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Lakhimpur Kheri News: हरियाली की हकीकत... ट्री-गार्ड टूटे, पौधे सूखे
Tue, 24 Feb 2026 11:29 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 24 Feb 2026 11:29 PM IST
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मैगलगंज में देखरेख के अभाव में सूख गए पौधे। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले में हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों में हरियाली की तस्वीर उत्साहजनक दिखाई देती है, लेकिन जमीनी पड़ताल में कई स्थानों पर पौधे सूखे, उखड़े या पूरी तरह गायब हैं। कई जगह ट्री-गार्ड टूटे पड़े हैं, तो कहीं पौधों के स्थान पर केवल खाली गड्ढे नजर आए।
वन विभाग के अनुसार, जुलाई 2025 में 96.75 लाख पौधे रोपे गए, जिनमें लगभग 70 प्रतिशत पौधों के जीवित होने का दावा किया गया है। इससे पहले वर्ष 2024 में 96.18 लाख पौधे लगाए गए थे, जिनमें करीब 60 प्रतिशत के सुरक्षित होने की बात कही गई। वर्ष 2024-25 में 24.15 लाख पौधे वन विभाग की ओर से लगाए गए, जिनमें 23.67 लाख के जीवित होने का दावा है। विभाग का कहना है कि सभी पौधों की शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग कर निगरानी ‘हरीतिमा ऐप’ के माध्यम से की जा रही है।
हालांकि शहर से लेकर ग्रामीण और हाईवे क्षेत्रों तक की स्थिति इन दावों से मेल नहीं खाती। कई स्थानों पर पौधों को पानी और देखरेख न मिलने से वे सूख गए। कुछ जगह ट्री-गार्ड क्षतिग्रस्त मिले, जिससे पशुओं से सुरक्षा भी नहीं हो सकी।
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घोसियाना रोड पर जुलाई में लगाए गए अधिकांश पौधों के ट्री-गार्ड टूटे मिले और पौधे नष्ट हो चुके हैं। सिविल लाइंस क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास ट्री-गार्ड तो मौजूद हैं लेकिन पौधे सूख गए। कचहरी मार्ग पर भी कई पौधे ट्री-गार्ड के भीतर ही सूखे पाए गए।
-- -हाईवे किनारे बिना सुरक्षा नष्ट हुए पौधे-- -
गोला गोकर्णनाथ-लखीमपुर नेशनल हाईवे पर राजगंज तक कई स्थानों पर पौधरोपण किया गया, लेकिन ट्री-गार्ड न होने से पशुओं और आसपास की गतिविधियों से नुकसान हुआ। अधिकांश पौधे नष्ट हो चुके हैं। गोला वन रेंज की गोला पूर्वी, पश्चिमी, अंदेश नगर, रामनगर, सिकंदरपुर और रजानगर बीट में 361 हेक्टेयर क्षेत्र में 4.80 लाख पौधे रोपे गए थे। रेंजर संजीव कुमार तिवारी के अनुसार इनमें दो से तीन प्रतिशत पौधे सूखे हैं। जहां नुकसान हुआ है, वहां पुनः पौधरोपण कराया जाएगा।
मैगलगंज में देखरेख बनी चुनौती
मैगलगंज क्षेत्र में एनएच-30 किनारे करीब चार हजार पौधे लगाए गए थे। कुछ स्थानों पर ट्री-गार्ड लगे हैं, लेकिन अधिकांश पौधे देखभाल के अभाव में सूख चुके हैं। वन दरोगा विनोद भारती ने बताया कि सूखे पौधों के स्थान पर दोबारा रोपण कराया जाएगा।
बेहजम क्षेत्र में ट्री-गार्ड का अभाव
बेहजम क्षेत्र में तालाबों, सड़कों और पार्कों में 15 से 16 हजार पौधे लगाए गए, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था न होने से कई पौधे टूट गए या सूख गए। वन दरोगा उमेश कुमार वर्मा ने बताया कि सुरक्षा के अभाव में नुकसान हुआ है। खीरी थाने के निवास हॉस्टल के पीछे लगाए गए पौधे भी देखरेख के अभाव में नष्ट मिले।
पिछले तीन वर्षों में पौधरोपण
वर्ष रोपे गए पौधों की संख्या (लाख में)
2023-24 : 95.21
2024-25 : 96.18
2025-26 : 96.75
-- -
