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बांधों के लबालब होते ही सताने लगी बाढ़ की चिंता 1
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:56 AM IST
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बांधों के लबालब होते ही सताने लगी बाढ़ की चिंता
- एक दो दिन और बारिश होने से खुल सकते है गेट
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। मध्य प्रदेश सहित जिले में हो रही बारिश से बांध लबालब हो गए हैं। राजघाट और माताटीला बांध से अभी पानी छोड़ा जा रहा है। यदि एक दो दिन ऐसी ही बारिश चलती रही तो कई अन्य बांधों के गेट खुलना तय माना जा रहा है। ऐसे में नदी किनारे के आसपास रह रहे परिवारों को बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ सकता है। इस बात की चिंता उनके चेहरे पर साफ झलक रही है।
प्रदेश में सर्वाधिक बांध जिले में ही हैं। यहां राजघाट व माताटीला बांध बेतवा नदी पर बने हुए हैं जिसमें मध्य प्रदेश के जिलों का पानी एकत्रित होता है। वहीं, अन्य बांध छोटी-छोटी नदियों पर बने हुए हैं। मध्य प्रदेश के जिलों में हो रही बारिश से बेतवा नदी उफना रही है। इसका पानी बड़ी मात्रा में राजघाट बांध में पहुंच रहा है। बीती रात आठ गेटों से पानी छोड़ा जा रहा था लेकिन करीब ढाई बजे अचानक पानी बढ़ने लगा है। जिससे छह और गेट खोलने पड़े। इस दौरान एक लाख नबासी हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया। रविवार को सुबह नौ बजे पानी कम होने लगा तो बांध के गेट आठ कर दिए गए। दोपहर डेढ़ बजे तक सैतालीस हजार क्यूसिक पानी निकाला गया। इसके उपरांत करीब साढ़े तीन बजे गेटों की संख्या घटाकर पांच कर दी गई। यह पानी माताटीला बांध में पहुंच रहा है। जिससे यहां से भी गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है। जिले के अन्य बांधों में भी पानी पहुंच गया है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो गोविंद सागर बांध 1.58 मीटर, शहजाद बांध 3.30 मीटर, जामनी बांध 0.61 मीटर, सजनाम बांध 1.70 मीटर व रोहणी बांध 0.49 मीटर खाली बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जामनी बांध व रोहणी बांध पूर्ण क्षमता से भरने की स्थिति में पहुंच गया है। यदि इसी तरह बारिश होती रही तो अन्य बांधों से भी पानी निकासी किए जाने की संभावना बन सकती है। उधर, जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए तैयारी की है। जिसमें उन्होंने बाढ़ चौकियों की स्थापना की है। वहीं, प्रभावित परिवारों के ठहराने के लिए स्कूल, कालेजों में व्यवस्था की जा रही है।
ये है बांधों की स्थिति
गोविंद सागर बांध में पूर्ण जल स्तर 363.35 मीटर के सापेक्ष 362.35 मीटर, शहजाद बांध में पूर्ण जल स्तर 321.50 मीटर के मुकाबले 318.50 मीटर, जामनी बांध में पूर्ण जल स्तर 403.55 मीटर के सापेक्ष 402.94 मीटर, सजनाम बांध में पूर्ण जल स्तर 373.20 मीटर के मुकाबले 371.50 मीटर, रोहणी बांध में पूर्ण जल स्तर 396.39 मीटर के सापेक्ष 395.90 मीटर, राजघाट बांध में पूर्ण जल स्तर 371 मीटर के मुकाबले 370.35 मीटर, माताटीला बांध 308.45 के सापेक्ष 308.06 मीटर बना हुआ है।
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बांध के खुल सकते कभी भी गेट
यदि बारिश होती रही तो बांध के गेट खोलने की स्थिति बन सकती है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। इसके अलावा सहायक अभियंता की बांध पर ड्यूटी लगाई गई है जो लगातार नजर रखे हुए हैं।
मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता
राजघाट निर्माण खंड
.....
