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जिले में 1765 चिह्नित हैं टीबी मरीज
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- फोटो : tb.jpg
ललितपुर। जिले में 1765 टीबी मरीज चिह्नित हुए हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि टीबी संक्रामक रोग है, जिसे तपेदिक और क्षय रोग भी कहते हैं। यह बहुरुपिया रोग है, जो नाखून और बाल को छोड़ कर कहीं भी हो सकती है, इसलिए जरूरी है कि इस रोग के प्रति जागरूकता लाई जाए। कोरोना और टीबी के लक्षण एक जैसे होते हैं।
जिल क्षय रोग अधिकारी डॉ जेएस बख्शी का कहना है कि कामकाजी वर्ग के लोगों की इस रोग की चपेट में आने की संभावना ज्यादा होती है। 15 से 60 वर्ष तक के लोगों को टीबी होने की संभावना ज्यादा होती है। टीबी रोग के वैक्टीरिया हवा में मौजूद रहते हैं। यह कम प्रतिरक्षण क्षमता वाले लोगों को ज्यादा असर करता है, इसलिए जरूरी है कि लोगों को अपनी प्रतिरक्षण क्षमता मजबूत रखनी चाहिए। डॉ जेएस बख्शी ने बताया कि कोरोना और टीबी के लक्षण एक समान होते हैं और इनकी संक्रमण दर भी एक समान है, इसलिए जरूरी है कि मजबूत प्रतिरोधक क्षमता के लिए नियमित व्यायाम और संतुलित आहार लिया जाए। मास्क का प्रयोग बहुत जरूरी है। जिला कार्यक्रम समन्वयक शिव निरंजन ने बताया कि इस समय जनपद में 1765 एक्टिव टीबी के मरीज हैं।
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टीबी की रोकथाम के लिए करें उपाय
खांसते व छींकते वक्त मुंह और नाक को कपड़े से ढकें, कहीं भी थूकने से बचें, नाली में थूकने के बाद पानी से बहा दें, मास्क का उपयोग करें, टीबी रोगी को इलाज होने तक अलग कमरे में रखें।
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जिल क्षय रोग अधिकारी डॉ जेएस बख्शी का कहना है कि कामकाजी वर्ग के लोगों की इस रोग की चपेट में आने की संभावना ज्यादा होती है। 15 से 60 वर्ष तक के लोगों को टीबी होने की संभावना ज्यादा होती है। टीबी रोग के वैक्टीरिया हवा में मौजूद रहते हैं। यह कम प्रतिरक्षण क्षमता वाले लोगों को ज्यादा असर करता है, इसलिए जरूरी है कि लोगों को अपनी प्रतिरक्षण क्षमता मजबूत रखनी चाहिए। डॉ जेएस बख्शी ने बताया कि कोरोना और टीबी के लक्षण एक समान होते हैं और इनकी संक्रमण दर भी एक समान है, इसलिए जरूरी है कि मजबूत प्रतिरोधक क्षमता के लिए नियमित व्यायाम और संतुलित आहार लिया जाए। मास्क का प्रयोग बहुत जरूरी है। जिला कार्यक्रम समन्वयक शिव निरंजन ने बताया कि इस समय जनपद में 1765 एक्टिव टीबी के मरीज हैं।
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टीबी की रोकथाम के लिए करें उपाय
खांसते व छींकते वक्त मुंह और नाक को कपड़े से ढकें, कहीं भी थूकने से बचें, नाली में थूकने के बाद पानी से बहा दें, मास्क का उपयोग करें, टीबी रोगी को इलाज होने तक अलग कमरे में रखें।
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