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6.30 लाख की लागत से बने विद्यालय भवन को भूला विभाग
Updated Fri, 11 Aug 2017 01:24 AM IST
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स्कूल खुल नहीं पाया, भवन हो गया बदहाल
ललितपुर। जिला बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के तहत शहर के मुहल्ला रामनगर में प्राथमिक विद्यालय के लिए लगभग 6.30 लाख रुपए की लागत से नवीन भवन का निर्माण कराया गया था। तीन वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक इस भवन में विद्यालय संचालित नहीं हो सका है। बिना उपयोग के ही भवन जीर्णशीर्ण हालत में आ गया है। इस ओर जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों व जिला प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है।
शहर के वार्ड नंबर सात मुहल्ला रामनगर में संचालित प्राथमिक विद्यालय शताब्दी रामनगर पूर्व में किराए के भवन में संचालित किया जाता था, जो भवन जर्जर हो चुका था और बरसात के दौरान छतों से पानी गिरता था। बच्चों की सुविधा को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2012-13 में स्वीकृत सर्व शिक्षा अभियान योजना के तहत मुहल्ला रामनगर में बने शहर के टंचिंग ग्राउंड के पास नगर पालिका द्वारा उपलब्ध कराई गई जमीन पर विद्यालय भवन का निर्माण कराया था। लगभग 6.30 लाख रुपए की लागत से बनाए गए इस भवन का निर्माण पूर्ण हुए तीन वर्ष से अधिक समय बीत गया है। इस भवन का उपयोग इसलिए नहीं किया जा रहा है, क्योंकि यह भवन ऐसे स्थान पर बनाया गया है, जहां पर पूरे शहर का हर तरह का कचरा व मरे हुए जानवर डंप किए जाते हैं। मुहल्ला रामनगर में ही स्थित टंचिंग ग्राउंड की जमीन के ही कुछ हिस्से पर इस विद्यालय का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में इस भवन के चारों ओर इतनी गंदगी है कि इस भवन में बैठना तो दूर वहां तक पहुंच पाना भी कठिनाइयों से भरा हुआ है। विद्यालय का निर्माण कराते समय इस विद्यालय के स्टाफ व जिला बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को यह समस्या दिखाई नहीं दी, इससे साफ पता चलता है कि भवन का निर्माण आंख मूंदकर केवल सरकारी धन को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से किया गया है। वहीं, इस गलती पर विभागीय अधिकारियों व जिला प्रशासन के द्वारा भी लगातार पर्दा डाला जा रहा है। अभी तक इस मामले में किसी को भी आरोपी नहीं ठहराया गया है। शुरुआती दौर में इस मामले ने हवा पकड़ी थी, लेकिन अधिकारियों का स्थानांतरण होने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते अभी तक इस भवन में विद्यालय संचालित नहीं हो सकता है। खुद का भवन होने के बावजूद भी वर्तमान में उक्त प्राथमिक विद्यालय शताब्दी रामनगर पड़ोस के मुहल्ला बड़ापुरा में संचालित प्राथमिक विद्यालय कन्या परिसर में संचालित हो रहा है।
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जीर्णशीर्ण होने लगा भवन
इस भवन को बने हुए अभी तीन वर्ष ही हुए हैं और अभी तक इसे विद्यालय के उपयोग में भी नहीं लिया गया है। इसके बावजूद भी इतने अल्प समय में विद्यालय की दीवारों में दरारें पड़ने लगी हैं। मात्र तीन वर्षों में ही 6.30 लाख रुपए की लागत से बनाए इस भवन की यह दुर्दशा निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशौली पर भी सवालिया निशान लगाती है।
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नगर पालिका ने की है वादा खिलाफी
इस मामले में जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी उदासीनता व कमी को छिपाने के लिए हमेशा से ही नगर पालिका पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते आ रहे हैं। भवन बनने के बाद नगर पालिका ने वादा किया था कि वह शिक्षा विभाग के इस भवन का उपयोग कचरा निस्तारण के लिए प्लांट लगाने के लिए कर लेगें और उसके बदले में वह वंशीपुरा में नाले के पास जमीन उपलब्ध कराकर भवन का निर्माण कराकर देंगे। शुरुआती दौर में नगर पालिका ने अपने वादे के अनुसार वंशीपुरा में जमीन की नाप-जोख कराई भी कराई थी। इस बीच जिला बेसिक शिक्षा व नगर पालिका के बीच पत्राचार भी हुआ था, लेकिन समय बीतने के बाद सारे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। तीन वर्ष बीतने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
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संज्ञान में नहीं है मामला
यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी विभाग से लेंगे, इसके बाद जल्द ही कोई कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-अम्बरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
