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चार महीने में 32 किशोरियों ने छोड़ा घर, 12 अब तक नहीं लौटीं

Wed, 11 May 2022 11:39 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 11:39 PM IST
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32 girls left home in four months, 12 have not returned yet
ललितपुर। इस वर्ष जनवरी माह से अब तक विभिन्न थानों के अंतर्गत 32 किशोरियों के बहला फुसलाकर भगा ले जाने या अपहरण की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई हैं। इनमें 12 किशोरियां अब भी बरामद नहीं ह़ो सकी हैं।
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जनपद के विभिन्न थानों के अंतर्गत आए दिन नाबालिग लड़कियों की गुमशुदगी एवं बहला फुसलाकर भगा ले जाने के मामले सामने आ रहे हैं। जिनमें अधिकांश मामलों में पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर उनकी खोजबीन करती है। ऐसे मामलों में कई बार बहला फुसला भगा ले जाने के बाद दुष्कर्म के मामले भी सामने आते हैं। बीते सवा चार महीने में अब तक अलग-अलग जगहों से 32 किशोरियों घर से भागी हैं। इनमें अधिकांश मामलों में बहला फुसलाकर भगा ले जाने के मामले दर्ज हुए हैं। इनमें अभी तक कुल 20 किशोरियों को पुलिस बरामद कर चुकी है, लेकिन 12 किशोरियां अब भी बरामद नहीं हो चुकी है। वहीं बारह मामलों में अपहरण की धारा 363 के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई हैं। वहीं छह किशोरों के अपहरण का मामला भी दर्ज हुआ था, जिनमें सभी छह किशोरों की बरामदगी पुलिस कर चुकी है।
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नाराहट व जाखलौन में हुए दो मामले दर्ज
थाना नाराहट अंतर्गत एक गांव निवासी व्यक्ति ने नाराहट में तहरीर देकर ग्राम बरौदिया निवासी बहादुर उर्फ सत्या बीते दो मई को उसकी 16 वर्ष छह की बेटी का बहला फुसलाकर भगा ले गया। जिसकी रिपोर्ट दर्ज थाने में की गई है। इसी प्रकार थाना जाखलौन अंतर्गत एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर बताया कि बीते नौ मई को ग्राम धौर्रा निवसी एक युवक उसकी उसकी 17 वर्षीय किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले गया। इस मामले में भी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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बरामद कर न्यायालय में पेश करती है पुलिस
किशोरियों के अपहरण या बहला फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में पुलिस संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश कर बरामदगी होने पर न्यायालय में पेश किया जाता है और न्यायालय में बयानों के आधार और उनकी सहमति के बाद परिजनों को सौंपा जाता है या फिर उन्हें बालिका संरक्षण केंद्र में भेजा जाता है।
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