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करौंदा-मोहासा रेलवे स्टेशन के बीच रेल पटरी हुई क्रैक, हड़कंप
Updated Mon, 27 Aug 2018 04:32 AM IST
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करौंदा-मोहासा रेलवे स्टेशन के बीच रेल पटरी चटकी
ललितपुर। पिछले दो दिनों में ललितपुर-बीना रेलवे सेक्शन के बीच दो जगहों पर रेल पटरी चटकी मिली। हालांकि रेलवे कर्मचारियों की सजगता से दोनों जगहों पर समय रहते ट्रेनों को रोक दिया गया। रविवार को दिन में करीब 11.50 बजे झेलम एक्सप्रेस निकलने से ठीक पहले डाउन रूट की एक पटरी मोहासा और करौंदा रेलवे स्टेशन के बीच चटक गई। गनीमत रही कि चाबी मैन ने चटकी पटरी को देख लिया। सूचना पर झेलम एक्सप्रेस को तत्काल रोका गया। वहीं विगत शनिवार की देर शाम भी बीना-आगासौद रेलवे स्टेशन के बीच एक पुलिया के पास रेल पटरी में दरार आ गई। यहां भी दो कर्मचारियों की सजगता के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया।
ललितपुर से बीना रेल सेक्शन पर मोहासा-करौंदा रेलवे स्टेशन के बीच रविवार को दिन में करीब 11.50 बजे डाउन रूट पर एक चाबी मैन रेल पटरियां को चेक कर रहा था। तभी उसकी नजर डाउन ट्रैक की एक चटखी पटरी पर पड़ी। जबकि इसी रूट पर कुछ ही पलों में झांसी-दिल्ली के रास्ते जम्मूतबी जाने वाली झेलम एक्सप्रेस गुजरने वाली थी। चाबी मैन ने तत्काल इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। जिस पर स्टेशन मास्टर ने तत्काल झेलम एक्सप्रेस को रुकवाकर इसकी जानकारी पीडब्ल्यूआई व अन्य अधिकारियों को दी। जानकारी मिलने पर इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों व कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। जांच में पटरी जोड़ से टूटी मिली। टैक्नीकल स्टाफ ने तत्काल ट्रेन की पटरी की बैल्डिंग कर ठीक किया। इस बीच डाउन रूट पर झेलम एक्सप्रेस रविवार को करीब पौने दो घंटे और पंजाब मेल एक्सप्रेस करीब एक घंटा तक लेट रही। काम होने के बाद यहां 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से अन्य ट्रेनों को निकाला गया। उधर शनिवार की देर शाम को भी बीना और आगासौद के बीच अंडर ग्राउंड ब्रिज के लिए बनाई गई नई पुलिया के लिए शाम को करीब सवा छह बजे दो रेल कर्मचारी आशुतोष शर्मा व मुकेश राय ट्रैक पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। पेट्रोलिंग के दौरान कर्मचारियों को खंभा नंबर 979/11 के पास अप रूट की पटरी में दरार दिखी, जिस पर उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी गेटमैन को दी। जबकि कुछ ही देर में शाम के समय बीना जा रही ट्रेन मंगला एक्सप्रेस ट्रेन आने वाली थी। गेटमैन की सूचना पर मंगला एक्सप्रेस को रुकवाया गया। इसके बाद पटरी में क्लैंप लगाकर ट्रेन को तीस की स्पीड से निकाला गया। इसके चलते यहां मंगला एक्सप्रेस करीब 45 मिनट लेट रही। इस ट्रेन के पीछे भी कई ट्रेन को सावधानी से निकाला गया। जांच में पाया कि बीना-आगासौद के पास पटरी जोड़ पर नहीं बल्कि जोड़ से कुछ पहले टूटी मिली थी। यदि इसी टूटी पटरी से ट्रेन गुजरती तो बड़ा हादसा होने की संभावना थी। पिछले दो दिनों में चौबीस घंटे के अंदर कुछ ही किलोमीटर के अंतराल पर ट्रेनों की पटरियों के टूटने की खबर रेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करती है, हालांकि रेल प्रशासन के कर्मचारियों की सजगता से बड़ा हादसा टलना राहत की बात जरूर है। हालांकि रेलवे प्रशासन ने रेल पटरियाें पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी है।
