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अनधिकृत बीआरसी कार्यालय सील
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 02 May 2016 10:18 PM IST
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ताला
- फोटो : demo pic
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46 सेवा पुस्तिकाएं सहित मिले तमाम सरकारी अभिलेेख
बीएसए ने बीईओ सहित सात शिक्षकों से तलब किया स्पष्टीकरण
शहर के मोहल्ला नई बस्ती में अनधिकृत ढंग से चल रहे विकास खंड रमियाबेहड़ के बीआरसी कार्यालय पर सोमवार को बीएसए ने छापा मारा। छापे के दौरान इस कार्यालय पर सात शिक्षक उपस्थित मिले। इसके अलावा 46 शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं, तीन वेतन बिल और पांच पावना बिल सहित अन्य सरकारी अभिलेख मिले। बीएसए ने सभी अभिलेख कब्जे में लेकर कार्यालय सील कर दिया है साथ ही बीईओ सहित सभी सात शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटकर स्पष्टीकरण तलब किया है।
बताते चलें कि शहर के मोहल्ला नई बस्ती में एक किराए के कमरे में विकास क्षेत्र रमियाबेंहड़ का बीआरसी कार्यालय चल रहा था। क्षेत्र के कुछ लोगों ने इसकी शिकायत बीएसए से की थी कि बीआरसी कार्यालय अवैध ढंग से संचालित हो रहा है इसका कार्य शिक्षकों से कराया जाता है। शिक्षक स्कूलों के बजाय बीआरसी कार्यालय में जाते हैं इसके अलावा रमियाबेंहड़ विकास खंड के शिक्षकों को अपने कामों के लिए लखीमपुर तक लगभग 45 किलोमीटर दूर दौड़कर आना पड़ता है। कई शिकायतें मिलने के बाद बीएसए ने सोमवार को लगभग 12.00 बजे नई बस्ती स्थित एक किराए के कमरे में चल रहे बीआरसी कार्यालय में छापा मारा। छापे के दौरान बीएसए को इस कार्यालय में बड़ी संख्या में समाजवादी पेंशन योजना के फार्म, 46 शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं, तीन वेतन और पांच पावना बिल सहित अन्य सरकारी अभिलेख मिले हैं। कार्यालय में जो शिक्षक मुख्य रूप से कार्य देख रहा था उसका नाम प्रतुल दीक्षित बताया जाता है। बीएसए ने बताया कि बीआरसी कार्यालय के बारे में पूछने पर शिक्षक ने बताया कि बीईओ रमियाबेंहड़ ने उसे यहां बैठने को कहा है। बीएसए ने इस कार्यालय में मिले सभी अभिलेख जब्त कर कार्यालय सील कर दिया है। उन्होंने कार्यालय में मौजूद शिक्षक प्रतुल दीक्षित के अलावा यहां उपस्थित मिले शिक्षकों राजीव टंडन, दिनेश कुमार, आनंद, भूपेंद्र सिंह, बृजराज किशोर और अंकुर का एक दिन का वेतन काटकर स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके अलावा बीईओ रमियाबेंहड़ सत्यप्रकाश को नोटिस जारी कर अनाधिकृत रूप से बीआरसी कार्यालय चलवाने तथा शिक्षकों को यहां बैठने के संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया है। बीएसए ने स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने की स्थिति में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गंभीर है प्रकरण
बीएसए डॉ.ओपी राय ने बताया कि शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं मिलने सहित अन्य अभिलेख एक अनधिकृत कार्यालय में मिलना गंभीर बात है। इससे तमाम शिक्षकों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। बीएसए ने बताया कि बीईओ से पूछा गया है कि शिक्षकों के महत्वपूर्ण अभिलेख अनधिकृत जगह पर क्यों रखे गए। वे इस पूरे प्रकरण की जांच कराएंगे तथा जो भी दोषी मिलेगा उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
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क्षेत्र के शिक्षकों में था असंतोष
विभागीय सूत्रों की मानें तो रमियाबेंहड़ के मौजूदा बीआरसी और बीईओ में कुछ अनबन थी इसलिए बीईओ ने यहां बीआरसी और क्लर्क से काम लेना लगभग बंद कर दिया था और लखीमपुर में कार्यालय बना लिया था। इससे वहां के शिक्षकों में भी असंतोष बढ़ने लगा था उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए लखीमपुर दौड़कर आना पड़ता था। इसलिए वहां से शिकायते आनी शुरू हो गई थीं। शिकायतें मिलने पर बीएसए ने बीईओ से इस संबंध में पूछा भी था लेकिन तब उन्होंने इस तरह के किसी कार्यालय से इन्कार किया था।
बीएसए ने बीईओ सहित सात शिक्षकों से तलब किया स्पष्टीकरण
शहर के मोहल्ला नई बस्ती में अनधिकृत ढंग से चल रहे विकास खंड रमियाबेहड़ के बीआरसी कार्यालय पर सोमवार को बीएसए ने छापा मारा। छापे के दौरान इस कार्यालय पर सात शिक्षक उपस्थित मिले। इसके अलावा 46 शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं, तीन वेतन बिल और पांच पावना बिल सहित अन्य सरकारी अभिलेख मिले। बीएसए ने सभी अभिलेख कब्जे में लेकर कार्यालय सील कर दिया है साथ ही बीईओ सहित सभी सात शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटकर स्पष्टीकरण तलब किया है।
बताते चलें कि शहर के मोहल्ला नई बस्ती में एक किराए के कमरे में विकास क्षेत्र रमियाबेंहड़ का बीआरसी कार्यालय चल रहा था। क्षेत्र के कुछ लोगों ने इसकी शिकायत बीएसए से की थी कि बीआरसी कार्यालय अवैध ढंग से संचालित हो रहा है इसका कार्य शिक्षकों से कराया जाता है। शिक्षक स्कूलों के बजाय बीआरसी कार्यालय में जाते हैं इसके अलावा रमियाबेंहड़ विकास खंड के शिक्षकों को अपने कामों के लिए लखीमपुर तक लगभग 45 किलोमीटर दूर दौड़कर आना पड़ता है। कई शिकायतें मिलने के बाद बीएसए ने सोमवार को लगभग 12.00 बजे नई बस्ती स्थित एक किराए के कमरे में चल रहे बीआरसी कार्यालय में छापा मारा। छापे के दौरान बीएसए को इस कार्यालय में बड़ी संख्या में समाजवादी पेंशन योजना के फार्म, 46 शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं, तीन वेतन और पांच पावना बिल सहित अन्य सरकारी अभिलेख मिले हैं। कार्यालय में जो शिक्षक मुख्य रूप से कार्य देख रहा था उसका नाम प्रतुल दीक्षित बताया जाता है। बीएसए ने बताया कि बीआरसी कार्यालय के बारे में पूछने पर शिक्षक ने बताया कि बीईओ रमियाबेंहड़ ने उसे यहां बैठने को कहा है। बीएसए ने इस कार्यालय में मिले सभी अभिलेख जब्त कर कार्यालय सील कर दिया है। उन्होंने कार्यालय में मौजूद शिक्षक प्रतुल दीक्षित के अलावा यहां उपस्थित मिले शिक्षकों राजीव टंडन, दिनेश कुमार, आनंद, भूपेंद्र सिंह, बृजराज किशोर और अंकुर का एक दिन का वेतन काटकर स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके अलावा बीईओ रमियाबेंहड़ सत्यप्रकाश को नोटिस जारी कर अनाधिकृत रूप से बीआरसी कार्यालय चलवाने तथा शिक्षकों को यहां बैठने के संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया है। बीएसए ने स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने की स्थिति में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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गंभीर है प्रकरण
बीएसए डॉ.ओपी राय ने बताया कि शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं मिलने सहित अन्य अभिलेख एक अनधिकृत कार्यालय में मिलना गंभीर बात है। इससे तमाम शिक्षकों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। बीएसए ने बताया कि बीईओ से पूछा गया है कि शिक्षकों के महत्वपूर्ण अभिलेख अनधिकृत जगह पर क्यों रखे गए। वे इस पूरे प्रकरण की जांच कराएंगे तथा जो भी दोषी मिलेगा उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
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क्षेत्र के शिक्षकों में था असंतोष
विभागीय सूत्रों की मानें तो रमियाबेंहड़ के मौजूदा बीआरसी और बीईओ में कुछ अनबन थी इसलिए बीईओ ने यहां बीआरसी और क्लर्क से काम लेना लगभग बंद कर दिया था और लखीमपुर में कार्यालय बना लिया था। इससे वहां के शिक्षकों में भी असंतोष बढ़ने लगा था उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए लखीमपुर दौड़कर आना पड़ता था। इसलिए वहां से शिकायते आनी शुरू हो गई थीं। शिकायतें मिलने पर बीएसए ने बीईओ से इस संबंध में पूछा भी था लेकिन तब उन्होंने इस तरह के किसी कार्यालय से इन्कार किया था।