरटीओ के पास स्थित एक निजी स्कूल के पास रास्ता कच्चा है। जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों को लाने व ले जाने में असुविधा हो रही है। मसौरा स्थित एक निजी स्कूल के प्रबंधन ने बारिश को देखते हुए कक्षाएं बंद कर दी। इस बारिश से किसानों का फायदा हुआ है। कम से कम खरीफ फसल अच्छी होने की उम्मीद बंध गई है। राजघाट व माताटीला बांध को छोड़कर अन्य बांधों के जल स्तर में मामूली ही सुधार हुआ है। राजघाट बांध के पूर्ण जल स्तर 371 मीटर के मुकाबले 366.85 मीटर हो गया है। वहीं, माताटीला बांध के पूर्ण जल स्तर 308.45 मीटर के मुकाबले 302.7 मीटर पानी दर्ज किया गया है। इससे इन बांधों से जुड़े किसान खुश नजर आ रहे हैं। बाकी बांधों के लिए इसी तरह की बारिश आगे भी चाहिए, तब जाकर ये बांध लबालब हो पाएंगे।
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ये है बांध का स्तर
गोविंद सागर बांध का पूर्ण जलाशय स्तर 363.93 मीटर के मुकाबले 358.99 मीटर, शहजाद बांध की पूर्ण क्षमता 321.50 मीटर के मुुकाबले 313.15 मीटर, जामनी बांध की पूर्ण क्षमता 403.55 मीटर के मुकाबले 399.65 मीटर, सजनाम बांध की पूर्ण क्षमता 373.20 मीटर के सापेक्ष 367.28 मीटर, रोहिणी बांध की पूर्ण क्षमता 396.39 मीटर के मुकाबले 392.90 मीटर जल स्तर हुआ है। इस तरह गोविंद सागर बांध 26 प्रतिशत, शहजाद बांध 15 प्रतिशत, जामनी बांध 34 प्रतिशत, सजनाम बांध 10 प्रतिशत, रोहिणी बांध 30 प्रतिशत पूर्ण क्षमता के सापेक्ष भर सकें हैं।
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