ये इलाके हो सकते प्रभावित
गोविंद सागर बांध से पानी छोड़े जाने पर छह मुहल्ले जिनमें तालाबपुरा, गोविंद नगर, नदीपुरा, डोडाघाट, चौबयाना, वंशीपुरा शामिल हैं। ढुरा बाजार पर बना रिपटा डूब जाता है। नदी के किनारे मकान प्रभावित होते हैं। इसके अतिरिक्त रावतयाना, खिरकापुरा, नदीपुरा, कांशीराम आवास कालोनी भी पानी पहुंच जाता है।
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- एक दो दिन और बारिश होने से खुल सकते है गेट
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। मध्य प्रदेश सहित जिले में हो रही बारिश से बांध लबालब हो गए हैं। राजघाट और माताटीला बांध से अभी पानी छोड़ा जा रहा है। यदि एक दो दिन ऐसी ही बारिश चलती रही तो कई अन्य बांधों के गेट खुलना तय माना जा रहा है। ऐसे में नदी किनारे के आसपास रह रहे परिवारों को बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ सकता है। इस बात की चिंता उनके चेहरे पर साफ झलक रही है।
प्रदेश में सर्वाधिक बांध जिले में ही हैं। यहां राजघाट व माताटीला बांध बेतवा नदी पर बने हुए हैं जिसमें मध्य प्रदेश के जिलों का पानी एकत्रित होता है। वहीं, अन्य बांध छोटी-छोटी नदियों पर बने हुए हैं। मध्य प्रदेश के जिलों में हो रही बारिश से बेतवा नदी उफना रही है। इसका पानी बड़ी मात्रा में राजघाट बांध में पहुंच रहा है। बीती रात आठ गेटों से पानी छोड़ा जा रहा था लेकिन करीब ढाई बजे अचानक पानी बढ़ने लगा है। जिससे छह और गेट खोलने पड़े। इस दौरान एक लाख नबासी हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया। रविवार को सुबह नौ बजे पानी कम होने लगा तो बांध के गेट आठ कर दिए गए। दोपहर डेढ़ बजे तक सैतालीस हजार क्यूसिक पानी निकाला गया। इसके उपरांत करीब साढ़े तीन बजे गेटों की संख्या घटाकर पांच कर दी गई। यह पानी माताटीला बांध में पहुंच रहा है। जिससे यहां से भी गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है। जिले के अन्य बांधों में भी पानी पहुंच गया है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो गोविंद सागर बांध 1.58 मीटर, शहजाद बांध 3.30 मीटर, जामनी बांध 0.61 मीटर, सजनाम बांध 1.70 मीटर व रोहणी बांध 0.49 मीटर खाली बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जामनी बांध व रोहणी बांध पूर्ण क्षमता से भरने की स्थिति में पहुंच गया है। यदि इसी तरह बारिश होती रही तो अन्य बांधों से भी पानी निकासी किए जाने की संभावना बन सकती है। उधर, जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए तैयारी की है। जिसमें उन्होंने बाढ़ चौकियों की स्थापना की है। वहीं, प्रभावित परिवारों के ठहराने के लिए स्कूल, कालेजों में व्यवस्था की जा रही है।
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ये है बांधों की स्थिति
गोविंद सागर बांध में पूर्ण जल स्तर 363.35 मीटर के सापेक्ष 362.35 मीटर, शहजाद बांध में पूर्ण जल स्तर 321.50 मीटर के मुकाबले 318.50 मीटर, जामनी बांध में पूर्ण जल स्तर 403.55 मीटर के सापेक्ष 402.94 मीटर, सजनाम बांध में पूर्ण जल स्तर 373.20 मीटर के मुकाबले 371.50 मीटर, रोहणी बांध में पूर्ण जल स्तर 396.39 मीटर के सापेक्ष 395.90 मीटर, राजघाट बांध में पूर्ण जल स्तर 371 मीटर के मुकाबले 370.35 मीटर, माताटीला बांध 308.45 के सापेक्ष 308.06 मीटर बना हुआ है।
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बांध के खुल सकते कभी भी गेट
यदि बारिश होती रही तो बांध के गेट खोलने की स्थिति बन सकती है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। इसके अलावा सहायक अभियंता की बांध पर ड्यूटी लगाई गई है जो लगातार नजर रखे हुए हैं।
मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता
राजघाट निर्माण खंड
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ये इलाके हो सकते प्रभावित
गोविंद सागर बांध से पानी छोड़े जाने पर छह मुहल्ले जिनमें तालाबपुरा, गोविंद नगर, नदीपुरा, डोडाघाट, चौबयाना, वंशीपुरा शामिल हैं। ढुरा बाजार पर बना रिपटा डूब जाता है। नदी के किनारे मकान प्रभावित होते हैं। इसके अतिरिक्त रावतयाना, खिरकापुरा, नदीपुरा, कांशीराम आवास कालोनी भी पानी पहुंच जाता है।