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राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए शुरु हुई ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:36 AM IST
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राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए शुरू हुई ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
शिक्षक दिवस पर पुरस्कार वितरित किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों को मिलने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन होना शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। हर वर्ष की तरह शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को यह पुरस्कार वितरित किया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम ने बताया कि विगत 15 जून से शिक्षकों के राष्ट्रीय पुरस्कार के घिलए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऑनलाइन आवेदन शासन की वेबसाइट www.mhrd.gov.in पर किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत केवल नियमित अध्यापक ही आवेदन कर सकते हैं। अंशकालिक शिक्षक या शिक्षामित्र इसके लिए पात्र नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 15 वर्ष की नियमित सेवा करने वाले अध्यापक और 20 वर्ष की नियमित सेवा करने वाले प्रिंसिपल ही इस पुरस्कार पाने की रेस में हिस्सा लेने आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है, इससे बाद आवेदन प्रक्रिया बंद हो जाएगी। प्रदेश सरकार के बेसिक व माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों का राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयन दोनों विभाग के निदेशकों की अध्यक्षता में गठित होने वाली प्रदेश स्तरीय समिति करती है। समिति चयनित शिक्षकों के नाम केंद्र सरकार को पुरस्कार प्रदान करने के लिए भेजती है। इसके बाद पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रपति के हाथों से पुरस्कृत किया जाएगा। गौरतलब है कि राज्य पुरस्कार के लिए अभी आवेदन शुरू नहीं हो सके हैं। हर साल नवंबर-दिसंबर में ही ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी, लेकिन इस साल राज्य पुरस्कारों के आवेदन भी ऑनलाइन होने की चर्चा है।
अभी तक दो शिक्षकों को मिल चुका है राष्ट्रीय पुरस्कार
शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1958 में हुई थी। अभी तक जनपद के दो परिषदीय शिक्षक यह राष्ट्रीय पुरस्कार पा चुके हैं। लेकिन पिछले एक दशक से जनपद के किसी भी शिक्षक को यह पुरस्कार नहीं मिला है। रूपनारायण सिंह निरंजन राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले पहले शिक्षक थे। इसके बाद बालकिशन नायक को राष्ट्रपति अब्दुल कलाम द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया था। दोनों शिक्षक पूर्व में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एक दशक से अधिक समय बीत गया है, जनपद के किसी शिक्षक को राष्ट्रीय पुरस्कार नहीं मिला है।
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इस बार आसान नहीं होगा राष्ट्रीय पुरस्कार पाना
इस बार राष्ट्रीय पुरस्कार पाना आसान नहीं होगा। क्योंकि इस बार की रेस में सीबीएसई, सीआईएससीई और केंद्र शासित प्रदेशों के अधीन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक भी इसमें हिस्सा लेगें। यह व्यवस्था केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसी वर्ष शुरु की है। इसलिए राष्ट्रीय पुरस्कार पाना शिक्षकों को पहले से आसान नहीं रहेगा और अब इस पुरस्कार का दर्जा भी पहले से काफी अधिक बढ़ गया है।
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शिक्षक दिवस पर पुरस्कार वितरित किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों को मिलने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन होना शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। हर वर्ष की तरह शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को यह पुरस्कार वितरित किया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम ने बताया कि विगत 15 जून से शिक्षकों के राष्ट्रीय पुरस्कार के घिलए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऑनलाइन आवेदन शासन की वेबसाइट www.mhrd.gov.in पर किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत केवल नियमित अध्यापक ही आवेदन कर सकते हैं। अंशकालिक शिक्षक या शिक्षामित्र इसके लिए पात्र नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 15 वर्ष की नियमित सेवा करने वाले अध्यापक और 20 वर्ष की नियमित सेवा करने वाले प्रिंसिपल ही इस पुरस्कार पाने की रेस में हिस्सा लेने आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है, इससे बाद आवेदन प्रक्रिया बंद हो जाएगी। प्रदेश सरकार के बेसिक व माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों का राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयन दोनों विभाग के निदेशकों की अध्यक्षता में गठित होने वाली प्रदेश स्तरीय समिति करती है। समिति चयनित शिक्षकों के नाम केंद्र सरकार को पुरस्कार प्रदान करने के लिए भेजती है। इसके बाद पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रपति के हाथों से पुरस्कृत किया जाएगा। गौरतलब है कि राज्य पुरस्कार के लिए अभी आवेदन शुरू नहीं हो सके हैं। हर साल नवंबर-दिसंबर में ही ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी, लेकिन इस साल राज्य पुरस्कारों के आवेदन भी ऑनलाइन होने की चर्चा है।
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अभी तक दो शिक्षकों को मिल चुका है राष्ट्रीय पुरस्कार
शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1958 में हुई थी। अभी तक जनपद के दो परिषदीय शिक्षक यह राष्ट्रीय पुरस्कार पा चुके हैं। लेकिन पिछले एक दशक से जनपद के किसी भी शिक्षक को यह पुरस्कार नहीं मिला है। रूपनारायण सिंह निरंजन राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले पहले शिक्षक थे। इसके बाद बालकिशन नायक को राष्ट्रपति अब्दुल कलाम द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया था। दोनों शिक्षक पूर्व में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एक दशक से अधिक समय बीत गया है, जनपद के किसी शिक्षक को राष्ट्रीय पुरस्कार नहीं मिला है।
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इस बार आसान नहीं होगा राष्ट्रीय पुरस्कार पाना
इस बार राष्ट्रीय पुरस्कार पाना आसान नहीं होगा। क्योंकि इस बार की रेस में सीबीएसई, सीआईएससीई और केंद्र शासित प्रदेशों के अधीन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक भी इसमें हिस्सा लेगें। यह व्यवस्था केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसी वर्ष शुरु की है। इसलिए राष्ट्रीय पुरस्कार पाना शिक्षकों को पहले से आसान नहीं रहेगा और अब इस पुरस्कार का दर्जा भी पहले से काफी अधिक बढ़ गया है।