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Lakhimpur Kheri News: जापान में अपने हुनर का प्रदर्शन कर सकेंगे तीन बच्चे
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लखीमपुर खीरी। माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत तीन छात्र-छात्राओं को जापान जाने का मौका मिल सकता है। शासन को उनके नाम भेजे गए हैं।
जापान विज्ञान और प्रौद्योगिकी एजेंसी द्वारा जापान साइंस हाईस्कूल प्रोग्राम के तहत खीरी जिले के विद्यार्थियों को विदेश जाने का मौका मिलेगा। यहां के बच्चे जापान जाकर अपने ज्ञान का आदान-प्रदान करने का मौका मिलेगा।
डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज की दो छात्राएं अंशिका वर्मा, शुभी विश्वकर्मा सहित राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र गौरव यादव का नाम भेजा जा रहा है। बच्चों के अभिभावकों से भी संस्तुति लेने की प्रक्रिया की जा रही है। अभिभावकों और नियमों पर खरी उतरने के बाद इन्हीं छात्र छात्राओं को जापान भेजा जाएगा।
सात सितम्बर को जाएंगे जापान
डीआईओएस डॉ. महेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रक्रिया चल रही है। संस्तुति मिलने के बाद सात सितंबर को बच्चे रवाना होंगे। बच्चे विभिन्न देशों से आने वाले बच्चों के बीच अपने ज्ञान का आदान प्रदान करेंगे।
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इन नियमों पर खरे उतरे तो जाएंगे जापान
चयनित होने वाले छात्र-छात्राओं की उम्र 15 साल होनी चाहिए।
बच्चे विज्ञान वर्ग में ही प्रवेश लिया हो।
चयनित छात्र-छात्राएं अंग्रेजी बोलने में सक्षम होने चाहिए।
पहले से कभी जापान भ्रमण न किया हो।
कोई गंभीर बीमारी से ग्रसित न हो।
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जापान विज्ञान और प्रौद्योगिकी एजेंसी द्वारा जापान साइंस हाईस्कूल प्रोग्राम के तहत खीरी जिले के विद्यार्थियों को विदेश जाने का मौका मिलेगा। यहां के बच्चे जापान जाकर अपने ज्ञान का आदान-प्रदान करने का मौका मिलेगा।
डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज की दो छात्राएं अंशिका वर्मा, शुभी विश्वकर्मा सहित राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र गौरव यादव का नाम भेजा जा रहा है। बच्चों के अभिभावकों से भी संस्तुति लेने की प्रक्रिया की जा रही है। अभिभावकों और नियमों पर खरी उतरने के बाद इन्हीं छात्र छात्राओं को जापान भेजा जाएगा।
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सात सितम्बर को जाएंगे जापान
डीआईओएस डॉ. महेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रक्रिया चल रही है। संस्तुति मिलने के बाद सात सितंबर को बच्चे रवाना होंगे। बच्चे विभिन्न देशों से आने वाले बच्चों के बीच अपने ज्ञान का आदान प्रदान करेंगे।
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इन नियमों पर खरे उतरे तो जाएंगे जापान
चयनित होने वाले छात्र-छात्राओं की उम्र 15 साल होनी चाहिए।
बच्चे विज्ञान वर्ग में ही प्रवेश लिया हो।
चयनित छात्र-छात्राएं अंग्रेजी बोलने में सक्षम होने चाहिए।
पहले से कभी जापान भ्रमण न किया हो।
कोई गंभीर बीमारी से ग्रसित न हो।