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स्वास्थ्य:कर्मचारियों की जूझ रहा आयुर्वेदिक अस्पताल

Tue, 17 Jul 2018 01:10 AM IST
Updated Tue, 17 Jul 2018 01:10 AM IST
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स्वास्थ्य:कर्मचारियों की जूझ रहा आयुर्वेदिक अस्पताल
स्वास्थ्य: कर्मचारियों की जूझ रहा आयुर्वेदिक अस्पताल
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले में संचालित अस्पताल कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे हैं। इनमें से एक तालबेहट स्थित 25 बेड का अस्पताल 24 घंटे की जगह महज छह घंटे ही खुल पा रहा है। अन्य अस्पतालों का भी यही हाल है।
आयुुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के मकसद से जनपद में 32 आयुर्वेदिक व दो यूनानी अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन, इनमें चिकित्सकों व फार्मासिस्टों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। तालबेहट नगर में आयुर्वेदिक का 25 बेड का अस्पताल संचालित किया जा रहा है। यह भी कर्मचारियों की कमी से अछूता नहीं है। यह जिले के बड़े अस्पताल में शुमार है। यहां स्वीकृत चिकित्सकों के दोनों पद भरे हैं, लेकिन यहां का एक चिकित्सक दो दिन के लिए लागौन स्थित अस्पताल में संबद्ध किया गया है। ऐसा ही चिकित्सक की कमी को पूरी करने के लिए किया गया है। स्टाफ नर्स के तीन पदों में से दो पद रिक्त चल रहे हैं और जो इकलौती तैनात स्टाफ नर्स है, उसे आयुर्वेदिक कॉलेज झांसी में संबद्ध किया गया है। इस तरह तालबेहट का अस्पताल नर्स विहीन हो गया है। सिस्टर का इकलौता पद भी रिक्त चल रहा है। फार्मासिस्ट के दोनों पद भी रिक्त बने हुए हैं। इसी प्रकार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के स्वीकृत पांच में रिक्त पद रिक्त हैं और तीन पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं। कमोवेश यही स्थिति गोविंद सागर बांध के किनारे संचालित आयुर्वेदिक अस्पताल की है, ऐसे में यहां की स्वास्थ्य सेवाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके बाद भी विभागीय अफसर मौन बने हुए हैं।
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सन 1989 में हुई थी शुरुआत
जनपद में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का सबसे बड़ा 25 बेड का अस्पताल तालबेहट में संचालित किया जा रहा है। इसकी शुरुआत वर्ष 1989 में हुई थी। इतने वर्ष बीतने के बाद भी इसे खुद का भवन नसीब नहीं हो पाया है।
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किराए के भवन में संचालित
अस्पताल किराए के भवन में संचालित किया जा रहा है जो निर्धारित मानक की कसौटी पर खरा नहीं उतरता है। जिससे यहां उपचार कराने वाले मरीजों को सभी की प्रकार सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।


शासन को किया गया पत्राचार
अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अस्पताल के निजी भवन के लिए जमीन चिह्नित की जा चुकी है। निर्माण राशि मिलते ही भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
डा. नारायनदास, जिला आयुर्वेद व यूनानी अधिकारी
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