वन विभाग की तरफ से रोपे गए सभी पौधों की शत-प्रतिशत जिओ-टैगिंग कराई गई है। हरीतिमा ऐप से नियमित निगरानी की जा रही है। पिछले वर्ष लगाए गए पौधों में लगभग 70 प्रतिशत जीवित हैं। जहां कहीं पौधे सूख गए या नष्ट हुए हैं, वहां पुनः पौधरोपण कराया जाएगा।
-तापस मिहिर, डीएफओ
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वन विभाग के अनुसार, जुलाई 2025 में 96.75 लाख पौधे रोपे गए, जिनमें लगभग 70 प्रतिशत पौधों के जीवित होने का दावा किया गया है। इससे पहले वर्ष 2024 में 96.18 लाख पौधे लगाए गए थे, जिनमें करीब 60 प्रतिशत के सुरक्षित होने की बात कही गई। वर्ष 2024-25 में 24.15 लाख पौधे वन विभाग की ओर से लगाए गए, जिनमें 23.67 लाख के जीवित होने का दावा है। विभाग का कहना है कि सभी पौधों की शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग कर निगरानी ‘हरीतिमा ऐप’ के माध्यम से की जा रही है।
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हालांकि शहर से लेकर ग्रामीण और हाईवे क्षेत्रों तक की स्थिति इन दावों से मेल नहीं खाती। कई स्थानों पर पौधों को पानी और देखरेख न मिलने से वे सूख गए। कुछ जगह ट्री-गार्ड क्षतिग्रस्त मिले, जिससे पशुओं से सुरक्षा भी नहीं हो सकी।
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घोसियाना रोड पर जुलाई में लगाए गए अधिकांश पौधों के ट्री-गार्ड टूटे मिले और पौधे नष्ट हो चुके हैं। सिविल लाइंस क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास ट्री-गार्ड तो मौजूद हैं लेकिन पौधे सूख गए। कचहरी मार्ग पर भी कई पौधे ट्री-गार्ड के भीतर ही सूखे पाए गए।
गोला गोकर्णनाथ-लखीमपुर नेशनल हाईवे पर राजगंज तक कई स्थानों पर पौधरोपण किया गया, लेकिन ट्री-गार्ड न होने से पशुओं और आसपास की गतिविधियों से नुकसान हुआ। अधिकांश पौधे नष्ट हो चुके हैं। गोला वन रेंज की गोला पूर्वी, पश्चिमी, अंदेश नगर, रामनगर, सिकंदरपुर और रजानगर बीट में 361 हेक्टेयर क्षेत्र में 4.80 लाख पौधे रोपे गए थे। रेंजर संजीव कुमार तिवारी के अनुसार इनमें दो से तीन प्रतिशत पौधे सूखे हैं। जहां नुकसान हुआ है, वहां पुनः पौधरोपण कराया जाएगा।
मैगलगंज में देखरेख बनी चुनौती
मैगलगंज क्षेत्र में एनएच-30 किनारे करीब चार हजार पौधे लगाए गए थे। कुछ स्थानों पर ट्री-गार्ड लगे हैं, लेकिन अधिकांश पौधे देखभाल के अभाव में सूख चुके हैं। वन दरोगा विनोद भारती ने बताया कि सूखे पौधों के स्थान पर दोबारा रोपण कराया जाएगा।
बेहजम क्षेत्र में ट्री-गार्ड का अभाव
बेहजम क्षेत्र में तालाबों, सड़कों और पार्कों में 15 से 16 हजार पौधे लगाए गए, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था न होने से कई पौधे टूट गए या सूख गए। वन दरोगा उमेश कुमार वर्मा ने बताया कि सुरक्षा के अभाव में नुकसान हुआ है। खीरी थाने के निवास हॉस्टल के पीछे लगाए गए पौधे भी देखरेख के अभाव में नष्ट मिले।
पिछले तीन वर्षों में पौधरोपण
वर्ष रोपे गए पौधों की संख्या (लाख में)
2023-24 : 95.21
2024-25 : 96.18
2025-26 : 96.75
वन विभाग की तरफ से रोपे गए सभी पौधों की शत-प्रतिशत जिओ-टैगिंग कराई गई है। हरीतिमा ऐप से नियमित निगरानी की जा रही है। पिछले वर्ष लगाए गए पौधों में लगभग 70 प्रतिशत जीवित हैं। जहां कहीं पौधे सूख गए या नष्ट हुए हैं, वहां पुनः पौधरोपण कराया जाएगा।
-तापस मिहिर, डीएफओ

मैगलगंज में देखरेख के अभाव में सूख गए पौधे। संवाद

मैगलगंज में देखरेख के अभाव में सूख गए पौधे। संवाद

मैगलगंज में देखरेख के अभाव में सूख गए पौधे। संवाद