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आदि काल से है गुरु की परंपरा: वीरेंद्रानंद

Sun, 09 Jul 2017 08:55 PM IST
Updated Sun, 09 Jul 2017 08:55 PM IST
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आदि काल से है गुरु की परंपरा: वीरेंद्रानंद
आदि काल से है गुरु की परंपरा: वीरेंद्रानंद
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ललितपुर।
श्रीरणछोर धाम आश्रम पर गुरुपूर्णिमा पर्व अगाध श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया। महंत स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज ने कहा कि गुरु का तात्पर्य होता है कि जो किसी के जीवन में अंधकार को दूर कर दें, सनातन धर्म में गुरु और शिष्य की परंपरा आदि काल से है।
गुरु स्वीकार्य का विषय है। हिंदू धर्म में जो विवाह होते हैं, तो उनमें वर-वधु की स्वीकार्यता होती है। इसी प्रकार शिष्य भी गुरु स्वीकार्यता है। तो सारा विषय स्वीकार्यता का है। भगवान दत्तात्रेय न चौबीस गुहरु स्वीकारने को पार नहीं कर सकता है। पहले जब कोई भी व्यक्ति गुरु स्वीकार्य करने किसी को जाता था तो वह कहता था कि वह गुरु मंत्र लेने के लिए जा रहे हैं। बाद में विद्वानों ने गुरु मंत्र की दीक्षा के नाम से संबोधित कर दिया। दीक्षा का तात्पर्य होता है गुरु ने जो मंत्र दिया है, उसको जपने मात्र से हृदय में विमल ज्ञान की उत्पत्ति हो जाए और दुखों का नाश हो जाता है। गुरु से कभी भी शिष्य को छल कपट नहीं करना चाहिए, क्योंकि कर्ण ने अपने गुरु से छल कपट कर शस्त्र चलाने की शिक्षा ली थी, जिसका परिणाम उसे महाभारत के युद्ध में मरना पड़ा। रामचरित मानस में काक भुसडीजी ने अपने गुरु को देखकर खड़े नहीं हुए, जिसका परिणाम भगवान शंकर ने उसे श्राप दिया कि वह अपने गुरु के सामने अजगर सर्प की तरह बैठे रहे। इसलिए वह अजगर सर्प हो गया था। इस मौके पर अधिवक्ता जयराम सिंह यादव, ओमप्रकाश यादव भारौन, धीरज सिंह, कृष्णानंद, वीरसिंह, एमएलसी रमा निरंजन, बाबू सिंह, कीरत सिंह, सनमान सिंह, जालिम कुशवाह, बाबूलाल, पंथ, गुलाब सिंह आदि उपस्थित रहे।
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गुरु पूर्णिमा पर स्वस्थ ललितपुर की कामना की
ललितपुर। पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट, युवा भारत और किसान पंचायत के तत्वावधान में रविवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कंपनी बाग में हवन, पूजन आयोजित कर स्वस्थ ललितपुर की ईश्वर से कामना की। भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के जिला संयोजक अरविंद कुमार जैन ने बताया कि पतंजलि योग पीठ हरिद्वार द्वारा शिक्षा, आयुर्वेद, गौसंवर्धन, आचार्यकुलम एवं पतंजलि रिसर्च सेंटर द्वारा आयुर्वेद के क्षेत्र में ऐतिहासिक अनुसंधान के कार्य किए जा रहे हैं। इसी तरह स्वदेशी शिक्षा के क्षेत्र में आचार्यकुलम नींव का पत्थर साबित होगी। गौसंवर्धन के बारे में बताया कि साठ से सत्तर लीटर दूध दुहने वाले ब्राजील की तरह गौसंवर्धन का कार्य भी पीठ द्वारा किया जा रहा है। प्रीति जैन ने बताया कि हवन करने से शुद्ध ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है। मंडल प्रभारी अनुराग चतुर्वेदी ने कहा कि स्वामी बाबा रामदेव के द्वारा युवाओं को अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस मौके पर डा.हरिश्चंद्र झा, हरपाल सिंह चंदेल, शिवराज सिंह लोधी, रामसहाय झा, मुकेश साहू, शरीफ खान, विजय बुंदेला, मनीराम साहू, प्रकाश चंद्र राहुल, अशोक सेन, बालकृष्ण नामदेव, बैद्य डीपी निरंजन उपस्थित रहे।
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