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शिक्षा: बानपुर में शुरु हुआ एकलव्य आवासीय विद्यालय का निर्माण
Updated Sun, 29 Apr 2018 02:40 AM IST
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बानपुर में एकलव्य आवासीय विद्यालय का निर्माण शुरू
13 करोड़ 35 लाख रुपये हुए स्वीकृत
आदिवासी समुदाय के बालक-बालिकाओं को मिलेगा आवासीय लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
पिछले वित्तीय वर्ष में कस्बा बानुपर में स्वीकृत हुए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसके लिए करीब 13 करोड़ 35 लाख रुपये लागत धनराशि की स्वीकृत है। इस आवासीय विद्यालय में आदिवासी सहरिया समुदाय के बच्चों को कक्षा 06 से 12वीं तक की बेहतर और आवासीय शिक्षा व्यवस्था मुहैया होगी।
जनपद में आदिवासी सहरिया समुदाय के बीस हजार से अधिक परिवार बसे हुए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में यह समुदाय सबसे पिछड़ा हुआ है। अधिकतर सहरिया समुदाय के परिवार वन क्षेत्रों में या फिर उनके नजदीकी गांव में ही ठेरा डाले रहते हैं। स्कूलों की दूरी अधिक होने के कारण भी इनके बच्चे हर रोज स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। सहरिया आदिवासी समुदाय के बच्चों के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत कस्बा बानुपर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। जनपद के कस्बा बानपुर में बनाने वाले इस विद्यालय के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में शासन से स्वीकृति मिली थी, जिसकी कुल लागत करीब 13 करोड़ 35 लाख रुपये है। अब इस योजना को व विद्यालय निर्माण के कार्य को धरातल पर उतार दिया गया है। विगत कुछ दिनों से विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस विद्यालय का निर्माण ग्राम सभा की 22 एकड़ जमीन पर कराया जा रहा है। इस विद्यालय के निर्माण के लिए शासन स्तर से ही वादा की यूपीपीसीएल की इकाई 15 को कार्यदाई संस्था नामित किया गया है। इस विद्यालय में कक्षा 06 से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित होगीं। इसमें मात्र अनुसूचित जनजाति के बालक-बालिकाओं को ही आवासीय सुविधा उपलब्ध रहेगी और विद्यालय में प्रवेश के लिए परीक्षा भी आयोजित होगी। जो इस प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण करेंगे उन्हीं बच्चों को इस आवासीय आदर्श विद्यालय में प्रवेश मिलेगा। इसमें केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों की भांति बच्चों को समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वैसे यह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय योजना वर्ष 1998 से संचालित की जा रही है और इस योजना के तहत प्रथम विद्यालय का निर्माण वर्ष 2000 में महाराष्ट्र में किया गया था। अब केंद्र सरकार इस योजना में तेजी लाई है और आदिवासी समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए लगभग सभी जनपदों में एक-एक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है।
96 बालक और 96 बालिकाओं को रहेगी आवासीय सुविधा
केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों की दर्ज पर संचालित होना वाला आदिवासी सुमदाय का यह आवासीय विद्यालय करीब 22 एकड़ की जमीन पर बनाया जा रहा है। वर्तमान में करीब दो-तीन एकड़ जमीन पर ही निर्माण कार्य किया जाएगा। विद्यालय भवन के साथ-साथ बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग आवासीय भवन बनेंगे। हाल ही में विद्यालय में 96 बालक और 96 बालिकाओं के ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा इस विद्यालय में कक्षा 06वीं से 12वीं तक की शिक्षा दी जाएगी, इसमें कॉमर्स, कला और विज्ञान वर्ग की पढ़ाई होगी। इस विद्यालय को सीबीएससी बोर्ड से संचालित किया जाना है या फिर प्रदेश बोर्ड से यह निर्णय लेने का अधिकारी केंद्र ने प्रदेश सरकार को दिया है। प्रत्येक कक्षा में अधिकतम 30 बच्चों का प्रवेश लिया जाएगा। विद्यालय में अधिकतम 480 बच्चों को प्रवेश लेना सुनिश्चित किया गया है और सरकार पहली साल हर एक बच्चे की शिक्षा पर 42 हजार रुपये व्यय करेगी। आदिवासी अंचल की स्थानीय कला, संस्कृति, खेलों और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
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कस्बा बानपुर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो गया है, जो ग्राम सभा की करीब 22 एकड़ जमीन पर तैयार किया जा रहा है। इस विद्यालय के बनने से आदिवासी समुदाय परिवार के बच्चों को मुफ्त में बेहतर शिक्षा व्यवस्था मिल सकेगी।
