फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   ग्राम प्रधान ही पकवाएगें परिषदीय विद्यालयों में माध्याह्न भोजन

ग्राम प्रधान ही पकवाएगें परिषदीय विद्यालयों में माध्याह्न भोजन

Sun, 29 Apr 2018 03:36 AM IST
Updated Sun, 29 Apr 2018 03:36 AM IST
विज्ञापन
ग्राम प्रधान ही पकवाएगें परिषदीय विद्यालयों में माध्याह्न भोजन
ग्राम प्रधान ही पकवाएंगें माध्याह्न भोजन
विज्ञापन

डीएम ने जारी किए निर्देश, अनुपालन कराने एक माह का दिया समय
प्रधानाध्यापक रखेंगे भोजन की गुणवत्ता की निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को खिलाया जाने वाले मध्याह्न भोजन को पकाने की जिम्मेदारी अब पूरी तरह ग्राम प्रधानों की होगी। प्रधानाध्यापकों को केवल यह निगरानी बनाए रखनी होगी कि भोजन हर रोज मानक के अनुसार पकाया जाए। इस संबंध में डीएम मानवेंद्र सिंह ने जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिखा अधिकारी और समस्त खंड शिक्षा अधिकारी व विकासखंड अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
विगत माह तालबेहट क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय के शिक्षक ने आत्महत्या कर ली थी। मृतक शिक्षक ने अपने सुसाइड नोट में आत्महत्या की वजह विभाग में फैले भ्रष्टाचार से क्षुब्ध होना बताया था। इसमें उन्होंने मिड-डे मील योजना को भी शिक्षकों को शोषण बताया था और शिक्षकों को इस जिम्मेदारी से निजात दिलाने की बात कही थी। इसके बाद जनपद के विभिन्न शिक्षक संगठनों द्वारा यह मांग उठने लगी थी कि मध्याह्न भोजन पकाने की जिम्मेदारी से शिक्षकों को मुक्त किया जाए। इसी के क्रम में डीएम मानवेंद्र सिंह ने शनिवार को निर्देश जारी कर दिए हैं कि परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन पकवाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों की है, लेकिन ग्राम प्रधानों द्वारा अपनी जिम्मेदारियों को सही से नहीं निभाने के कारण विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व शिक्षकों को भोजन पकवाना पड़ रहा है। इससे विद्यालय का शैक्षिक कार्य बाधित हो रहा है। डीएम ने पूर्व में निर्गत शासनादेश का हवाला देते हुए साफ कहा कि ग्राम प्रधान द्वारा ही मध्याह्न भोजन पकाया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालय के प्रधानाध्यापक व शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह भाजन की निगरानी करेगें और देखेंगे कि भोजन मानकों व निर्धारित मेनू के अनुसार पकाया जा रहा है कि नहीं। ग्राम प्रधानों की ही जिम्मेदारी है कि वह नियमानुसार बच्चों को दूध व फल का भी वितरण कराएं। इन निर्देशों के अनुपालन के लिए जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिखा अधिकारी और समस्त खंड शिक्षा अधिकारी व विकासखंड अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन


ग्राम प्रधानों की मनमानी के चलते शिक्षकों को सौंपी थी जिम्मेेदारी
वैसे मध्याह्न भोजन योजना के तहत जारी शासनादेश में यही व्यवस्था की गई है कि विद्यालयों में जो मध्याह्न भोजन पकाया जाता है, वह ग्राम प्रधान द्वारा पकाया जाए। अब से करीब सात-आठ वर्ष पूर्व तक जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों में ग्राम प्रधानों द्वारा ही मध्याह्न भोजन पकवाया जाता था। ग्राम प्रधानों ने जनप्रतिनिधि की सही जिम्मेदारी न समझते हुए उन्होंने इस योजना में अपनी काफी मनमानी चलाई। करीब सात-आठ वर्ष पूर्व जनपद के लगभग 95 प्रतिशत ग्राम प्रधानों पर मध्याह्न भोजन के खाद्यान्न की रिकवरी की स्थिति बन आई थी। इसमें करीब दो-ढाई करोड़ की रिकवरी के नोटिस जारी किए गए थे और दो दर्जन से अधिक प्रधानों के खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत किया गया था और कुछ को तो जेल भी जाना पड़ा था। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था। इस घटना के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन योजना को नियमित रुप से संचालित कराने की जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को सौंप दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन अब ग्राम प्रधानों को ही बनवाना होगा, जिसके संबंध में डीएम ने निर्देश जारी कर दिए हैं। यदि डीएम के निर्देशों का ग्राम प्रधानों द्वारा पालन नहीं किया जाता है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- अंबरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed