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Lakhimpur Kheri News: फिर सुर्खियों में परिवहन निगम-डग्गामार वाहन संचालकों का विवाद
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लखीमपुर खीरी। रोडवेज की अनुबंधित और डग्गामार बसों के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। एआरएम ने डीएम और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजे हैं। इन पत्रों के बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
करीब 10 दिन पहले अधिकारियों के दखल पर विवाद शांत हो गया था। बाद में फिर से शुरू हो गया। डग्गामार बसों के संचालन से राजस्व नुकसान की बात परिवहन निगम कह रहा है। उधर, निजी बसों के संचालक परमिट का हवाला दे रहे हैं। विवाद राजापुर और एलआरपी चौराहे से संचालित हो रही अनाधिकृत बसों का है। इस संबंध में एआरएम ने मंगलवार को भी एआरटीओ प्रवर्तन को एक पत्र भेजा है। संयुक्त चेकिंग अभियान का कार्यक्रम तय करके डग्गामार बसों पर कार्रवाई की बात कही।
22 मई को भी की थी शिकायत
एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने 22 मई को डीएम और एसपी सहित अन्य अधिकारियों को पत्र भेजा था। इस पत्र में डग्गामार बस संचालकों पर अनुबंधित बसों के संचालन में व्यवधान डालने की बात कही गई थी। पत्र में डग्गामार बसों की वजह से 16 से 18 अप्रैल तक अनुबंधित बसों के संचालन न होने का हवाला भी दिया। इस पत्र के बाद कुछ दिन तक विवाद शांत रहा। छह जून को एआरएम ने डीएम, एआरटीओ और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजा है।
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लखीमपुर-लखनऊ रूट पर आ रही है दिक्कत
विवाद का केंद्र राजापुर और एलआरपी चौराहा है। यहां से लखीमपुर-लखनऊ रूट की बसें संचालित होती हैं। डिपो की अनुबंधित बसेंं भी इन स्थानों से सवारी बिठाती हैं। निजी बसों का संचालन भी इन स्थानों से ही होता है। कम किराए की वजह से सवारियां निजी बसों का सहारा लेती हैं। एआरएम ने अपने पत्र में कम किराए का प्रलोभन देने की बात भी कही है।
एलआरपी में कम, राजापुर में अधिक समस्या
एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने बताया कि डग्गामार बसों की समस्या एलआरपी पर कम हो गई है। यह बसें राजापुर से संचालित हो रही हैं। अधिकांश बसें लखनऊ रूट की हैं। कुछ धौरहरा भी जाती हैं। एआरटीओ के साथ संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी।
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करीब 10 दिन पहले अधिकारियों के दखल पर विवाद शांत हो गया था। बाद में फिर से शुरू हो गया। डग्गामार बसों के संचालन से राजस्व नुकसान की बात परिवहन निगम कह रहा है। उधर, निजी बसों के संचालक परमिट का हवाला दे रहे हैं। विवाद राजापुर और एलआरपी चौराहे से संचालित हो रही अनाधिकृत बसों का है। इस संबंध में एआरएम ने मंगलवार को भी एआरटीओ प्रवर्तन को एक पत्र भेजा है। संयुक्त चेकिंग अभियान का कार्यक्रम तय करके डग्गामार बसों पर कार्रवाई की बात कही।
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22 मई को भी की थी शिकायत
एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने 22 मई को डीएम और एसपी सहित अन्य अधिकारियों को पत्र भेजा था। इस पत्र में डग्गामार बस संचालकों पर अनुबंधित बसों के संचालन में व्यवधान डालने की बात कही गई थी। पत्र में डग्गामार बसों की वजह से 16 से 18 अप्रैल तक अनुबंधित बसों के संचालन न होने का हवाला भी दिया। इस पत्र के बाद कुछ दिन तक विवाद शांत रहा। छह जून को एआरएम ने डीएम, एआरटीओ और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजा है।
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लखीमपुर-लखनऊ रूट पर आ रही है दिक्कत
विवाद का केंद्र राजापुर और एलआरपी चौराहा है। यहां से लखीमपुर-लखनऊ रूट की बसें संचालित होती हैं। डिपो की अनुबंधित बसेंं भी इन स्थानों से सवारी बिठाती हैं। निजी बसों का संचालन भी इन स्थानों से ही होता है। कम किराए की वजह से सवारियां निजी बसों का सहारा लेती हैं। एआरएम ने अपने पत्र में कम किराए का प्रलोभन देने की बात भी कही है।
एलआरपी में कम, राजापुर में अधिक समस्या
एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने बताया कि डग्गामार बसों की समस्या एलआरपी पर कम हो गई है। यह बसें राजापुर से संचालित हो रही हैं। अधिकांश बसें लखनऊ रूट की हैं। कुछ धौरहरा भी जाती हैं। एआरटीओ के साथ संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी।