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नि:शुल्क यूनिफार्म, पुस्तकों व बैग का नहीं कोई ठिकाना, एक हफ्ते बाद स्कूल पढ़ने है आना

Thu, 22 Jun 2017 07:15 PM IST
Updated Thu, 22 Jun 2017 07:15 PM IST
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नि:शुल्क यूनिफार्म, पुस्तकों व बैग का नहीं कोई ठिकाना, एक हफ्ते बाद स्कूल पढ़ने है आना
किताबों, बैग का नहीं ठिकाना, अगले हफ्ते स्कूल है जाना
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को नि:शुल्क बांटी जाने वाली किताबों, बैगों के लिए 15 जुलाई तिथि तय की गई है, लेकिन अभी तक शासन से बजट नहीं आया है। ऐसे में तय समय तक इनका वितरण हो पाना संभव नहीं है। जबकि, अगले सप्ताह से स्कूल खुलने वाले हैं।
एक जुलाई से ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने वाला है। बच्चों को आशा थी कि अवकाश खत्म होने के बाद जब वह विद्यालय जाएंगे तो उनको नई यूनिफार्म, पुस्तकें, स्कूल बैग और जूते-मोजे मिलेगें, लेकिन उनकी आशा टूटती नजर आ रही है। इसी माह की शुरुआत में शासन ने समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे, कि 15 जुलाई तक समस्त परिषदीय विद्यालयों में यूनिफार्म वितरण करा दिया जाए। विद्यालय खुलने में मात्र एक सप्ताह का समय रह गया है और अभी तक बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत परिषदीय विद्यालयों, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों व मदरसों राजकीय व सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को दी जाने वाली दो-दो सेट यूनिफार्म के लिए बजट नहीं आया है। इस योजना के तहत जनपद के लगभग डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया जाना है। बजट उपलब्ध कराने के बाद भी यूनिफार्म के लिए कपड़ा खरीदने व सिलवाने में लगभग एक माह का समय लग जाएगा और अभी तो अधिकतर विद्यालयों में बच्चों के नाप भी नहीं लिए गए हैं। इसके अलावा बच्चों को दी जाने वाली पुस्तकों का भी कोई ठिकाना नहीं है। जबकि नवीन शैक्षिक सत्र तीन माह पूर्व एक अप्रैल से शुरू हो चुका है। बच्चे पुरानी ही पुस्तकों से पढ़ने को मजबूर हैं। सूत्रों के अनुसार अभी तक शासन स्तर पर ही पुस्तकों की प्रिंटिंग का कार्य शुरू नहीं हो सका है। ऐसा ही हाल स्कूल बैग का है, अभी तक स्कूल बैग बनने का टेंडर प्रदेश सरकार नहीं करा सकी है। इससे लगभग तय है कि अभी बच्चों को पुरानी यूनिफार्म, पुस्तकों व स्कूल बैग लेकर विद्यालय जाना पड़ेगा।
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नई यूनिफार्म में दिखेगें 16 हजार बच्चे
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 16 हजार 300 बच्चे नई यूनिफार्म भूरे रंग की पैंट व चेकदार शर्ट में नजर आएंगे। प्रदेश सरकार पूर्व में ही 18 लाख रुपए का बजट उपलब्ध करा चुकी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित विद्यालय की प्रबंध समिति के खातेे में यूनिफार्म वितरण के लिए धनराशि भी जारी कर दी है। लेकिन, लेटलतीफी के चलते अभी पुरानी खाकी यूनीफार्म से ही बच्चों को काम चलाना होगा।
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अपनी गोटियां फंसाने में जुटे यूनिफार्म माफिया
प्रदेश सरकार ने यूनिफार्म वितरण के अपने हिस्से की धनराशि भेज दी है, जिसे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित विद्यालयों की प्रबंध समिति के खाते में जारी किया जा चुका है। यह सूचना यूनिफार्म माफियाओं को लगते ही वह अपनी-अपनी गोटी फिट करने में जुट गए हैं। यह माफिया सबसे अधिक सत्ता धारी नेताओं को साधने में लगे हुए हैं।


स्कूल प्रबंध समिति के खाते में भेजी धनराशि
प्रदेश सरकार ने बालकों को यूनिफार्म वितरित कराने के लिए 18.08 लाख रुपए की धनराशि उपलब्ध करा दी है और यूनिफार्म वितरण के लिए संबंधित विद्यालयों की प्रबंध समिति के खातों में धनराशि भी जारी कर दी गई है। यूनिफार्म वितरण में किसी भी नेता व माफिया का दबाव नहीं चलेगा, पूर्व में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें समस्त बीईओ को गुणवत्ता पूर्ण यूनिफार्म वितरित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- संतोष कुमार राय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।


- शासन से बजट न आने से बच्चों को नहीं मिल पाएंगी यह सुविधाएं
- पुरानी किताबों और बैग से काम चलाना पड़ेगा
- 15 जुलाई तय की गई थी वितरण की अंतिम तिथि
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