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महिलाओं को नहीं मिल पा रहीं आयरन व कैल्शियम की दवाएं
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महिला चिकित्सालय में नहीं आयरन और कैल्शियम की दवाएं
ललितपुर। जिला महिला चिकित्सालय में दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। चिकित्सक जहां आयरन और कैल्शियम की दवाइयां लेने की सलाह देते है। लेकिन, लगभग दस दिन से मरीजों को दवाइयां नहीं मिल पा रहीं है। ऐसे में मरीज बाहर से दवाएं खरीदने को मजबूर हैं।
गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच कर टीकाकरण किया जाता है। प्रसव के लिए अस्पताल आने व जाने के लिए 102 एंबुलेंस की सुविधा दी गई। प्रसव के बाद अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं केे निशुल्क भोजन दिया जा रहा है। जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन सात से आठ सौ महिलाएं उपचार कराने के लिए आती हैं। इनमें से पांच सौ से अधिक महिलाओं को कैल्शियम व आयरन की दवाइयों की आवश्यकता होती है, लेकिन दवाइयां नहीं होने के कारण मजबूरन बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।मेडीकल स्टोर संचालक भी अधिकतर महिलाओं को मनमाने दामों पर दवाइयां बेच रहे हैं। कुछ मरीजों की मानें तो बाहर से दवाइयां लाने पर चिकित्सक को दिखाने पर दवाइयों को वापस कर दूसरी लेना पड़ रही हैं। कुछ मेडिकल स्टेेर संचालक अतिरिक्त दवाएं दे कर मनमाने दाम वसूल रहे हैं, जिससे महिलाओं को अधिक परेशान होना पड़ रहा है।
महिलाओं में खून की कमी
जिले की महिलाओं में खून की बहुत कमी है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र की तीस से पैंतीस प्रतिशत महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी है। जब महिलाएं गर्भवती होती हैं तो उन्हें अतिरिक्त खून की जरूरत पड़ती है, ताकि बच्चे को एनीमिया न हो। इसलिए उन्हें आयरन और कैल्शियम की टैबलेट दी जाती हैं।
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महिला अस्पताल में कैल्शियम व आयरन की दवाइयां नहीं होने की जानकारी मिली है। चिकित्सा अधीक्षक से वार्ता कर जल्द ही दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।
- डॉ. प्रताप सिंह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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ललितपुर। जिला महिला चिकित्सालय में दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। चिकित्सक जहां आयरन और कैल्शियम की दवाइयां लेने की सलाह देते है। लेकिन, लगभग दस दिन से मरीजों को दवाइयां नहीं मिल पा रहीं है। ऐसे में मरीज बाहर से दवाएं खरीदने को मजबूर हैं।
गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच कर टीकाकरण किया जाता है। प्रसव के लिए अस्पताल आने व जाने के लिए 102 एंबुलेंस की सुविधा दी गई। प्रसव के बाद अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं केे निशुल्क भोजन दिया जा रहा है। जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन सात से आठ सौ महिलाएं उपचार कराने के लिए आती हैं। इनमें से पांच सौ से अधिक महिलाओं को कैल्शियम व आयरन की दवाइयों की आवश्यकता होती है, लेकिन दवाइयां नहीं होने के कारण मजबूरन बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।मेडीकल स्टोर संचालक भी अधिकतर महिलाओं को मनमाने दामों पर दवाइयां बेच रहे हैं। कुछ मरीजों की मानें तो बाहर से दवाइयां लाने पर चिकित्सक को दिखाने पर दवाइयों को वापस कर दूसरी लेना पड़ रही हैं। कुछ मेडिकल स्टेेर संचालक अतिरिक्त दवाएं दे कर मनमाने दाम वसूल रहे हैं, जिससे महिलाओं को अधिक परेशान होना पड़ रहा है।
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महिलाओं में खून की कमी
जिले की महिलाओं में खून की बहुत कमी है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र की तीस से पैंतीस प्रतिशत महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी है। जब महिलाएं गर्भवती होती हैं तो उन्हें अतिरिक्त खून की जरूरत पड़ती है, ताकि बच्चे को एनीमिया न हो। इसलिए उन्हें आयरन और कैल्शियम की टैबलेट दी जाती हैं।
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महिला अस्पताल में कैल्शियम व आयरन की दवाइयां नहीं होने की जानकारी मिली है। चिकित्सा अधीक्षक से वार्ता कर जल्द ही दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।
- डॉ. प्रताप सिंह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी