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आबादी में फिर घुस आया बाघ, ग्रामीण दहशत में
ब्यूरो बांकेगंज।
Updated Sun, 03 Apr 2016 12:07 AM IST
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बाघ
- फोटो : अमर उजाला
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- ग्रामीणों के मुताबिक बूढ़ा होने के कारण खेतों में डेरा डाले है बाघ
सोहनरा भूड़ में मैलानी रेंज जंगल से भटककर आए बाघ ने आबादी के निकट डेरा जमा लिया है। यह बाघ बीती रात एक फार्म हाउस के इर्द-गिर्द चक्कर लगाता रहा। हालांकि इस बाघ ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया, फिर भी लोग दहशत में हैं।
बता दें कि करीब 15 दिन पहले इसी स्थान पर एक बाघ ने खेत की रखवाली कर रहे किसान तरसेम सिंह पर हमला किया था। जिनकी बाद में मौत हो गई थी। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज अंतर्गत जटपुरा बीट से निकलकर यह बाघ पिछले 15 दिनों से आबादी के आसपास ही मंडरा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों जगतार सिंह, धर्मेंद्र, जयचंद्र, मोहम्मद रजा आदि ने बताया कि देखने में यह बाघ उम्र दराज लगता है। उस बूढे़ बाघ के दोनों पैर आगे से मुड़े हुए हैं, जिससे उसे चलने में भी दिक्कत होती है। शिकार न कर पाने के कारण जंगल किनारे खेतों में आ गया है। ताकि उसे पेट भरने के लिए आसान शिकार मिल सके। आबादी के निकट बाघ की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में हैं। उन्हें अपने बच्चों, मवेशियों की चिंता सता रही है। शुक्रवार रात जंगल से सटे गांव सोहनरा भूड़ निवासी किसान जगतार सिंह के झाले में बाघ घुस आया, बाघ के दहाड़ने की आवाज सुनकर परिवारजनों को उसकी मौजूदगी का अहसास हुआ। ग्रामीणों ने बाघ की मौजूदगी की सूचना वन विभाग को दी है। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे फारेस्टर ब्रजेश कुमार और वन रक्षक ने बाघ के पैरों के निशान देखकर आबादी के निकट बाघ के मौजूदगी की पुष्टि की है। उधर इस संबंध में रेंजर मैलानी डीएस यादव ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर वनकर्मियों की टीम को निगरानी पर लगाया गया है। ग्रामीणों की सूचना के आधार पर कहा जा सकता है कि यह बाघ उम्रदराज होने के कारण जंगल के बाहर आ गया है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
ग्राम प्रधान किसान के घर लगवाएंगे सोलर लाइट
ग्राम प्रधान कुलवंत सिंह उर्फ कक्की ने बताया कि सोहनरा भूड़ निवासी किसान जगतार सिंह के घर सोलर लाइट लगवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जंगल के निकट सोलर लाइट लगने के बाद उस इलाके में बाघ आने की संभावना कम हो जाएगी।
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सोहनरा भूड़ में मैलानी रेंज जंगल से भटककर आए बाघ ने आबादी के निकट डेरा जमा लिया है। यह बाघ बीती रात एक फार्म हाउस के इर्द-गिर्द चक्कर लगाता रहा। हालांकि इस बाघ ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया, फिर भी लोग दहशत में हैं।
बता दें कि करीब 15 दिन पहले इसी स्थान पर एक बाघ ने खेत की रखवाली कर रहे किसान तरसेम सिंह पर हमला किया था। जिनकी बाद में मौत हो गई थी। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज अंतर्गत जटपुरा बीट से निकलकर यह बाघ पिछले 15 दिनों से आबादी के आसपास ही मंडरा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों जगतार सिंह, धर्मेंद्र, जयचंद्र, मोहम्मद रजा आदि ने बताया कि देखने में यह बाघ उम्र दराज लगता है। उस बूढे़ बाघ के दोनों पैर आगे से मुड़े हुए हैं, जिससे उसे चलने में भी दिक्कत होती है। शिकार न कर पाने के कारण जंगल किनारे खेतों में आ गया है। ताकि उसे पेट भरने के लिए आसान शिकार मिल सके। आबादी के निकट बाघ की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में हैं। उन्हें अपने बच्चों, मवेशियों की चिंता सता रही है। शुक्रवार रात जंगल से सटे गांव सोहनरा भूड़ निवासी किसान जगतार सिंह के झाले में बाघ घुस आया, बाघ के दहाड़ने की आवाज सुनकर परिवारजनों को उसकी मौजूदगी का अहसास हुआ। ग्रामीणों ने बाघ की मौजूदगी की सूचना वन विभाग को दी है। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे फारेस्टर ब्रजेश कुमार और वन रक्षक ने बाघ के पैरों के निशान देखकर आबादी के निकट बाघ के मौजूदगी की पुष्टि की है। उधर इस संबंध में रेंजर मैलानी डीएस यादव ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर वनकर्मियों की टीम को निगरानी पर लगाया गया है। ग्रामीणों की सूचना के आधार पर कहा जा सकता है कि यह बाघ उम्रदराज होने के कारण जंगल के बाहर आ गया है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
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ग्राम प्रधान किसान के घर लगवाएंगे सोलर लाइट
ग्राम प्रधान कुलवंत सिंह उर्फ कक्की ने बताया कि सोहनरा भूड़ निवासी किसान जगतार सिंह के घर सोलर लाइट लगवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जंगल के निकट सोलर लाइट लगने के बाद उस इलाके में बाघ आने की संभावना कम हो जाएगी।
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