- रिंकू सिंह राही
जिला समाज कल्याण अधिकारी, ललितपुर।
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13 करोड़ 35 लाख रुपये हुए स्वीकृत
आदिवासी समुदाय के बालक-बालिकाओं को मिलेगा आवासीय लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
पिछले वित्तीय वर्ष में कस्बा बानुपर में स्वीकृत हुए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसके लिए करीब 13 करोड़ 35 लाख रुपये लागत धनराशि की स्वीकृत है। इस आवासीय विद्यालय में आदिवासी सहरिया समुदाय के बच्चों को कक्षा 06 से 12वीं तक की बेहतर और आवासीय शिक्षा व्यवस्था मुहैया होगी।
जनपद में आदिवासी सहरिया समुदाय के बीस हजार से अधिक परिवार बसे हुए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में यह समुदाय सबसे पिछड़ा हुआ है। अधिकतर सहरिया समुदाय के परिवार वन क्षेत्रों में या फिर उनके नजदीकी गांव में ही ठेरा डाले रहते हैं। स्कूलों की दूरी अधिक होने के कारण भी इनके बच्चे हर रोज स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। सहरिया आदिवासी समुदाय के बच्चों के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत कस्बा बानुपर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। जनपद के कस्बा बानपुर में बनाने वाले इस विद्यालय के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में शासन से स्वीकृति मिली थी, जिसकी कुल लागत करीब 13 करोड़ 35 लाख रुपये है। अब इस योजना को व विद्यालय निर्माण के कार्य को धरातल पर उतार दिया गया है। विगत कुछ दिनों से विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस विद्यालय का निर्माण ग्राम सभा की 22 एकड़ जमीन पर कराया जा रहा है। इस विद्यालय के निर्माण के लिए शासन स्तर से ही वादा की यूपीपीसीएल की इकाई 15 को कार्यदाई संस्था नामित किया गया है। इस विद्यालय में कक्षा 06 से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित होगीं। इसमें मात्र अनुसूचित जनजाति के बालक-बालिकाओं को ही आवासीय सुविधा उपलब्ध रहेगी और विद्यालय में प्रवेश के लिए परीक्षा भी आयोजित होगी। जो इस प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण करेंगे उन्हीं बच्चों को इस आवासीय आदर्श विद्यालय में प्रवेश मिलेगा। इसमें केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों की भांति बच्चों को समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वैसे यह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय योजना वर्ष 1998 से संचालित की जा रही है और इस योजना के तहत प्रथम विद्यालय का निर्माण वर्ष 2000 में महाराष्ट्र में किया गया था। अब केंद्र सरकार इस योजना में तेजी लाई है और आदिवासी समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए लगभग सभी जनपदों में एक-एक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है।
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96 बालक और 96 बालिकाओं को रहेगी आवासीय सुविधा
केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों की दर्ज पर संचालित होना वाला आदिवासी सुमदाय का यह आवासीय विद्यालय करीब 22 एकड़ की जमीन पर बनाया जा रहा है। वर्तमान में करीब दो-तीन एकड़ जमीन पर ही निर्माण कार्य किया जाएगा। विद्यालय भवन के साथ-साथ बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग आवासीय भवन बनेंगे। हाल ही में विद्यालय में 96 बालक और 96 बालिकाओं के ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा इस विद्यालय में कक्षा 06वीं से 12वीं तक की शिक्षा दी जाएगी, इसमें कॉमर्स, कला और विज्ञान वर्ग की पढ़ाई होगी। इस विद्यालय को सीबीएससी बोर्ड से संचालित किया जाना है या फिर प्रदेश बोर्ड से यह निर्णय लेने का अधिकारी केंद्र ने प्रदेश सरकार को दिया है। प्रत्येक कक्षा में अधिकतम 30 बच्चों का प्रवेश लिया जाएगा। विद्यालय में अधिकतम 480 बच्चों को प्रवेश लेना सुनिश्चित किया गया है और सरकार पहली साल हर एक बच्चे की शिक्षा पर 42 हजार रुपये व्यय करेगी। आदिवासी अंचल की स्थानीय कला, संस्कृति, खेलों और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
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कस्बा बानपुर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो गया है, जो ग्राम सभा की करीब 22 एकड़ जमीन पर तैयार किया जा रहा है। इस विद्यालय के बनने से आदिवासी समुदाय परिवार के बच्चों को मुफ्त में बेहतर शिक्षा व्यवस्था मिल सकेगी।
- रिंकू सिंह राही
जिला समाज कल्याण अधिकारी, ललितपुर।