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ललितपुर। पिछले दो दिनों में ललितपुर-बीना रेलवे सेक्शन के बीच दो जगहों पर रेल पटरी चटकी मिली। हालांकि रेलवे कर्मचारियों की सजगता से दोनों जगहों पर समय रहते ट्रेनों को रोक दिया गया। रविवार को दिन में करीब 11.50 बजे झेलम एक्सप्रेस निकलने से ठीक पहले डाउन रूट की एक पटरी मोहासा और करौंदा रेलवे स्टेशन के बीच चटक गई। गनीमत रही कि चाबी मैन ने चटकी पटरी को देख लिया। सूचना पर झेलम एक्सप्रेस को तत्काल रोका गया। वहीं विगत शनिवार की देर शाम भी बीना-आगासौद रेलवे स्टेशन के बीच एक पुलिया के पास रेल पटरी में दरार आ गई। यहां भी दो कर्मचारियों की सजगता के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया।
ललितपुर से बीना रेल सेक्शन पर मोहासा-करौंदा रेलवे स्टेशन के बीच रविवार को दिन में करीब 11.50 बजे डाउन रूट पर एक चाबी मैन रेल पटरियां को चेक कर रहा था। तभी उसकी नजर डाउन ट्रैक की एक चटखी पटरी पर पड़ी। जबकि इसी रूट पर कुछ ही पलों में झांसी-दिल्ली के रास्ते जम्मूतबी जाने वाली झेलम एक्सप्रेस गुजरने वाली थी। चाबी मैन ने तत्काल इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। जिस पर स्टेशन मास्टर ने तत्काल झेलम एक्सप्रेस को रुकवाकर इसकी जानकारी पीडब्ल्यूआई व अन्य अधिकारियों को दी। जानकारी मिलने पर इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों व कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। जांच में पटरी जोड़ से टूटी मिली। टैक्नीकल स्टाफ ने तत्काल ट्रेन की पटरी की बैल्डिंग कर ठीक किया। इस बीच डाउन रूट पर झेलम एक्सप्रेस रविवार को करीब पौने दो घंटे और पंजाब मेल एक्सप्रेस करीब एक घंटा तक लेट रही। काम होने के बाद यहां 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से अन्य ट्रेनों को निकाला गया। उधर शनिवार की देर शाम को भी बीना और आगासौद के बीच अंडर ग्राउंड ब्रिज के लिए बनाई गई नई पुलिया के लिए शाम को करीब सवा छह बजे दो रेल कर्मचारी आशुतोष शर्मा व मुकेश राय ट्रैक पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। पेट्रोलिंग के दौरान कर्मचारियों को खंभा नंबर 979/11 के पास अप रूट की पटरी में दरार दिखी, जिस पर उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी गेटमैन को दी। जबकि कुछ ही देर में शाम के समय बीना जा रही ट्रेन मंगला एक्सप्रेस ट्रेन आने वाली थी। गेटमैन की सूचना पर मंगला एक्सप्रेस को रुकवाया गया। इसके बाद पटरी में क्लैंप लगाकर ट्रेन को तीस की स्पीड से निकाला गया। इसके चलते यहां मंगला एक्सप्रेस करीब 45 मिनट लेट रही। इस ट्रेन के पीछे भी कई ट्रेन को सावधानी से निकाला गया। जांच में पाया कि बीना-आगासौद के पास पटरी जोड़ पर नहीं बल्कि जोड़ से कुछ पहले टूटी मिली थी। यदि इसी टूटी पटरी से ट्रेन गुजरती तो बड़ा हादसा होने की संभावना थी। पिछले दो दिनों में चौबीस घंटे के अंदर कुछ ही किलोमीटर के अंतराल पर ट्रेनों की पटरियों के टूटने की खबर रेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करती है, हालांकि रेल प्रशासन के कर्मचारियों की सजगता से बड़ा हादसा टलना राहत की बात जरूर है। हालांकि रेलवे प्रशासन ने रेल पटरियाें पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी है।
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