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खसरा व रुबेला से बचाने को होगा एमआर का नियमित टीकाकरण
Updated Tue, 09 Oct 2018 01:57 AM IST
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खसरा व रुबेला से बचाने को होगा एमआर का नियमित टीकाकरण
मीजिल्स रुबेला टीकाकरण अभियान की कार्यशाल आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बच्चों को दो जानलेवा बीमारियों खसरा और रुबेला से बचाने के लिए जल्दी ही एमआर का टीका नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत प्रारंभ किया जाना है। इसके अलावा मीजिल्स रुबेला टीकाकरण अभियान 26 अक्टूबर से प्रस्तावित है। इसके तहत 09 माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों को खसरा रुबेला टीकाकरण अभियान के तहत एक टीका दिया जाना है। यह एक ही टीका बच्चों को खसरा और रुबेला दो बीमारियों से बचायेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने एक होटल में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उक्त टीकाकरण के बारे में जानकारी दी। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ग्रामीण स्तर पर ग्राम प्रधानों का एवं आशा, आंगनबाड़ियों का इस कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग लिया जाए। उन्होंने बैठक में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निष्ठापूर्वक निभाएं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, डा.हुसैन खान ने बताया कि खसरा एक जानलेवा रोग है, जो वायरस से फैलता है। खसरा रोग के कारण बच्चों में विकलांगता हो सकती है या उसकी असमय मृत्यु हो सकती है। देश में प्रतिवर्ष 49200 बच्चों की मृत्यु खसरे से हो जाती है। यह भी बताया कि रुबेला भी एक वायरस से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जिसमें बुखार, मिचली, आंखो में लालपन के लक्षण दिखाई पड़ते हैं। इसमें जोड़ों में दर्द हो सकता है और गर्भवास्था के आरंभ में रुबेला वायरस से संक्रमित महिला में जन्मजात रुबेला सिंड्रोम हो सकता है, जो उसके गर्भ में पलने वाले भ्रूण एंव नवजात शिशु के लिए बेहद गम्भीर हो सकता है। एम आर का टीका इन दोनो बीमारियों से बच्चों को बचाता है।
यह अभियान जनपद में 26 नवम्बर से 05 सप्ताह तक चलाया जायेगा। शुरु के दो सप्ताह में सभी विद्यालयों में कक्षा 10 तक के सभी छात्र/छात्राओं को यह टीका लगाया जायेगा। इसके बाद दो सप्ताह ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में में एएनएम एवं आंगनबाड़ी केंद्रो पर यह टीकाकरण किया जायेगा। इसके लिए जिला स्तर पर सभी ब्लाक स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर दिया है। ब्लाक स्तर पर ब्लाक स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित करायी जा रही है । इस अभियान के दौरान सभी सरकारी अस्पतालों प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रतिदिन यह टीकाकरण किया जायेगा। कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्विलेंस आफीसर डा. भाग्यश्री माहेश्वरी ने सभी अधिकारियों कर्मचारियों को कार्यक्रम की रुपरेखा एवं कार्यक्रम के संचालन के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। कार्यशाला मेः डा. जेएस बख्शी, डा. राजनारायण, डा.सुनील बरया, जिला कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा, आदि उपस्थित रहे।
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मीजिल्स रुबेला टीकाकरण अभियान की कार्यशाल आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बच्चों को दो जानलेवा बीमारियों खसरा और रुबेला से बचाने के लिए जल्दी ही एमआर का टीका नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत प्रारंभ किया जाना है। इसके अलावा मीजिल्स रुबेला टीकाकरण अभियान 26 अक्टूबर से प्रस्तावित है। इसके तहत 09 माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों को खसरा रुबेला टीकाकरण अभियान के तहत एक टीका दिया जाना है। यह एक ही टीका बच्चों को खसरा और रुबेला दो बीमारियों से बचायेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने एक होटल में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उक्त टीकाकरण के बारे में जानकारी दी। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ग्रामीण स्तर पर ग्राम प्रधानों का एवं आशा, आंगनबाड़ियों का इस कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग लिया जाए। उन्होंने बैठक में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निष्ठापूर्वक निभाएं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, डा.हुसैन खान ने बताया कि खसरा एक जानलेवा रोग है, जो वायरस से फैलता है। खसरा रोग के कारण बच्चों में विकलांगता हो सकती है या उसकी असमय मृत्यु हो सकती है। देश में प्रतिवर्ष 49200 बच्चों की मृत्यु खसरे से हो जाती है। यह भी बताया कि रुबेला भी एक वायरस से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जिसमें बुखार, मिचली, आंखो में लालपन के लक्षण दिखाई पड़ते हैं। इसमें जोड़ों में दर्द हो सकता है और गर्भवास्था के आरंभ में रुबेला वायरस से संक्रमित महिला में जन्मजात रुबेला सिंड्रोम हो सकता है, जो उसके गर्भ में पलने वाले भ्रूण एंव नवजात शिशु के लिए बेहद गम्भीर हो सकता है। एम आर का टीका इन दोनो बीमारियों से बच्चों को बचाता है।
यह अभियान जनपद में 26 नवम्बर से 05 सप्ताह तक चलाया जायेगा। शुरु के दो सप्ताह में सभी विद्यालयों में कक्षा 10 तक के सभी छात्र/छात्राओं को यह टीका लगाया जायेगा। इसके बाद दो सप्ताह ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में में एएनएम एवं आंगनबाड़ी केंद्रो पर यह टीकाकरण किया जायेगा। इसके लिए जिला स्तर पर सभी ब्लाक स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर दिया है। ब्लाक स्तर पर ब्लाक स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित करायी जा रही है । इस अभियान के दौरान सभी सरकारी अस्पतालों प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रतिदिन यह टीकाकरण किया जायेगा। कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्विलेंस आफीसर डा. भाग्यश्री माहेश्वरी ने सभी अधिकारियों कर्मचारियों को कार्यक्रम की रुपरेखा एवं कार्यक्रम के संचालन के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। कार्यशाला मेः डा. जेएस बख्शी, डा. राजनारायण, डा.सुनील बरया, जिला कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा, आदि उपस्थित रहे।
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