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फटी टाट-फट्टी पर नहीं बैठेगें परिषदीय विद्यालयों के बच्चे

Thu, 03 Aug 2017 01:47 AM IST
Updated Thu, 03 Aug 2017 01:47 AM IST
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फटी टाट-फट्टी पर नहीं बैठेगें परिषदीय विद्यालयों के बच्चे
पुरानी टाट-पट्टी पर नहीं बैठेंगे छात्र
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ललितपुर।
जल्द ही परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को टाट-पट्टी व जमीन पर बैठने से छुटकारा मिलेगा। शासन ने हाल में विद्यालय विकास अनुदान के तहत जनपद को 89 लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया है। इस धनराशि को प्रत्येक विद्यालय वार प्रबंध समिति के खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बैठने के लिए मेज-कुर्सी की सुविधा नहीं है। बच्चों को जमीन पर न बैठना पड़े इसके लिए टाट-पट्टी की अनिवार्यता की गई है। इसके लिए हर वर्ष शासन द्वारा प्रत्येक विद्यालयों को बजट भी उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन कई विद्यालय इसमें भी खेल कर देते हैं। वर्तमान में ऐसे कई विद्यालय हैं, जहां पर बच्चों के लिए टाट-पट्टी नहीं है या फिर बच्चों को फटी-पुरानी टाट-पट्टी पर बैठना पड़ रहा है। विगत सप्ताह शासन ने वर्ष 2017-18 में विद्यालय विकास अनुदान के तहत धनराशि आवंटित कर दी है। इसमें प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय के लिए पांच-पांच हजार रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए सात-सात हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिसके सापेक्ष जनपद के कुल 1,053 प्राथमिक विद्यालयों के सापेक्ष कुल 52.65 लाख रुपये और 520 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सापेक्ष कुल 36.40 लाख रुपये जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराए गए हैं। इस धनराशि से जनपद के उक्त परिषदीय, शासकीय सहायता प्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों और मदरसे में बच्चों की सुविधा के लिए फट चुकी पुरानी टाट पट्टी के स्थान पर नई खरीदी जाएगीं। इसके अलावा विद्यालय की इस विकास अनुदान धनराशि का उपयोग विद्यालयों के द्वारा बच्चों को हाथ धोने के लिए साबुन की खरीदी करने, पुराने फर्नीचर की मरम्मत, पेयजल सुविधा के लिए बाल्टी, घड़ा, जग, लोटा व गिलास आदि, सफाई व्यवस्था के लिए कूड़ादान, झाड़ू, फिनायल, ब्लीचिंग पाउडर व चूना, पठन-पाठन के लिए चॉक, डस्टर, ब्लैक बोर्ड, हरी पट्टी का पेंट व मानचित्र, प्रकाश व्यवस्था के लिए बल्ब व ट्यूबलाइट, सीसी व तौलिया, फर्स्ट-एड- बॉक्स आदि सामग्री की खरीदी के लिए किया जाना है। इसके अलावा इस बजट से बच्चों को खेलकूद व पीटी सामग्री के साथ अग्नि शमनयंत्र के सिलेंडर की खरीदी व उसको भरवाने में भी व्यय किया जा सकता है। वहीं इस धनराशि से विद्यालयों में होने वाले नीना व आओ अंग्रेजी सीखे रेडियो कार्यक्रम के लिए रेडियो की खरीदी भी की जा सकती है।
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एसएमसी के खातों में भेजी जाएगी धनराशि
शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई धनराशि को विद्यालयों की प्रबंध समिति के बैंक खातों में भेजी जाएगी। यही समिति निर्धारित करेगी की इस धनराशि का उपयोग विद्यालय की किस आवश्यक सामग्री की खरीदी के लिए करना है।
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-अम्बरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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