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तिकनियां हिंसा : हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
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लखीमपुर खीरी। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने तीन अक्तूबर को तिकुनिया में हुई हिंसा के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। हाईकोर्ट ने जमानत आदेश में स्पष्ट तौर पर मामले में कड़ी कार्रवाई न करने पर मसले में जिला प्रशासन की लापरवाही बताते उसकी गंभीर चूक बताया है। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि धारा 144 लगी होने के बावजूद न तो भीड़ को रोका गया और न ही आयोजकों के खिलाफ कोई कार्रवाई की।
हाईकोर्ट ने आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए पूरे घटना में जिला प्रशासन की भूमिका पर प्रतिकूल टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि जिले में धारा 144 लगी हुई थी, जिसमें एक साथ पांच लोगों के जुटने पर पाबंदी थी। फिर भी तिकुनिया में दंगल आयोजित हुआ, जिसमें आसपास के जनपदों समेत अन्य राज्यों के लोग भी बड़ी संख्या जुट गए। जिला प्रशासन इस संबंध में मौन धारण किए रहा, जो कि जिला प्रशासन की बड़ी चूक थी।
सड़क पर प्रदर्शन और जनसभा में कानून का पालन जरूरी
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी के दौरान यह तथ्य भी पाया कि तिकुनिया हेलिपैड स्थल से जो सड़क बनवीरपुर तक पहुंचती है वह महज 12 फीट चौड़ी है। इसके दोनों तरफ प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर रखा था। धारा 144 लगी हुई थी फिर भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर थे। जिनके पास सड़क पर प्रदर्शन करने की कोई अनुमति नहीं थी। ऐसे में पुलिस को पुलिस एक्ट की धारा 30 और 31 के अधीन कार्रवाई करते हुए सड़क अतिक्रमण मुक्त करानी चाहिए थी। लेकिन, पुलिस ने ऐसा नहीं किया और बड़ा हादसा हो गया। हाईकोर्ट ने जमानत आदेश के साथ ही मुख्य सचिव को आदेशित किया है कि ऐसे नियम बनाएं और दिशा निर्देश दें सार्वजनिक परिवहन वाले स्थलों पर ऐेसे अतिक्रमण न हों।
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हाईकोर्ट ने आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए पूरे घटना में जिला प्रशासन की भूमिका पर प्रतिकूल टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि जिले में धारा 144 लगी हुई थी, जिसमें एक साथ पांच लोगों के जुटने पर पाबंदी थी। फिर भी तिकुनिया में दंगल आयोजित हुआ, जिसमें आसपास के जनपदों समेत अन्य राज्यों के लोग भी बड़ी संख्या जुट गए। जिला प्रशासन इस संबंध में मौन धारण किए रहा, जो कि जिला प्रशासन की बड़ी चूक थी।
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सड़क पर प्रदर्शन और जनसभा में कानून का पालन जरूरी
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी के दौरान यह तथ्य भी पाया कि तिकुनिया हेलिपैड स्थल से जो सड़क बनवीरपुर तक पहुंचती है वह महज 12 फीट चौड़ी है। इसके दोनों तरफ प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर रखा था। धारा 144 लगी हुई थी फिर भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर थे। जिनके पास सड़क पर प्रदर्शन करने की कोई अनुमति नहीं थी। ऐसे में पुलिस को पुलिस एक्ट की धारा 30 और 31 के अधीन कार्रवाई करते हुए सड़क अतिक्रमण मुक्त करानी चाहिए थी। लेकिन, पुलिस ने ऐसा नहीं किया और बड़ा हादसा हो गया। हाईकोर्ट ने जमानत आदेश के साथ ही मुख्य सचिव को आदेशित किया है कि ऐसे नियम बनाएं और दिशा निर्देश दें सार्वजनिक परिवहन वाले स्थलों पर ऐेसे अतिक्रमण न हों।
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