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ललितपुर के लिए अहम है बुन्देलखंड राज्य

Wed, 25 Apr 2018 03:20 AM IST
Updated Wed, 25 Apr 2018 03:20 AM IST
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ललितपुर के लिए अहम है बुन्देलखंड राज्य
ललितपुर के लिए अहम है बुंदेलखंड राज्य
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अन्य जनपदों की तुलना में सबसे पिछड़ा हुआ है यह क्षेत्र
आजादी के बाद से नहीं मिली कोई खास उपलब्धि
अमर उजाला ब्यूरो
सिलावन (ललितपुर)।
पृथक बुंदेलखंड राज्य का निर्माण तो भविष्य की कोख में हैं, लेकिन इसकी सबसे अधिक आवश्यकता ललितपुर जिले को हैं। यह पठारी क्षेत्र सबसे अधिक पिछड़ा है, जबकि उत्तर प्रदेश के अन्य जिले विकास की ओर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। ऐसा नहीं हैं कि यहां विकास की संभावनाएं नहीं हो लेकिन राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं होने के कारण यह क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ हैं।

उत्तरप्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड पर नजर डाली जाए तो यह क्षेत्र अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी पिछड़ा हुआ है। पठारी इलाका होने के कारण यहां पानी की समस्या हमेशा बनी रही। कई इलाकों में आज भी बारिश पर आधारित खेती होती हैं, जिसके चलते ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति दयनीय बनी हुई है। उद्योग शून्यता के कारण बेरोजगारी की समस्या विकराल होती जा रही। यहां के युवा जहां महानगरों की पलायन करने को मजबूर हैं, वही अपराध की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी जनपद काफी पिछड़ा हुआ है। इस संबंध में बुद्धिजीवियों का कहना है कि बुंदेलखंड स्थित झांसी, महोबा, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, जालौन जिले ललितपुर जनपद से विकास सहित विभिन्न मामलों में कोसों आगे हैं। ललितपुर जनपद से ही सटा हुआ झांसी की अगर बात की जाए तो यह जिला निरंतर तरक्की कर रहा है। भेल, पारीछा, रेलवे कैंटूमेंट, मेडिकल कालेज, बुंदेलखंड इंजीनियरिंग कालेज, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, ग्रासलैंड जैसे सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों ने इस जनपद की आर्थिक स्थिति को नये आयाम दिए हैं। महोबा, चित्रकूट, बांदा, जालौन व हमीरपुर में भी विकास की गति ठीकठाक रही है। इसकी वजह यह भी कही जा सकती है कि उक्त जनपदों की राजनीति सत्ता के इर्दगिर्द रही है। सत्ता में खासी भागीदारी के कारण उक्त जनपदों में विकास से संबंधित तमाम योजनाएं अपने आप पहुुंच गई। लेकिन जनपद मूलभूत सुविधाओं के लिए हमेशा जूझता रहा। इन हालातों में अकूत प्राकृतिक संपदा सहेजे ललितपुर जनपद को बुंदेलखंड पृथक राज्य की आवश्यकता सबसे अधिक हैं। वर्तमान की बात करे तो इस समय जनपद की राजनीति सत्ता के इर्दगिर्द ही घूम रही हैं। केन्द्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद उमाभारती इसी जनपद का ही प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इसके अलावा उत्तरप्रदेश सरकार में श्रम और सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ महरौनी और विधायक रामरतन कुशवाहा ललितपुर विधानसभा सीट से प्रतिनिधित्व करते हैं, ऐसे में जनपद के लोगों को नेताद्वय काफी उम्मीदे हैं। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने नेताद्वय का ध्यानाकृष्ट कराते हुए पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण की पुरजोर मांग की हैं।
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