ललितपुर। जिला बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के तहत शहर के मुहल्ला रामनगर में प्राथमिक विद्यालय के लिए लगभग 6.30 लाख रुपए की लागत से नवीन भवन का निर्माण कराया गया था। तीन वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक इस भवन में विद्यालय संचालित नहीं हो सका है। बिना उपयोग के ही भवन जीर्णशीर्ण हालत में आ गया है। इस ओर जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों व जिला प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है।
शहर के वार्ड नंबर सात मुहल्ला रामनगर में संचालित प्राथमिक विद्यालय शताब्दी रामनगर पूर्व में किराए के भवन में संचालित किया जाता था, जो भवन जर्जर हो चुका था और बरसात के दौरान छतों से पानी गिरता था। बच्चों की सुविधा को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2012-13 में स्वीकृत सर्व शिक्षा अभियान योजना के तहत मुहल्ला रामनगर में बने शहर के टंचिंग ग्राउंड के पास नगर पालिका द्वारा उपलब्ध कराई गई जमीन पर विद्यालय भवन का निर्माण कराया था। लगभग 6.30 लाख रुपए की लागत से बनाए गए इस भवन का निर्माण पूर्ण हुए तीन वर्ष से अधिक समय बीत गया है। इस भवन का उपयोग इसलिए नहीं किया जा रहा है, क्योंकि यह भवन ऐसे स्थान पर बनाया गया है, जहां पर पूरे शहर का हर तरह का कचरा व मरे हुए जानवर डंप किए जाते हैं। मुहल्ला रामनगर में ही स्थित टंचिंग ग्राउंड की जमीन के ही कुछ हिस्से पर इस विद्यालय का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में इस भवन के चारों ओर इतनी गंदगी है कि इस भवन में बैठना तो दूर वहां तक पहुंच पाना भी कठिनाइयों से भरा हुआ है। विद्यालय का निर्माण कराते समय इस विद्यालय के स्टाफ व जिला बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को यह समस्या दिखाई नहीं दी, इससे साफ पता चलता है कि भवन का निर्माण आंख मूंदकर केवल सरकारी धन को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से किया गया है। वहीं, इस गलती पर विभागीय अधिकारियों व जिला प्रशासन के द्वारा भी लगातार पर्दा डाला जा रहा है। अभी तक इस मामले में किसी को भी आरोपी नहीं ठहराया गया है। शुरुआती दौर में इस मामले ने हवा पकड़ी थी, लेकिन अधिकारियों का स्थानांतरण होने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
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जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते अभी तक इस भवन में विद्यालय संचालित नहीं हो सकता है। खुद का भवन होने के बावजूद भी वर्तमान में उक्त प्राथमिक विद्यालय शताब्दी रामनगर पड़ोस के मुहल्ला बड़ापुरा में संचालित प्राथमिक विद्यालय कन्या परिसर में संचालित हो रहा है।
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जीर्णशीर्ण होने लगा भवन
इस भवन को बने हुए अभी तीन वर्ष ही हुए हैं और अभी तक इसे विद्यालय के उपयोग में भी नहीं लिया गया है। इसके बावजूद भी इतने अल्प समय में विद्यालय की दीवारों में दरारें पड़ने लगी हैं। मात्र तीन वर्षों में ही 6.30 लाख रुपए की लागत से बनाए इस भवन की यह दुर्दशा निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशौली पर भी सवालिया निशान लगाती है।
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नगर पालिका ने की है वादा खिलाफी
इस मामले में जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी उदासीनता व कमी को छिपाने के लिए हमेशा से ही नगर पालिका पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते आ रहे हैं। भवन बनने के बाद नगर पालिका ने वादा किया था कि वह शिक्षा विभाग के इस भवन का उपयोग कचरा निस्तारण के लिए प्लांट लगाने के लिए कर लेगें और उसके बदले में वह वंशीपुरा में नाले के पास जमीन उपलब्ध कराकर भवन का निर्माण कराकर देंगे। शुरुआती दौर में नगर पालिका ने अपने वादे के अनुसार वंशीपुरा में जमीन की नाप-जोख कराई भी कराई थी। इस बीच जिला बेसिक शिक्षा व नगर पालिका के बीच पत्राचार भी हुआ था, लेकिन समय बीतने के बाद सारे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। तीन वर्ष बीतने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
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संज्ञान में नहीं है मामला
यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी विभाग से लेंगे, इसके बाद जल्द ही कोई कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-अम्बरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।